दिल्ली सरकार के इन लाखों कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी, मिलेगी 20 लाख की ग्रेच्युटी!

ग्रेजुएटी (Gratuity) को 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रूपये करने के फैसले को दिल्ली सरकार ने लागू करने का निर्णय किया है. (फाइल फोटो)

दिल्ली सरकार (Delhi Government) के दिल्ली परिवहन विभाग (DTC) के कर्मचारियों को 10 लाख की जगह ₹20 लाख ग्रेच्युटी दी जाएगी. डीटीसी बोर्ड ने इस फैसले को आज मंजूरी दे दी है. बोर्ड मीटिंग की अध्यक्षता परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत (Kailash Gehlot) ने की.

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    नई दिल्ली. केंद्र सरकार (Central Government) की ओर से ग्रेच्युटी (Gratuity) को 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपये करने के फैसले को दिल्ली सरकार ने भी अपने विभागों में लागू करने का निर्णय किया है. दिल्ली सरकार (Delhi Government) के दिल्ली परिवहन विभाग (DTC) के कर्मचारियों को  10 लाख की जगह ₹20 लाख ग्रेच्युटी दी जाएगी. डीटीसी बोर्ड ने इस फैसले को आज मंजूरी दे दी है. बोर्ड मीटिंग की अध्यक्षता परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत (Kailash Gehlot) ने की.

    इस फैसले को डीटीसी कर्मचारियों के कल्याण से संबंधित महत्वपूर्ण बताते हुए मंजूर किया गया. इस कदम से सभी डीटीसी कर्मचारियों को बड़ा लाभ होगा और उनकी सेवानिवृत्ति की राशि में भी बढ़ोतरी होगी.

    1000 एसी लो फ्लोर बसें खरीदी जाएंगी
    इसके अलावा परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत की अध्यक्षता में निदेशक मंडल की मीटिंग में 1000 एसी लो फ्लोर सीएनजी (BS-6 अनुपालित) बसों की खरीद के लिए भी धनराशि को भी मंजूरी दे दी गई है. बोर्ड ने प्रति बस 7,50,000 किलोमीटर तक 12 वर्ष के लिए बसों के वार्षिक रखरखाव के लिए बीमा धनराशि को भी मंजूरी दी. ये नई लो फ्लोर सीएनजी बसें स्टेट ऑफ द आर्ट (State of the Art) सुविधाओं जैसे रियल-टाइम पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम, सीसीटीवी, पैनिक बटन, जीपीएस से लैस होंगी. साथ ही दिव्यांग यात्रियों की सुविधाओं का भी इन बसों में खास ध्यान रखा गया है.

    बोर्ड मीटिंग के बाद जारी बयान में परिवहन मंत्री  कैलाश गहलोत ने भी कहा है कि आज, हमने 1000 लो फ्लोर सीएनजी बसों (Low Floor CNG Busses) की खरीद के साथ-साथ इन बसों के व्यापक वार्षिक रखरखाव के लिए धनराशि को भी मंजूरी दी है. इस फैसले से बसों के डाउनटाइम को कम करने के साथ-साथ यात्री-अनुभव को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी.

    किसे मिलती है ग्रेच्‍युटी
    बता दें कि ग्रेच्युटी का भुगतान अधिनियम, 1972  के तहत नौकरीपेशा कर्मचारियों को दिया जाता है. यह उन सभी संस्‍थानों पर लागू होता है, जिसमें 10 या इससे अधिक कर्मी होते हैं. इसका मकसद कर्मचारियों को उनके रिटायर होने के बाद सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना होता है. ग्रेच्युटी किसी भी कर्मचारी को तभी मिलती है जो नौकरी में लगातार करीब 5 साल तक काम कर चुका हो. ऐसे कर्मचारी की सेवा को पांच साल की अनवरत सेवा माना जाता है. आमतौर पर 5 साल की सर्विस के बाद ही कोई कर्मचारी ग्रेच्युटी का हकदार बनता है.

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