होमताजा खबरदिल्ली-एनसीआर
कट सकता है 10,000 रुपये का चालान, इन 82 लाख गाड़ियों पर है परिवहन विभाग की नजर
दिल्ली में कट सकता है 10, 000 रुपये का चालान... इन 82 लाख गाड़ियों पर है परिवहन विभाग की नजर
Written by:
Last Updated:
परिवहन विभाग ने पॉल्यूशन से निजात दिलाने के लिए नया ट्रैफिक प्लान तैयार किया है. इस प्लान के तहत अगर आपने गाड़ियों प्रदूषण जांच न कराई तो 10,000 रुपये का चालान भी काटा जा सकता है.

नई दिल्ली. दिल्ली की ट्रैफिक व्यवस्था को और दुरुस्त करने की कवायद तेज हो गई है. दिल्ली परिवहन विभाग ने पॉल्यूशन से निजात दिलाने के लिए नया ट्रैफिक प्लान तैयार किया है. इस प्लान के तहत अगर आपने गाड़ियों की प्रदूषण जांच न कराई तो 10,000 रुपये का चालान भी काटा जा सकता है. इसके लिए दिल्ली परिवहन विभाग अब कैमरे से नजर रखेगी और ई-चालान भी भेजेगी. इस प्लान के तहत दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग ने राजधानी के 4 पेट्रोल पंपों पर कैमरा लगाया है. दिल्ली परिवहन विभाग की मानें तो यह ट्रायल सफल रहा है और अगले कुछ महीनो में दिल्ली के 500 पेट्रोल पंप पर भी कैमरे लगाए जाएंगे.
दिल्ली में गाड़ियों की प्रदूषण जांच (पीयूसी) न कराने वाले वाहन मालिकों को अब ई-चालान भेजा जाएगा. सूचना भेजने के 3 घंटे के अंदर अघर आपने प्रदूषण जांच न कराई तो फिर ई-चालान भेज दिया जाएगा. दिल्ली परिवहन विभाग की मानें तो 4 पेट्रोल पंप के बाद पूरे दिल्ली में पहले चरण में 100 पेट्रोल पंप पर कैमरे लगाए जाएंगे. पेट्रोल पंप पर आने वाले सभी वाहनों के नंबर से पता चल जाएगा कि गाड़ियों में प्रदूषण जांच हुई है या नहीं.
दिल्ली परिवहन विभाग ने अब पूरे दिल्ली में कैमरे के साथ डिजिटल स्क्रीन लगाने की तैयारी शुरू कर दी है. (फोटो साभारः PTI)
दिल्ली में गाड़ियों पर सख्ती की तैयारी
इसके बाद दिल्ली परिवहन विभाग वाहन मालिक को तीन घंटे का समय देगा और अगर इन तीन घंटों में जांच न कराने पर ई-चालान भेज दिया जाएगा. परिवहन विभाग ने पिछले साल यह जांच शुरू की थी. इस दौरान करीब 20 हजार से अधिक वाहनों की जांच की गई. जांच में सामने आया कि पेट्रोल पंप पर आने वाले 16 फीसदी वाहनों का पीयूसी प्रमाण पत्र वैध नहीं था.
इसके बाद दिल्ली परिवहन विभाग वाहन मालिक को तीन घंटे का समय देगा और अगर इन तीन घंटों में जांच न कराने पर ई-चालान भेज दिया जाएगा. परिवहन विभाग ने पिछले साल यह जांच शुरू की थी. इस दौरान करीब 20 हजार से अधिक वाहनों की जांच की गई. जांच में सामने आया कि पेट्रोल पंप पर आने वाले 16 फीसदी वाहनों का पीयूसी प्रमाण पत्र वैध नहीं था.
इसके बाद दिल्ली परिवहन विभाग ने अब पूरे दिल्ली में कैमरे के साथ डिजिटल स्क्रीन लगाने की तैयारी शुरू कर दी है. इस पर वाहन की नंबर प्लेट को रीड करने के बाद उस वाहन के प्रदूषण जांच की पूरी जानकारी नजर आएगी. इसमें अगर रेड है तो पीयूसी वैध नहीं माना जाएगा और अगर ग्रीन सिग्ननल है तो पीयूसी वैध माना जाएगा. पेट्रोल पंप के कर्मचारी या वहां बना प्रदूषण जांच केंद्र का कर्मी इस बारे में वाहन मालिक से जांच कराने के लिए कहेगा. इसके बाद भी वाहन चालक जांच नहीं कराता है तो अगले तीन घंटे बाद उसका ई-चालान जारी हो जाएगा.
दिल्ली परिवहन विभाग के इस कदम से गाड़ियों से निकलने वाले पॉल्यूशन पर कंट्रोल किया जा सकता है. (फाइल फोटो)
Advertisement
दिल्ली परिवहन विभाग के इस कदम से गाड़ियों से निकलने वाले पॉल्यूशन पर कंट्रोल किया जा सकता है. इसके तहत अब दिल्ली के 500 से अधिक पेट्रोल पंप पर आने वाले दिनों में कैमरा लगाने की तैयारी शुरू हो गई है. अभी 4 स्थानों पर ट्रायल चल रहा है और अगले कुछ दिनो में 100 और स्थानों पर कैमरे लगाए जाएंगे. इसमें तकरीबन 6 करोड़ रुपये की लागत आएगी.
About the Author
रविशंकर सिंहचीफ रिपोर्टर
भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले रविशंकर सिंह सहारा समय न्यूज चैनल, तहलका, पी-7 और लाइव इंडिया न्यूज चैनल के अलावा फर्स्टपोस्ट हिंदी डिजिटल साइट में भी काम कर चुके हैं. राजनीतिक खबरों के अलावा...और पढ़ें
और पढ़ें