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Public Opinion: दिल्ली की सड़कों से गायब होंगे 50000 ई-रिक्शा, चालकों का दर्द
Public Opinion: दिल्ली की सड़कों से गायब होंगे 50000 ई-रिक्शा, आदेश के बाद छलका ई-रिक्शा चालकों का दर्द
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Public Opinion Delhi: बिहार से आए और दिल्ली में पिछले 8 वर्षों से रिक्शा चला रहे मोहम्मद ने कहा कि अगर इस तरह से ई-रिक्शा हटाए जाएंगे, तो यह गरीबों के लिए बेहद दुखद होगा. क्योंकि यही उनकी रोजी-रोटी का साधन है. हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि जो लोग अवैध तरीके से ई-रिक्शा चला रहे हैं, उनके खिलाफ यह फैसला सही है.
रिया पांडे/दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली की सड़कों से बैटरी वाले ई-रिक्शा हटाने के लिए परिवहन विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है. विभाग के अनुसार, दिल्ली में करीब 1.5 लाख ई-रिक्शा के पास लाइसेंस हैं. लेकिन इनमें से सिर्फ एक लाख ई-रिक्शा ही फिटनेस प्रमाणपत्र प्राप्त करते हैं, जबकि 50,000 रिक्शा बिना फिटनेस प्रमाणपत्र के चल रहे हैं. इस स्थिति को देखते हुए परिवहन विभाग ने अवैध और फिटनेस प्रमाणपत्र के बिना चल रहे ई-रिक्शा के खिलाफ सख्त अभियान शुरू किया है. जल्द ही इस कार्रवाई के लिए विशेष टीमें बनाई जाएंगी, जो लाइसेंसधारी ई-रिक्शा जिनकी फिटनेस नहीं हुई है, उन्हें भी हटाएंगी.
इस आदेश के बाद लोकल 18 की टीम ने दिल्ली के निज़ामुद्दीन इलाके में कई ई-रिक्शा चालकों से बातचीत की. आइए जानते हैं कि इस आदेश का ई-रिक्शा चालकों पर क्या असर पड़ेगा.
रिक्शा चालक मोहम्मद
बिहार से आए और दिल्ली में पिछले 8 वर्षों से रिक्शा चला रहे मोहम्मद ने कहा कि अगर इस तरह से ई-रिक्शा हटाए जाएंगे, तो यह गरीबों के लिए बेहद दुखद होगा. क्योंकि यही उनकी रोजी-रोटी का साधन है. हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि जो लोग अवैध तरीके से ई-रिक्शा चला रहे हैं, उनके खिलाफ यह फैसला सही है.
बिहार से आए और दिल्ली में पिछले 8 वर्षों से रिक्शा चला रहे मोहम्मद ने कहा कि अगर इस तरह से ई-रिक्शा हटाए जाएंगे, तो यह गरीबों के लिए बेहद दुखद होगा. क्योंकि यही उनकी रोजी-रोटी का साधन है. हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि जो लोग अवैध तरीके से ई-रिक्शा चला रहे हैं, उनके खिलाफ यह फैसला सही है.
रिक्शा चालक हैदर
दिल्ली में 12 वर्षों से रिक्शा चला रहे हैदर ने अपनी चिंता जाहिर करते हुए कहा कि कई बार फिटनेस प्रमाणपत्र होने के बावजूद उन्हें परेशान किया जाता है. उन्होंने आगे कहा, “जो लोग अवैध रूप से ई-रिक्शा चला रहे हैं, उनके लिए यह फैसला सही है, लेकिन इससे कई गरीब परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि उनके लिए रिक्शा चलाना ही एकमात्र आजीविका का साधन है.” उन्होंने सुझाव दिया कि सभी को अपने ई-रिक्शा के कागजात और फिटनेस प्रमाणपत्र मेंटेन करके रखने चाहिए ताकि ऐसे मुद्दों से बचा जा सके.
दिल्ली में 12 वर्षों से रिक्शा चला रहे हैदर ने अपनी चिंता जाहिर करते हुए कहा कि कई बार फिटनेस प्रमाणपत्र होने के बावजूद उन्हें परेशान किया जाता है. उन्होंने आगे कहा, “जो लोग अवैध रूप से ई-रिक्शा चला रहे हैं, उनके लिए यह फैसला सही है, लेकिन इससे कई गरीब परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि उनके लिए रिक्शा चलाना ही एकमात्र आजीविका का साधन है.” उन्होंने सुझाव दिया कि सभी को अपने ई-रिक्शा के कागजात और फिटनेस प्रमाणपत्र मेंटेन करके रखने चाहिए ताकि ऐसे मुद्दों से बचा जा सके.
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Rohit rajput
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