हरियाणा: CM फ्लाइंग ने यमुनानगर में खनन जोन में की रेड, एक पोकलेन मशीन की सीज
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Agency:News18 Haryana
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CM Flying Raid: वहीं इस पूरी कार्यवाही पर सवालिया निशान खड़े करते हुए पिछले 3 वर्षों से अवैध माइनिंग के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ने वाले समाजसेवी एवं पर्यावरण प्रेमी एडवोकेट वरयाम सिंह ने कहा कि यह कार्यवाही केवल मात्र औपचारिक्ता भर है.

यमुनानगर. दिन-रात चल रहा अवैध माइनिंग का खेल उस वक्त थम गया जब बीती रात सीएम फ्लाइंग ने यमुनानगर के बूडिया इलाके के नजदीक खनन जॉन में रेड की. सीएम फ्लाइंग ने मौके से खनन करती एक पोक लाइन मशीन को कब्जे में लेकर उस पर कार्यवाही शुरू कर दी गई. सीएम फ्लाइंग के अधिकारी मीडिया के सवालों से बचते हुए नजर आए. मीडिया टीमों के मौके पर आते ही निकल गए.
अधिकारियों का कहना है कि संबधित विभाग आज की कार्यवाही के बारे में मीडिया को बता देगा जबकि सीएम फ्लाइंग को क्या शिकायते मिल रही थी और यह रेड क्यों की गई इस बारे में वह कन्नी काटते हुए नजर आए. ऑफ द रिकॉर्ड मिली जानकारी के मुताबिक यहां किसी भी कंपनी को अभी तक ठेका नहीं मिला है. इसके बावजूद यहां खनन कार्य बदस्तूर जारी है. इसी संबंध में लगातार शिकायतें मिलने के बाद सीएम फ्लाइंग यहां पहुंची और ड्रोन कैमरे से यमुना घाटों की शूटिंग की.
यह भी खबर है कि इस रेड के बारे में स्थानीय प्रशासन को भी सूचित नहीं किया गया था. माइनिंग अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री उड़न दस्ता की टीम ने रेड के दौरान अवैध रूप से खनन करते एक पॉक लाइन मशीन को पकड़ा है, जिसका ड्राइवर मौके से फरार हो गया और मशीन को बूडिया थाने में आगामी कार्यवाही के लिए दे दिया गया है.
पर्यावरण प्रेमी एडवोकेट वरयाम सिंह ने उठाए सीएम फ्लाइंग रेड पर सवाल
वहीं इस पूरी कार्यवाही पर सवालिया निशान खड़े करते हुए पिछले 3 वर्षों से अवैध माइनिंग के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ने वाले समाजसेवी एवं पर्यावरण प्रेमी एडवोकेट वरयाम सिंह ने कहा कि यह कार्यवाही केवल मात्र ओपचारिक्ता भर है. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या इतने बड़े माइनिंग जॉन में केवल एक पोकलाइन मशीन चल रही थी? उनकी मानें तो वहां बहुत सारे वाहन और मशीने थी. मगर अधिकारियों की मिली भगत से केवल खाना पूर्ती की गई है.
वहीं इस पूरी कार्यवाही पर सवालिया निशान खड़े करते हुए पिछले 3 वर्षों से अवैध माइनिंग के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ने वाले समाजसेवी एवं पर्यावरण प्रेमी एडवोकेट वरयाम सिंह ने कहा कि यह कार्यवाही केवल मात्र ओपचारिक्ता भर है. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या इतने बड़े माइनिंग जॉन में केवल एक पोकलाइन मशीन चल रही थी? उनकी मानें तो वहां बहुत सारे वाहन और मशीने थी. मगर अधिकारियों की मिली भगत से केवल खाना पूर्ती की गई है.
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वरयाम सिंह ने बताया कि वह पिछले तीन वर्षों से हरियाणा सरकार से मांग कर रहे है कि हरियाणा में अवैध माइनिंग का कार्य प्रदेश का सबसे बड़ा घौटाला साबित हो सकता है. अवैध माइनिंग और ओवरलोड वाहनों से राष्ट्रीय संपत्ति सड़को को होने वाले नुकसान को देखने के लिए ऑन कैमरा रेड की जाएं. इससे दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा, अगर रात की कार्यवाही भी ऑन कैमरा होती तो एक बड़े नुक्सान की तस्वीर सामने आ सकती थी, मगर कुछ अधिकारियों की मिली भगत के चलते ऐसा नहीं हो पाता. हर बार औपचारिक्ता कर सरकार को नुक्सान पहुंचाया जाता है.
वरयाम सिंह ने मांग करते हुए कहा कि जिन ठेकेदारों को माइनिंग के लिए जमीन लीज़ पर दी गई है. वह भी दिन रात यमुना नदी के अंदर 40 से 50 फीट तक खनन कर रहें है. यहां तक की तटबंधो के पास जाकर खुदाई की जाती है. जिस इलाके की जमीन ठेके में नही दी गई वहां भी खुदाई की जाती है. इसकी जांच शिकायतकर्ता को साथ लेकर ऑन कैमरा रेड के दौरान करनी चाहिए.
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