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हिमाचल सरकार ने खोला नौकरियों का पिटारा, भरे जाएंगे 2 हजार से ज्यादा पद, जानें

साल की आखिरी कैबिनेट बैठक में हिमाचल सरकार ने खोला नौकरियों का पिटारा, भरे जाएंगे 2 हजार से ज्यादा पद, जानें आपके लिए क्या

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Himachal Government Job Announcement : सीबीएसई से जुड़े स्कूलों में पढ़ाने के लिए शिक्षकों का टेस्ट होगा. 400 पद अंग्रेजी और 400 पद मैथ्स, 100 पद योगा टीचर्स के भरे जाएंगे. 100 पद स्पेशल एजुकेटर, 300 पद मल्टी टास्क वर्कर्स, 100 पद चौकीदार के भरे जाएंगे. असिस्टेंट स्टाफ नर्स के 600 पद भरने को भी मंजूरी. बद्दी के शीतलपुर में 3400 बीघा क्षेत्र में वर्ल्ड क्लास टॉउनशिप बनाने की योजना पर भी मुहर लगाई गई है.

हिमाचल सरकार ने खोला नौकरियों का पिटारा, भरे जाएंगे 2 हजार से ज्यादा पद, जानेंZoom
हिमाचल प्रदेश के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू.
शिमला. साल 2025 की आखिरी कैबिनेट बैठक में हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने नौकरियों का पिटारा खोल दिया है. मंगलवार को राजधानी शिमला में राज्य सचिवालय में सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में सरकारी क्षेत्र में विभिन्न श्रेणियों के 2 हजार से ज्यादा पद भरने को मंजूरी दी गई. सीबीएसई से एफिलेटिड 100 स्कूलों में आधारभूत ढांचे के निर्माण के लिए 100 करोड़ देने का भी फैसला लिया गया. मंत्रिमंडल ने राज्य के 100 चिन्हित किए गए सीबीएसई स्कूलों के लिए भर्ती, प्रशिक्षण, कार्यकाल और प्रदर्शन मूल्यांकन मानदंडों के साथ एक समर्पित सब-कैडर बनाने को भी मंजूरी दी है यानि इन स्कूलों में अलग से स्टाफ नियुक्त किया जाएगा. कैबिनेट ने इस स्कूलों में अंग्रेजी शिक्षकों के 400 पद, गणित विषय के शिक्षकों को 400 पद, योगा टीचर के 100 पद, स्पेशल एजुकेटर के 100 पद, मल्टी टास्क वर्कर के 300 पद और चौकीदारों को 100 पद भरने को मंजूरी दी.

उद्योग मंत्री ने बताई पूरी बात
मंत्रिमंडल ने सोलन जिला के औद्योगिक क्षेत्र बद्दी में हिमाचल और चंडीगढ़ की सीमा के साथ लगते शीतलपुर में 3400 बीघा क्षेत्र में वर्ल्ड क्लास टॉउनशिप बनाने को मंजूरी दी. इसके लिए हॉउसिंग विभाग को 3400 बीघा भूमि ट्रांसफर करने का निर्णय लिया गया. अतिरिक्त भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा. इस फैसले की जानकारी देते हुए उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि वर्ल्ड क्लास सिटी के जो मानक हैं, उसी तर्ज पर इसे विकसित किया जाएगा. कैबिनेट ने राज्य के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 53 पद और विभिन्न श्रेणियों के 121 पद भरने का निर्णय लिया है. इनमें टीचिंग व नॉन-टीचिंग फैकल्टी और पैरा मेडिकल स्टाफ के पद शामिल हैं. इसके अतिरिक्त, मंत्रिमंडल ने असिस्टेंट स्टाफ नर्सिंग पॉलिसी के तहत हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग हमीरपुर के माध्यम से असिस्टेंट स्टाफ नर्स के 600 पद सृजित करने को मंजूरी प्रदान की.
20 प्रतिशत इंसेंटिव
बैठक में डॉक्टरेट ऑफ मेडिसन और मास्टर ऑफ चिरुरगिया की योग्यता हासिल करने वाले फैकल्टी डॉक्टरों को बेसिक पे का 20 प्रतिशत इंसेंटिव देने का भी निर्णय लिया गया. मंत्रिमंडल ने जल शक्ति विभाग में जॉब ट्रेनी और जूनियर इंजीनियर (सिविल) के 40 रिक्त पदों को भरने की भी मंजूरी दी. इसके अतिरिक्त ग्रामीण विकास विभाग में सीधे भर्ती के माध्यम से खण्ड विकास अधिकारी के 10 पदों को भरने की मंजूरी दी गई. बैठक में धर्मशाला के टोंग-लेन स्कूल में नामांकित और पढ़ने वाले बच्चों और ऐसे बच्चे जिनके दोनों या एक जीवित माता-पिता की दिव्यांगता 70 प्रतिशत या उससे अधिक है, उन्हें भी मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना में सम्मिलित करने का निर्णय लिया गया. बैठक में उन बच्चों को भी सुख-आश्रय योजना के तहत शामिल करने का निर्णय लिया गया, जिनके माता-पिता में से एक की मृत्यु हो गई है और दूसरे ने बच्चे का परित्याग कर दिया है.
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चरवाहों के लिए नया कानून
रियल एस्टेट सेक्टर को प्रोत्साहन प्रदान करने के साथ-साथ रियल एस्टेट बिजनेस में पारदर्शिता लाने और विवादों का तेजी से निपटारा करने के लिए हिमाचल प्रदेश रियल एस्टेट (रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट रूल्स, 2017) के नियम-3 में संशोधन करने का निर्णय लिया गया. मंत्रिमंडल ने ऊना जिले के पालकवाह खास में भवन एवं अन्य सन्निर्माण कल्याण बोर्ड की स्किल डेवलपमेंट इंस्टीट्यूशन बिल्डिंग के उपयोग के प्रस्ताव को मंजूरी दी. अब एसडीआरएफ को इस परिसर में स्थानांतरित किया जाएगा. बैठक में हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र में आजीविका के लिए चरवाहों के रोजगार के तहत लचीली आजीविका के लिए हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र में चरावाहों के लिए रोजगार कार्यक्रम के तहत लचीली आजीविका, चरने वाले पशु और हिमालयी चरवाहों के सशक्तिकरण के लिए एक परियोजना प्रस्ताव को मंजूरी दी. इस परियोजना का लक्ष्य, आजीविका, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखना, चरवाहा प्रथाओं का आधुनिकीकरण करना, स्वदेशी नस्लों का संरक्षण करना और बाजार संबंधों और मूल्य संवर्धन को मजबूत करना है. चरवाहों और उनके पशुधन की सुचारू आवाजाही के लिए नया कानून पेश किया जाएगा और समस्त वन भूमि और घास के मैदान चरावाह पशुओं के लिए खोल दिए जाएंगे.
कैश क्रेडिट लिमिट को मंजूरी
मंत्रिमंडल ने मिल्कफेड और राष्ट्रीय दुग्ध विकास बोर्ड की ओर से नाहन, नालागढ़, मोहाल और रोहड़ू में दूध प्रसंस्करण संयंत्र, हमीरपुर जिले के जलाड़ी में मिल्क चिलिंग सेंटर, ऊना जिले के झलेड़ा में बल्क मिल्क कूलर और करसोग और पांगी में इसी तरह की अधोसंरचना स्थापित करने का निर्णय लिया है. हिमाचल प्रदेश मिल्कफेड लिमिटेड को वर्ष 2025-26 और 2026-27 के दौरान दूध खरीद लागत में वृद्धि के फलस्वरूप कार्यशील पूंजी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए 60 करोड़ रुपये की कैश क्रेडिट लिमिट को भी मंजूरी दी गई. दूध उपकर के लिए एक अलग खाता खोला जाएगा ताकि किसानों को नियमित रूप से दूध की खरीद का भुगतान किया जा सके.
मलोट में नशा मुक्ति केंद्र
कैबिनेट ने हिमाचल प्रदेश भूमि संरक्षण अधिनियम, 1978 में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की. इसके तहत प्राकृतिक आपदाओं, बीमारी, कीट प्रकोप इत्यादि के कारण सूखे चीड़ के पेड़ों का सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के उपरांत कटान किया जा सकेगा. मंत्रिमंडल ने राजीव गांधी लघु दुकानदार सुख कल्याण योजनादृशहरी में संशोधन को भी मंजूरी दी. इसके अंतर्गत बैंकों द्वारा एनपीए घोषित किए गए छोटे दुकानदारों के 2 लाख रुपये तक के व्यवसायिक ऋण पर राज्य सरकार द्वारा अधिकतम 1 लाख रुपये तक की एकमुश्त निपटान सहायता प्रदान की जाएगी. मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के मुख्यालय को शिमला से स्थानांतरित कर जिला कांगड़ा के धर्मशाला में स्थापित करने को स्वीकृति प्रदान की. मंत्रिमंडल ने जिला कांगड़ा के इंदौरा क्षेत्र के मलोट में नशा मुक्ति केंद्र स्थापित करने को भी मंजूरी प्रदान की.
बिजली रॉयल्टी पर भी फैसला
मंत्रिमंडल ने मुख्यमंत्री लोक भवन योजना के अंतर्गत किसी भी विधानसभा क्षेत्र में निर्माणाधीन लोक भवनों को आवश्यक रियायत प्रदान करने को भी मंजूरी दी. कैबिनेट ने स्वर्ण जयंती ऊर्जा नीति-2021 में संशोधन को मंजूरी प्रदान की. इसके अनुसार, निःशुल्क बिजली रॉयल्टी को कम की गई समान दर पर वसूलने में दी जा रही छूट यानी 12 प्रतिशत निःशुल्क बिजली और 1 प्रतिशत स्थानीय क्षेत्र विकास निधि का लाभ उन परियोजनाओं को भी दिया जाएगा, जिनकी क्षमता 25 मेगावाट तक है और जिनके कार्यान्वयन समझौते पहले ही हस्ताक्षरित हो चुके हैं. यह छूट उन परियोजनाओं पर लागू नहीं होगी जिनके बिजली क्रय समझौते (पावर परचेज एग्रीमेंट) पहले ही हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड के साथ निष्पादित हो चुके हैं. यह छूट उन परियोजनाओं पर भी लागू नहीं होगी जो पहले से ही चालू हो चुकी हैं. मंत्रिमंडल ने राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना के तहत स्टेज कैरिज सेवाओं के रूप में संचालन के लिए 18 से 42 सीटर बसों की खरीद पर भी अपनी मुहर लगाई.

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Priyanshu Gupta
Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu...और पढ़ें
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