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DC ने नहीं किया स्वागत तो भड़के मंत्री गोमा, विशेषाधिकार हनन नोटिस भेजा

हिमाचल में मंत्रियों-अफसरों में टकरावः DC ने नहीं किया स्वागत तो भड़के यादवेंद्र गोमा, विशेषाधिकार हनन नोटिस भेजा

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Himachal News: हिमाचल प्रदेश के खेल मंत्री यादविंदर गोमा ने मंडी डीसी अपूर्व देवगन के खिलाफ गणतंत्र दिवस पर प्रोटोकॉल उल्लंघन को लेकर विधानसभा अध्यक्ष को विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है. मंत्री मंडी में गणतंत्र दिवस मनाने के लिए गए थे लेकिन डीसी और प्रशासन की तरफ से उनकी अगुवाई नहीं की गई और अब इस बात पर वह भड़क गए हैं.

DC ने नहीं किया स्वागत तो भड़के मंत्री गोमा, विशेषाधिकार हनन नोटिस भेजाZoom
मंत्री यादविंदर गोमा ने मंडी डीसी अपूर्व देवगन (IAS) के खिलाफ विधानसभा अध्यक्ष को विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है.
शिमला. हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार के मंत्री ने डीसी मंडी के खिलाफ विधानसभा स्पीकर को प्रिवलेज मोशन को नोटिस सर्व किया है. आरोप है कि मंडी में गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम में मंत्री की अगुवाई के लिए डीसी नहीं पहुंचे और प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया. हालांकि, इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या अधिकारी मंत्री और सरकार को हल्के में ले रहे हैं. अहम बात है कि इससे पहले विक्रमादित्य सिंह ने भी अधिकारियों पर निशाना साधा था.

दरअसल, आयुष, युवा सेवाएं एवं खेल तथा विधि मंत्री यादविंदर गोमा ने मंडी डीसी अपूर्व देवगन (IAS) के खिलाफ विधानसभा अध्यक्ष को विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है. यह नोटिस गणतंत्र दिवस समारोह से एक दिन पहले मंत्री के मंडी पहुंचने पर उपायुक्त के उपलब्ध न होने और सरकारी प्रोटोकॉल के उल्लंघन को लेकर दिया गया है. न्यूज18 के पास नोटिस की कॉपी मौजूद है.
नोटिस में मंत्री यादविंदर गोमा ने बताया कि वे 25 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस समारोह में भाग लेने के लिए मंडी पहुंचे थे, लेकिन उनके मंडी पहुंचने पर न तो उपायुक्त मौजूद थे और न ही उनके कार्यालय की ओर से कोई आधिकारिक संवाद किया गया. मंत्री ने इसे प्रशासनिक लापरवाही और संवैधानिक पद की गरिमा का अपमान बताया है.
मंत्री ने आरोप लगाया कि गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्यक्रम से पहले एक कैबिनेट मंत्री के आगमन पर उपायुक्त का अनुपस्थित रहना न केवल सरकारी प्रोटोकॉल का उल्लंघन है, बल्कि यह विधानसभा और निर्वाचित प्रतिनिधि के प्रति असम्मान को भी दर्शाता है. नोटिस में कहा गया है कि यह लापरवाही कोई सामान्य चूक नहीं मानी जा सकती, क्योंकि यह घटना गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर हुई. मंत्री का कहना है कि इससे प्रशासन की असंवेदनशीलता और उदासीन रवैया सामने आता है.
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उपायुक्त से इस मामले में स्पष्टीकरण तलब करने की मांग
यादविंदर गोमा ने विधानसभा अध्यक्ष से मांग की है कि इस नोटिस को विशेषाधिकार हनन के रूप में स्वीकार किया जाए, मंडी के उपायुक्त से इस मामले में स्पष्टीकरण तलब किया जाए, और भविष्य में संवैधानिक पदों के सम्मान और सरकारी प्रोटोकॉल के सख्त पालन के लिए उचित निर्देश जारी किए जाएं. गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश विधानसभा के नियमों के तहत नियम 75 के अंतर्गत यह नोटिस दिया गया है. अब इस मामले पर विधानसभा अध्यक्ष की ओर से आगे की कार्रवाई की जाएगी.
गौरतलब है कि हाल ही में विक्रमादित्य सिंह ने भी अधिकारियों पर निशाना साधा था और यूपी बिहार के आईएएस और आईपीएस अफसरों पर गंभीर आरोप लगाए थे और मामले पर काफी विवाद हुआ था.

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Vinod Kumar Katwal
Vinod Kumar Katwal, a Season journalist with 14 years of experience across print and digital media. I have worked with some of India’s most respected news organizations, including Dainik Bhaskar, IANS, Punjab K...और पढ़ें
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