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दुनिया की सबसे ख़तरनाक शादी कौन सी है, जिसमें पैर बांध दूल्हे को पीटते हैं

दुनिया की सबसे ख़तरनाक शादी कौन सी है, जिसमें पैर बांध दूल्हे को पीटते हैं

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दुनिया में शादी की तरह तरह रस्में होती हैं. साउथ कोरिया की दूल्हे को पीटने वाली रस्म सबसे खतरनाक होती है. इसके पीछे की वजह क्या होती है. चीन में शादी से एक महीना पहले दुल्हन को रोज रोना होता है.

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ैदुनिया में तरह तरह की शादियां होती हैं. लेकिन क्या आपको मालूम है कि दुनिया की सबसे खतरनाक शादी कौन सी है. ये शादी साउथ कोरिया में होती है. इसमें दूल्हे के पैरों को बांधकर उसके दोस्त और रिश्तेदार जमकर पीटते हैं. वैसे दुनिया में शादी की और भी कई ऐसी रस्में हैं, जो बहुत अजीब हैं. कहीं दुल्हन को महीने भर सोना होता है तो कहीं दुल्हा – दुल्हन पर कीचड़, सड़े अंडे और गंदगी फेंकी जाती है.

दुनिया की सबसे ख़तरनाक शादी की परंपराओं में एक दक्षिण कोरिया में होती है, जहां दूल्हे के पैरों को बांधकर उसके दोस्त और रिश्तेदार उसे जमकर पीटते हैं. यह एक तरह का टेस्ट होता है ताकि देखा जा सके कि दूल्हा अपनी शादीशुदा जिंदगी कितनी मजबूती से निभा पाएगा. वैसे मलेशिया और इंडोनेशिया में भी ऐसी शादी की रस्में होती हैं जहां दूल्हा-दुल्हन को तीन दिन तक एक कमरे में बंद रखा जाता है, जिसमें बाथरूम या टॉयलेट नहीं होता, जो उनकी सहनशक्ति की परीक्षा होती है.
दक्षिण कोरिया में शादी की इस रस्म को “बोक-जोरी” या “जेओक-चेओल” कहते हैं, जिसका शाब्दिक अर्थ है “पैर की कोड़ाबंदी”. ये रस्म शादी के बाद होती है. जब शादी समारोह के बाद दूल्हा और दुल्हन अपने नए घर पहुंचते हैं, तो दूल्हे के दोस्त और रिश्तेदार यह रस्म निभाते हैं. दूल्हे के पैरों को रस्सी से बांध दिया जाता है. फिर उसे जूतों या मछली से पीटा जाता है.

पीटने पर दुल्हा जितनी जोर से चिल्लाएगा….

इसके पीछे मान्यता ये होती है कि दूल्हा शादी के बाद आने वाली कठिनाइयों के लिए कितना मजबूत और तैयार है. दर्द सहने की उसकी क्षमता को परखा जाता है. वैसे इस मौके पर एक मान्यता ये भी है कि जितनी जोर से दूल्हा चिल्लाएगा, उसके और दुल्हन के बीच उतने ही अधिक बच्चे होंगे.
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दुल्हन को दुल्हा को बचाने के लिए पैसा देना होता है

हालांकि अब कोरियाई शादी की ये रस्म हंसी-मजाक और मस्ती की हल्की फुल्की रस्म हो गई है, लेकिन एक जमाने में ये रस्म काफी गंभीरता से निभाई जाती थी. इसमें कभी-कभी दूल्हे के दोस्त दुल्हन से फिरौती के तौर पर पैसे मांगते हैं. दूल्हे को तब तक पीटते हैं जब तक दुल्हन पैसे नहीं दे देती. लेकिन कभी कभी अगर शरारती दोस्तों ने दूल्हे पर अगर ज्यादा जोश दिखा दिया तो उसको चोट भी लग सकती है.

दुल्हा – दुल्हन पर कीचड़ और सड़े अंडे फेंकते हैं

स्कॉटलैंड में शादी की “ब्लैकनिंग” रस्म होती है. उसमें शादी से पहले, दूल्हा और दुल्हन दोनों को अक्सर सड़क पर ले जाया जाता है. उन पर कीचड़, सड़े हुए अंडे, आटा, सिरप, फेदर आदि फेंके जाते हैं. यह माना जाता है कि यह बुरी आत्माओं को भगाता है. शादी से पहले की सभी परेशानियों को सह लेता है, ताकि वैवाहिक जीवन सुखद हो.

दुल्हन को एक महीने तक रुलाया जाता है

चीन में कुछ क्षेत्रों में शादी से पहले दुल्हन को एक महीने तक रुलाया जाता है. चीन के तुजिया समुदाय में, दुल्हन को शादी से एक महीने पहले रोज रोना शुरू करना पड़ता है. एक महीने बाद, उसकी मां और फिर दादी भी उसके साथ रोती हैं. इसे “रोने की गीत” परंपरा कहा जाता है. यह दुल्हन के अपने परिवार से विदाई के दुख की रस्म होती है. माना जाता है कि अगर दुल्हन नहीं रोएगी तो पड़ोसी उसकी आलोचना करेंगे.
इंडोनेशिया में युवाओं के ऊपरी दांतों की पिछली सतहों को घिसा जाता है और समतल किया जाता है. ऐसा माना जाता है कि मनुष्य में छह बुराइयां होती हैं – काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद और ईर्ष्या. इन दांतों को घिसकर इन बुराइयों को दूर किया जाता है. व्यक्ति को संतुलित और शांतिपूर्ण जीवन के लिए तैयार किया जाता है.
नीदरलैंड में शादी की पार्टी से पहले दूल्हा और दुल्हन को जंगल में ले जाया जाता है. उन्हें एक पेड़ के तने को साथ मिलकर आरी से काटना होता है. ये काम जीवन की आने वाली चुनौतियों का सामना एकजुट होकर और टीम वर्क के साथ करने का प्रतीक है.

वहां दुल्हन को शादी से पहले मोटा करते हैं

मॉरिटानिया में दुल्हन को शादी से पहले मोटा किया जाता है. मॉरिटानिया में दुल्हनों को शादी से पहले विशेष रूप से वसायुक्त आहार खिलाकर मोटा किया जाता था. वहां मोटापा सुंदरता, धन और समृद्धि का प्रतीक माना जाता था. हालांकि, स्वास्थ्य जागरूकता के कारण यह प्रथा अब कम हो रही है.

About the Author

Sanjay Srivastavaडिप्टी एडीटर
लेखक न्यूज18 में डिप्टी एडीटर हैं. प्रिंट, टीवी और डिजिटल मीडिया में काम करने का 30 सालों से ज्यादा का अनुभव. लंबे पत्रकारिता जीवन में लोकल रिपोर्टिंग से लेकर खेल पत्रकारिता का अनुभव. रिसर्च जैसे विषयों में खास...और पढ़ें
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