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पुरुषों के इस अंग में मिली सबसे खतरनाक चीज, मर्दानगी कर सकती है बर्बाद !

पुरुषों के इस अंग में मिली सबसे खतरनाक चीज, मर्दानगी कर सकती है बर्बाद ! आखिर यहां पहुंची कैसे?

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Microplastics in Human Penis: अब तक आपने सुना होगा कि माइक्रोप्लास्टिक के टुकड़े ह्यूमन टेस्टिकल, ब्लडस्ट्रीम और अन्य अंगों में पाए गए हैं, लेकिन एक हालिया स्टडी में बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. इसे जानकर आपके होश उड़ जाएंगे.

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पुरुषों के प्राइवेट पार्ट में प्लास्टिक के बेहद छोटे टुकड़े मिले हैं.
Microplastic Found in Penises: इंसानों के लिए प्लास्टिक जितनी फायदेमंद रही है, उससे ज्यादा खतरनाक साबित हो रही है. प्लास्टिक के छोटे टुकड़े लोगों के शरीर में इस कदर समा गए हैं कि इन्हें निकालना भी मुश्किल है. अब वैज्ञानिकों ने सनसनीखेज दावा किया है कि इंसान के लिंग यानी प्राइवेट पार्ट में प्लास्टिक के बेहद छोटे टुकड़े पाए गए हैं. इन्हें माइक्रोप्लास्टिक कहा जाता है. इससे पहले पिछले महीने सामने आई एक रिसर्च में पुरुषों के टेस्टिकल और सीमन में माइक्रोप्लास्टिक के टुकड़े पाए गए थे. हालांकि अब अब पुरुषों के प्राइवेट पार्ट में ये खतरनाक टुकड़े पहुंच गए हैं.

‘द गार्जियन’ की रिपोर्ट के मुताबिक पुरुषों के प्राइवेट पार्ट में माइक्रोप्लास्टिक मिलने के बाद सवाल उठने लगे हैं कि क्या ये घातक चीज पुरुषों में इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ED) की वजह बन रही है. विशेषज्ञों का कहना है कि हाल के दशकों में पुरुषों की फर्टिलिटी में गिरावट आई है, लेकिन फिलहाल यह कहना मुश्किल है कि माइक्रोप्लास्टिक इसकी वजह बन रही है. हालांकि लैब में माइक्रोप्लास्टिक को ह्यूमन सेल्स को नुकसान पहुंचाते हुए देखा गया है. ऐसे में इस मामले पर ज्यादा रिसर्च के बाद ही हकीकत सामने आ पाएगी.
वैज्ञानिकों की मानें तो पुरुषों के प्राइवेट पार्ट में माइक्रोप्लास्टिक के टुकड़े मिले हैं, वे खाने-पीने की पैकेजिंग के लिए इस्तेमाल की जाने वाली चीजों से निकलते हैं. अब सवाल है कि ये टुकड़े प्राइवेट पार्ट में कैसे पहुंचे? इस पर शोधकर्ताओं का कहना है कि इरेक्शन के दौरान प्राइवेट पार्ट में ब्लड फ्लो ज्यादा होता है, जिसकी वजह से माइक्रोप्लास्टिक के टुकड़े वहां पहुंचे होंगे. ये टुकड़े हमारी ब्लडस्ट्रीम में घुल चुके हैं और इसी के जरिए कई अन्य बॉडी पार्ट्स में पहुंच जाते हैं. आमतौर पर लोग खाने-पीने और सांस लेने के दौरान माइक्रोप्लास्टिक को निगल जाते हैं और ये ब्लडस्ट्रीम में पहुंच जाते हैं.
हर साल लाखों टन प्लास्टिक कचरा पर्यावरण में फेंक दिया जाता है और यह धीरे-धीरे माइक्रोप्लास्टिक में टूट जाता है. बड़ी मात्रा में माइक्रोप्लास्टिक समुद्र में चला जाता है, जिससे पानी में रहने वाले जीव-जंतुओं के शरीर में पहुंच रहा है. इसके अलावा यह खाने-पीने की चीजों के जरिए इंसानों के शरीर में भी पहुंच रहा है. कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि शरीर के अधिकतर अंगों तक माइक्रोप्लास्टिक के टुकड़े पहुंच चुके हैं और इससे सेहत को गंभीर खतरे पैदा हो सकते हैं. हालांकि इससे शरीर को क्या नुकसान हो रहा है, इस बारे में रिसर्च जारी है.
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About the Author

अमित उपाध्याय
अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम में सीनियर सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं. उन्हें प्रिंट और डिजिटल मीडिया में करीब 7 साल का अनुभव है. वे हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े टॉपिक पर स्टोरीज लिखते हैं. ...और पढ़ें
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