नगरपालिका प्लांट के गैस सिलेंडर में रिसाव, आसपास के लोग हुए परेशान
Agency:News18 Madhya Pradesh
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अचानक हुए गैस के रिसाव के कारण ग्रामीणों में हलचल मच गई. नगरपालिका की लापरवाही के चलते गैस लीकेज पर काबू पाने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ी

मध्य प्रदेश के गुना जिले में कैंट थाना क्षेत्र के मावन गांव में उस वक्त अफरातफरी मच गई जब नगरपालिका के वाटर स्टोरेज प्लांट में गैस सिलेंडर का रिसाव होने लगा. अचानक हुए गैस के रिसाव के कारण ग्रामीणों में हलचल मच गई. नगरपालिका की लापरवाही के चलते गैस लीकेज पर काबू पाने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ी.
दरअसल, नगरपालिका के वाटर स्टोरेज प्लांट में पानी को फिल्टर करने के लिए क्लोरीन गैस के सिलेंडर रखे गए थे. सिलेंडर में अचानक लीकेज हो गया, जिसके बाद अफरा तफरी मच गई. गैस के कारण मार्ग से गुजरने वाले खांसी, आंखों में जलन और सांस लेने में दिक्कत के शिकार हो गए.
सूचना मिलते ही घटनास्थल पर प्रशासनिक अमला और कैंट पुलिस भी पहुंच गई. प्रशासनिक अमले ने स्पॉट पर पहुंचकर रेस्क्यू की तैयारी की लेकिन नगरपालिका के पास एक्सपर्ट्स की टीम नहीं होने के कारण सभी के हाथ पांव फूल गए.
स्टोरेज प्लांट में ऐसी स्थिति से निबटने के लिए कोई भी विशेषज्ञ मौजूद नहीं था. बल्कि गैस सिलेंडर के रिसाव को रोकने के लिए सिलेंडर को मिटटी से दबा दिया गया. वहीं सूचना मिलने के लगभग 2 घंटे बाद पहुंची GAIL की तकनीकी विशेषज्ञ टीम ने घटनास्थल पर मोर्चा संभाला, लेकिन नगरपलिका की व्यस्वस्था से वे भी नाराज़ दिखे. क्लोरीन गैस को काबू करने के लिए महत्वपूर्ण चीज़ अमोनिया भी नगरपालिका के पास उपलब्ध नहीं था.
जरूरी सामान की गैरमौजूदगी में आखिरकार चूने के माध्यम से सिलेंडर को सील पैक किया गया तब कहीं जाकर गैस का रिसाव खत्म हो सका. लगभग 5 घंटे की मशक्कत के बाद 1 टन वजनी गैस सिलेंडर के लीकेज पर काबू पाया जा सका. वहीं इस मामले में प्रशासन ने सोशल मिडिया पर अपील जारी करते हुए ग्रामीणों से न घबराने की समझाइश दी.
ये भी पढ़ें- अलीराजपुर पहुंचेगी शिवराज की जन आशीर्वाद यात्रा, जनसभा करेंगे संबोधित
दरअसल, नगरपालिका के वाटर स्टोरेज प्लांट में पानी को फिल्टर करने के लिए क्लोरीन गैस के सिलेंडर रखे गए थे. सिलेंडर में अचानक लीकेज हो गया, जिसके बाद अफरा तफरी मच गई. गैस के कारण मार्ग से गुजरने वाले खांसी, आंखों में जलन और सांस लेने में दिक्कत के शिकार हो गए.
सूचना मिलते ही घटनास्थल पर प्रशासनिक अमला और कैंट पुलिस भी पहुंच गई. प्रशासनिक अमले ने स्पॉट पर पहुंचकर रेस्क्यू की तैयारी की लेकिन नगरपालिका के पास एक्सपर्ट्स की टीम नहीं होने के कारण सभी के हाथ पांव फूल गए.
स्टोरेज प्लांट में ऐसी स्थिति से निबटने के लिए कोई भी विशेषज्ञ मौजूद नहीं था. बल्कि गैस सिलेंडर के रिसाव को रोकने के लिए सिलेंडर को मिटटी से दबा दिया गया. वहीं सूचना मिलने के लगभग 2 घंटे बाद पहुंची GAIL की तकनीकी विशेषज्ञ टीम ने घटनास्थल पर मोर्चा संभाला, लेकिन नगरपलिका की व्यस्वस्था से वे भी नाराज़ दिखे. क्लोरीन गैस को काबू करने के लिए महत्वपूर्ण चीज़ अमोनिया भी नगरपालिका के पास उपलब्ध नहीं था.
जरूरी सामान की गैरमौजूदगी में आखिरकार चूने के माध्यम से सिलेंडर को सील पैक किया गया तब कहीं जाकर गैस का रिसाव खत्म हो सका. लगभग 5 घंटे की मशक्कत के बाद 1 टन वजनी गैस सिलेंडर के लीकेज पर काबू पाया जा सका. वहीं इस मामले में प्रशासन ने सोशल मिडिया पर अपील जारी करते हुए ग्रामीणों से न घबराने की समझाइश दी.
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