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वाह रक्षाबेन! पति ऑटो ड्राइवर, बन गईं राजकोट की मेयर!

राजकोट महानगरपालिका के मेयर पद एक महिला का चुनाव किया गया है। इनका नाम है रक्षाबेन बोलिया। रक्षाबेन के पति ऑटो चलाते हैं।

राजकोट महानगरपालिका के मेयर पद एक महिला का चुनाव किया गया है। इनका नाम है रक्षाबेन बोलिया। रक्षाबेन के पति ऑटो चलाते हैं।

राजकोट महानगरपालिका के मेयर पद एक महिला का चुनाव किया गया है। इनका नाम है रक्षाबेन बोलिया। रक्षाबेन के पति ऑटो चलाते है ...अधिक पढ़ें

    राजकोट। राजकोट से एक ऐसी खबर आई है जो आपको हैरान कर सकती है। राजकोट महानगरपालिका के मेयर पद एक महिला का चुनाव किया गया है। इनका नाम है रक्षाबेन बोलिया। रक्षाबेन के पति ऑटो चलाते हैं। वैसे रक्षाबेन 11 साल से बीजेपी से जुड़ी हुई हैं और सक्रिय योगदान देती रही हैं।

    पहली बार चुनी गई महिला मेयर

    राजकोट में पहली बार किसी महिला मेयर का चुनाव किया गया है। वह बेहद सामान्ये परिवार से हैं। मेयर बनने के बाद अब वे लाल बत्ती की गाड़ी में घूमती दिखाई देंगी। कमाल की बात यह है कि उनके पति रघुभाई बोलिया आज भी ऑटो रिक्शा ही चलाएंगे। रक्षाबेन के पति रघुभाई ऑटो चलाकर परिवार का गुजर-बसर करते हैं। वे भी भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता हैं। इतना ही नहीं मेयर बनने के बाद भी रक्षाबेन पति के ऑटो में बैठकर ही घर गई थीं।

    पढ़ें, एक और महिला की सफलता की कहानी

    रंक से राजा बनने की कहानी असल जिंदगी में भी देखी जा सकती है। ऐसी ही एक कहानी है चंदा जावेरी की जो 17 साल में जबरदस्ती शादी करने के दबाव में भाग गई थी और 30 साल बाद एक अरबपति बनकर लौटी है। 17 साल की उम्र में तीन साड़ी लेकर निकली यह लड़की आज की तारीख में एक सफल स्किन केयर कंपनी की सी.ई.ओ है। एक पुरानी विचारधारा की मारवाड़ी परिवार में जन्मी चंदा जावेरी को उनकी मां शादी करने को लेकर दबाव बना रही थी।

    जावेरी ने कहा कि उन्होंने अपनी मां को कई बार समझाया कि यह उनका रास्ता नहीं है पर वह नहीं मानी। मेरी मां ने मुझे धमकाया कि अगर मैं (चंदा)शादी के लिए राजी नहीं हो ती तो फिर वह खुद को मार देंगी। 17 साल की उम्र में चंदा के पास न पैसा था। उसके पास सिर्फ तीन साड़ी थी।चंदा अपने दोस्तों की मदद से अमेरीका पहुंच गयी। इसके बाद वही दोस्त उसके परिवार का हिस्सा बन गए। चंदा ने कहा कि मैंने अपना देश खो दिया। अपना घर खो दिया। लेकिन मुझे उस वक्त खोने के गम से ज्यादा आजादी की खुशी थी।

    Tags: BJP, Politics, Rajkot

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