सॉरी राहुल गांधी! कोक के मालिक शिकंजी नहीं बेचते थे...
Agency:News18Hindi
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आज, कोका कोला पेय पदार्थों की वैश्विक स्तर पर 1.9 बिलियन के आस पास अनुमानित है. अपने पहले वर्ष के दौरान, कोका-कोला के प्रतिदिन की औसत बिक्री 9 ड्रिंक थी.

राका मुखर्जी.
गर्मी के दिनों में हममें से ज्यादातर लोग शिकंजी पीते हैं. राहुल गांधी ने सोमवार को लोगों को आश्वस्त करने की कोशिश की कि जिस दुकान से हम शिकंजी पीते हैं उसका कोका-कोला के अविष्कार से कोई संबंध हो सकता है. लेकिन आपके लिए जानना जरूरी है कि अमेरिका में सड़क के किनारे स्टॉल पर स्टील की गिलास में कोका-कोला नहीं बनाया गया था.
दिल्ली तालकटोरा स्टेडियम में ओबीसी सम्मेलन को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कोल्ड ड्रिंक ब्रांड कोका कोला के फाउंडर शिकंजी बेचते थे. कैसे? राहुल ने बताया- "वह पानी में चीनी मिलाकर बेचते थे.''
खैर, Google सर्च हमें बताता है कि कोका-कोला का आविष्कारक एक फार्मासिस्ट था. जॉन स्टिथ पेम्बर्टन अटलांटा में फार्मासिस्ट थे, जिन्होंने हमारे पसंदीदा सोडा के शुरुआती संस्करण का आविष्कार किया. कोका और कोका वाइन के साथ प्रयोग करते समय, उन्होंने अंततः एक नुस्खा बनाया जिसमें कोला नट और दमियाना के अर्क शामिल थे, जिसे उन्होंने पेम्बर्टन के फ्रेंच वाइन को कोका नाम दिया.
आखिरकार, उन्होंने इस स्वादयुक्त सिरप का एक ऐसा स्वरूप बनाया जिसमें एल्कोहल नहीं था. वह इसे अपने पड़ोस के फार्मेसी में ले गए जहां उसे कार्बोनेटेड पानी के साथ मिलाया. इसके बाद इसकी टेस्टिंग हुई और फिर इसे स्वीकृति मिली.
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कार्बोनेटेड सिरप और पानी का मिश्रण 5 सेंट पर बेचा गया था. इसे "स्वादिष्ट और ताजा" बता कर बेचा गया. डॉ. पेम्बर्टन के साथी और बुककीपर, फ्रैंक एम. रॉबिन्सन को इसे "कोका कोला" नाम देने का श्रेय दिया गया है, साथ ही साथ आज भी अलग-अलग स्क्रिप्ट तैयार करने का श्रेय दिया जाता है.
कोका-कोला के लिए पहला विज्ञापन अटलांटा जर्नल में दिखाई दिया. नागरिकों को इस नए लोकप्रिय सोडा पेय को आजमाने के लिए आमंत्रित किया. अपने पहले साल में कोका-कोला के प्रतिदिन की औसत बिक्री 9 ड्रिंक थी.
आज, कोका कोला का ग्लोबल मार्केट पेय पदार्थों में 1.9 बिलियन के आस-पास अनुमानित है. हालांकि, कोका कोला की सफलता से पहले पेम्बर्टन की मृत्यु हो गई. उसने अपनी मृत्यु से पहले अपने शेयर बेचे और तब से कोका-कोला ब्रांड के रूप में विकसित हुआ.
ये भी पढ़ें: प्रणब मुखर्जी के ज़रिए कांग्रेस की मध्यमार्गी राजनीति में सेंध लगाना चाहती है RSS
गर्मी के दिनों में हममें से ज्यादातर लोग शिकंजी पीते हैं. राहुल गांधी ने सोमवार को लोगों को आश्वस्त करने की कोशिश की कि जिस दुकान से हम शिकंजी पीते हैं उसका कोका-कोला के अविष्कार से कोई संबंध हो सकता है. लेकिन आपके लिए जानना जरूरी है कि अमेरिका में सड़क के किनारे स्टॉल पर स्टील की गिलास में कोका-कोला नहीं बनाया गया था.
दिल्ली तालकटोरा स्टेडियम में ओबीसी सम्मेलन को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कोल्ड ड्रिंक ब्रांड कोका कोला के फाउंडर शिकंजी बेचते थे. कैसे? राहुल ने बताया- "वह पानी में चीनी मिलाकर बेचते थे.''
खैर, Google सर्च हमें बताता है कि कोका-कोला का आविष्कारक एक फार्मासिस्ट था. जॉन स्टिथ पेम्बर्टन अटलांटा में फार्मासिस्ट थे, जिन्होंने हमारे पसंदीदा सोडा के शुरुआती संस्करण का आविष्कार किया. कोका और कोका वाइन के साथ प्रयोग करते समय, उन्होंने अंततः एक नुस्खा बनाया जिसमें कोला नट और दमियाना के अर्क शामिल थे, जिसे उन्होंने पेम्बर्टन के फ्रेंच वाइन को कोका नाम दिया.
आखिरकार, उन्होंने इस स्वादयुक्त सिरप का एक ऐसा स्वरूप बनाया जिसमें एल्कोहल नहीं था. वह इसे अपने पड़ोस के फार्मेसी में ले गए जहां उसे कार्बोनेटेड पानी के साथ मिलाया. इसके बाद इसकी टेस्टिंग हुई और फिर इसे स्वीकृति मिली.
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Source: Coca-Cola Website.
कार्बोनेटेड सिरप और पानी का मिश्रण 5 सेंट पर बेचा गया था. इसे "स्वादिष्ट और ताजा" बता कर बेचा गया. डॉ. पेम्बर्टन के साथी और बुककीपर, फ्रैंक एम. रॉबिन्सन को इसे "कोका कोला" नाम देने का श्रेय दिया गया है, साथ ही साथ आज भी अलग-अलग स्क्रिप्ट तैयार करने का श्रेय दिया जाता है.
कोका-कोला के लिए पहला विज्ञापन अटलांटा जर्नल में दिखाई दिया. नागरिकों को इस नए लोकप्रिय सोडा पेय को आजमाने के लिए आमंत्रित किया. अपने पहले साल में कोका-कोला के प्रतिदिन की औसत बिक्री 9 ड्रिंक थी.
Source: Coca-Cola Website.
आज, कोका कोला का ग्लोबल मार्केट पेय पदार्थों में 1.9 बिलियन के आस-पास अनुमानित है. हालांकि, कोका कोला की सफलता से पहले पेम्बर्टन की मृत्यु हो गई. उसने अपनी मृत्यु से पहले अपने शेयर बेचे और तब से कोका-कोला ब्रांड के रूप में विकसित हुआ.
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