Advertisement
होमताजा खबरराजस्थानसीकर
खाटू श्याम के दरबार में नरेश मीणा की हाज़िरी — 2028 की तैयारी का संकेत?

Sikar News: अंता हार के बाद खाटू श्यामजी की शरण में नरेश मीणा, कहा- “बाबा मेरी नैय्या जरूर पार लगाएंगे”

Reported by:
Edited by:
Agency:Local18
Last Updated:

Sikar News: अंता उपचुनाव हारने के बाद नरेश मीणा शनिवार को खाटू श्यामजी के दरबार पहुंचे. दर्शन के बाद उन्होंने कहा कि बाबा श्याम ‘हारे का सहारा’ हैं और वे उन्हें शक्ति प्रदान करेंगे. मीणा ने 2028 चुनाव में तीसरा मोर्चा बनाने और अंता की जनता से सीधे संवाद की बात कहकर भविष्य की राजनीति का संकेत दिया.

ख़बरें फटाफट
सीकर. अंता उपचुनाव में हार का सामना करने के बाद निर्दलीय नेता नरेश मीणा शनिवार को खाटू श्यामजी के दरबार में पहुंचे. उन्होंने संपूर्ण विधि-विधान के साथ बाबा श्याम के दर्शन किए. इस दौरान पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा भी उनके साथ मौजूद रहे. दोनों नेताओं ने बाबा श्याम को गुलाब का फूल और प्रसाद अर्पित कर आशीर्वाद लिया.

मंदिर परिसर में श्री श्याम मंदिर के भवानी सिंह ने नरेश मीणा और राजेंद्र गुढ़ा का श्याम दुपट्टा ओढ़ाकर स्वागत किया. बाबा श्याम के दर्शन करने के बाद नरेश मीणा ने कहा कि बाबा श्याम को ‘हारे का सहारा’ कहा जाता है, और मुझे उन पर पूरा भरोसा है कि वे मेरी नैय्या जरूर पार लगाएंगे.
शक्ति मांगता हूं, अपने लिए कुछ नहीं
खाटूश्याम मंदिर दर्शन करने की बात पर नरेश मीणा ने अपनी आध्यात्मिक आस्था व्यक्त की. उन्होंने कहा कि जब भी मैं भगवान के दरबार में जाता हूं तो अपने लिए कुछ भी नहीं मांगता.
उन्होंने कहा: “बस इतना ही कहता हूं कि मुझे शक्ति और ताकत दो ताकि मैं लड़ता रहूं. जब से बाबा के दरबार में आया हूं तब से लगता है कि कोई न कोई अदृश्य शक्ति मेरे साथ काम कर रही है, मुझे ताकत दे रही है.”
Advertisement
गुरु शंकराचार्य से आशीर्वाद और जनता से सीधा संवाद
नरेश मीणा ने आगे की रणनीति बताते हुए कहा कि इष्टदेव के दर्शन के बाद अब वे गुरु जगद्गुरु शंकराचार्य का आशीर्वाद लेने के लिए रवाना हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि वे रविवार को काशी जाकर गुरु जगद्गुरु शंकराचार्य से भेंट करेंगे. इसके बाद वे वापस अंता जाएंगे और एक-एक गांव में जाकर लोगों की समस्या नोट करेंगे और विपक्ष बनकर अपनी विधानसभा में लोगों के हित की आवाज बनेंगे.
2028 के लिए तीसरे मोर्चे की तैयारी
चुनाव हारने के कारणों पर बात करते हुए नरेश मीणा ने अंता की जनता का आभार जताया. उन्होंने कहा कि अंता की जनता ने इस चुनाव में उन्हें बहुत प्यार दिया और आम लोगों का भी बहुत साथ मिला. उन्होंने हार का कारण बताते हुए कहा: “केवल जातीय समीकरण और धनबल के आगे हम चुनाव हार गए. चुनाव में सर्व समाज ने वहाँ पर हमें स्वीकार किया. लेकिन मैं यही रुकने वाला नहीं हूं.”
उन्होंने भविष्य की राजनीति पर बड़ा संकेत देते हुए कहा कि अब वे हनुमान बेनीवाल, अखिलेश यादव, आम आदमी पार्टी के नेताओं से मिलेंगे. हमारा प्रयास है कि सभी स्थानीय पार्टियों को एक साथ एक मंच पर लाकर 2028 के चुनाव के लिए तीसरा मोर्चा तैयार करेंगे और अभी से उसकी तैयारी शुरू करेंगे.
Click here to add News18 as your preferred news source on Google.
न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। राजस्थान की ताजा खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें |
और पढ़ें