Advertisement
होमताजा खबरउत्तर प्रदेशइलाहाबाद
COVID-19: इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के प्रो. मोहम्मद शाहिद सस्पेंड...

COVID-19: जमातियों की मदद के आरोपी इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के प्रो. मोहम्मद शाहिद सस्पेंड

Last Updated:

21 अप्रैल को प्रोफेसर शाहिद गिरफ्तार करके नैनी सेन्ट्रल जेल भेजे गए थे. प्रोफेसर शाहिद पर आरोप है कि उन्होंने जमात (Tablighi Jamaat) में शामिल होने के बाद भी जानकारी छिपाई थी.

COVID-19: इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के प्रो. मोहम्मद शाहिद सस्पेंड...Zoom
इलाहाबाद यूनिवर्सिटी (फ़ाइल तस्वीर)
प्रयागराज. महामारी कोरोना वायरस (Pandemic coronavirus) की चपेट में इस समय पूरा देश आ चुका है. तबलीगी जमात (Tablighi Jamaat) से जुड़े मामलों से संक्रमित लोगों की संख्या में खासा इजाफा देखा गया. ऐसे में विदेशी जमातियों की मदद करने के आरोपी इलाहाबाद सेन्ट्रल यूनिवर्सिटी (Allahabad Central University) के प्रोफेसर मोहम्मद शाहिद को सस्पेंड कर दिया गया है. प्रोफेसर शाहिद को महामारी एक्ट (Epidemic Act) के तहत गिरफ्तार करके पहले ही जेल भेजा जा चुका है.
पुलिस रिपोर्ट के आधार पर निलंबन
प्रोफेसर की गिरफ्तारी के बाद उन्हें जेल भेजे जाने की वजह से यूनिवर्सिटी प्रशासन ने उनके खिलाफ यह कार्रवाई की है. इलाहाबाद सेन्ट्रल यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर ने पुलिस रिपोर्ट के आधार पर प्रोफेसर को सस्पेंड करने का आदेश दिया था. जिसके बाद रजिस्ट्रार प्रो. एनके शुक्ला ने सस्पेंशन आर्डर जारी कर दिया है. गौरतलब है कि 21 अप्रैल को प्रोफेसर शाहिद गिरफ्तार करके नैनी सेन्ट्रल जेल भेजे गए थे. प्रोफेसर शाहिद पर आरोप है कि उन्होंने जमात में शामिल होने के बाद भी जानकारी छिपाई थी. वे जमात से लौटने के बाद यूनिवर्सिटी भी गए थे और उन्होंने छात्रों की परीक्षा भी कराई थी. हालांकि कोरोना की जांच में प्रोफेसर शाहिद की रिपोर्ट निगेटिव आई थी. लेकिन जमात से लौटने की जानकारी प्रशासन से छिपाने और इंडोनेशिया से आए सात विदेशी जमातियों को प्रयागराज की एक मस्जिद में ठहराने के आरोप में उनके खिलाफ शिवकुटी थाने में पुलिस ने केस दर्ज कर लिया था.

निलंबन आदेश

दर्ज FIR के आधार पर ही पुलिस ने क्वारंटाइन (Quarantine) अवधि पूरी होने के बाद 20 अप्रैल को प्रोफेसर को गिरफ्तार कर लिया था. पुलिस ने प्रोफेसर को 21 अप्रैल को 16 विदेशी जमातियों और 13 अन्य लोगों के साथ खुल्दाबाद थाने में मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया था. जहां पर मामले की गम्भीरता को देखते हुए मजिस्ट्रेट ने केस की सुनवाई की और प्रोफेसर समेत सभी तीस लोगों जेल भेज दिया था. इलाहाबाद सेन्ट्रल यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार प्रो. एनके शुक्ला की ओर से जारी सस्पेंशन आदेश के तहत 21 अप्रैल से ही प्रोफेसर का निलंबन प्रभावी होगा. प्रोफेसर पर विदेशी जमातियों को शरण दिलाने और महामारी एक्ट के तहत शिवकुटी थाने में मुकदमा दर्ज है. फिलहाल प्रोफेसर मोहम्मद शाहिद को गुरुवार शाम नैनी सेन्ट्रल जेल की महिला बैरग से प्रयागराज के गौहनिया में ग्रीन वैली स्कूल में बनाई गई अस्थायी जेल में 16 विदेशी जमातियों व अन्य लोगों के साथ शिफ्ट कर दिया गया है.
Advertisement
Click here to add News18 as your preferred news source on Google.
न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। उत्तर प्रदेश की ताजा खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें|
और पढ़ें