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उत्तरकाशी तबाही : 50 से ज्यादा लापता, 4 की मौत, कई घर बहे, आर्मी कैंप बर्बाद
उत्तरकाशी में तबाही : सेना के जवानों समेत 50 से ज्यादा लोग लापता, 4 की मौत...बह गए कई घर, आर्मी कैंप बर्बाद
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Uttarkashi Kheer Ganga Cloudburst : उत्तरकाशी स्थित धराली क्षेत्र में खीर गंगा नदी में आई इस प्राकृतिक आपदा ने धराली बाजार को भारी नुकसान पहुंचाया है. तेज बहाव के चलते दुकानें, वाहन और स्थानीय ढांचे पानी में बह गए हैं. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बाढ़ का मंजर इतना भयानक था कि लोग कुछ समझ पाते उससे पहले ही तबाही मच गई. पानी का बहाव इतना तेज था कि बड़े-बड़े पत्थर और मलबा भी बाजार क्षेत्र में घुस आया.

उत्तरकाशी (बलबीर परमार) : बादल फटने से हर्षिल घाटी में हुई भारी तबाही धीरे-धीरे सामने आ रही है. धराली और सेना के कैंप को बड़ा नुकसान हुआ है. धराली में चार स्थानीय लोगों की मौत हुई है और कई मजदूर लापता हैं. 15 घर तबाह हो गए हैं जबकि जबकि 6 से 7 दुकानों को नुकसान पहुंचा है. सेना के जवान समेत दर्जनों की संख्या में लोग लापता बताए जा रहे हैं. आपदा राहत के लिए 4 हेलीकॉप्टर लगाए जाएंगे. 3 हेली कंपनियों से बात की गई है. एक हेलीकॉप्टर आपदा विभाग का इस्तेमाल होगा. उत्तरकाशी में ITBP ने 80 स्थानीय लोगों को रेस्क्यू कर कोपांग के रिलीफ कैंप में रखा है.
शेल्टर में आपदा प्रभावित लोगों की स्वास्थ्य जांच करते हुए आईटीबीपी के डॉक्टर.
पांच जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
उत्तराखंड के उत्तरकाशी स्थित धराली क्षेत्र में खीर गंगा नदी में अचानक बादल फटने से आई भीषण बाढ़ ने पूरे इलाके में तबाही मचा दी. आधिकारिक रूप से बताया जा रहा है कि 50 से ज्यादा लोग लापता है और 4 लोगों की मौत हुई है, लेकिन आंकड़ा अभी और बढेगा. इतना ही नहीं इस सैलाब में 40 से 50 घर और आर्मी कैंप तक बह गया. साथ ही हर्षिल में हेली पैड भी डूब गया. ताजा जानकारी के तहत, हर्षिल घाटी में बादल फटने की घटना के बाद भागीरथी नदी के जलस्तर बढ़ गया है. नदी किनारे रहने वाले लोगों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं. धराली में मोबाइल नेटवर्क ठप पड़ गया है. मोबाइल नेटवर्क ठप होने से दिक्कतें बढ़ी हुई हैं. वहीं, NDMA की मौसम को लेकर चेतावनी जारी की गई है, जिसमें उत्तराखंड के पांच जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. देहरादून, पौड़ी, टिहरी, चंपावत, बागेश्वर में 24 घंटों में हो भारी बारिश सकती है.
उत्तराखंड आपदा प्रबंधन के सचिव विनोद कुमार सुमन के अनुसार, कुछ आवासीय मकान और होटल ध्वस्त हो गए हैं, जिनकी विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है. राहत एवं बचाव दल को हेलिकॉप्टर की मदद से घटनास्थल तक पहुंचाया जा रहा है. अंधेरे में रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए अस्थायी लाइट की व्यवस्था की जा रही है. ऋषिकेश एम्स में बेड आरक्षित कर दिए गए हैं, ताकि समय पर घायलों को इलाज मिले. सेना की तरफ से बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है और लोगों को निकाला जा रहा है. उधर, आर्मी बेस कैम्प की तरफ भी बादल फटे हैं. इस तरह तीन जगह से बादल फटने के बाद तबाही की तस्वीरें सामने आई हैं. अभी भी मलबा आने का क्रम जारी है.
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उत्तरकाशी: बादल फटने से धराली बाजार तबाह, राहत-बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में प्रकृति ने एक बार फिर कहर बरपाया है. अतिवृष्टि और बादल फटने से खीरगंगा में आई अचानक बाढ़ ने धराली बाजार को पूरी तरह तबाह कर दिया. इस भयावह आपदा में जन-धन की भारी क्षति हुई है. इसके साथ ही हर्षिल हैलीपैड और आसपास के क्षेत्रों में भी गंभीर नुकसान की खबर है. हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए हैं.
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में प्रकृति ने एक बार फिर कहर बरपाया है. अतिवृष्टि और बादल फटने से खीरगंगा में आई अचानक बाढ़ ने धराली बाजार को पूरी तरह तबाह कर दिया. इस भयावह आपदा में जन-धन की भारी क्षति हुई है. इसके साथ ही हर्षिल हैलीपैड और आसपास के क्षेत्रों में भी गंभीर नुकसान की खबर है. हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए हैं.
उत्तरकाशी बादल फटने की घटना पर प्रधानमंत्री मोदी ने जताया गहरा शोक
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जनपद के हर्षिल क्षेत्र स्थित धराली गांव में हुई बादल फटने की दुखद घटना पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुःख व्यक्त किया है. इस प्राकृतिक आपदा में हुई जन-धन की हानि पर शोक संवेदना प्रकट करते हुए प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बातचीत कर घटना की जानकारी ली. प्रधानमंत्री मोदी ने राज्य सरकार को हरसंभव केंद्रीय सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन देते हुए कहा कि प्रभावित नागरिकों को शीघ्र राहत पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर स्थिति से निपटने में जुटी हुई हैं, और लगातार राहत व बचाव कार्यों की निगरानी की जा रही है.
उत्तरकाशी में बादल फटने की तीन घटनाएं, भागीरथी में मलबा जमा होने से बनी झील
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में प्राकृतिक आपदा का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है. जिले में तीन अलग-अलग स्थानों पर बादल फटने की घटनाएं हुई हैं, जिनका मलबा बहकर सीधे भागीरथी नदी में जा मिला. अचानक आए सैकड़ों घन मीटर मलबे ने नदी के प्रवाह को रोकते हुए हर्षिल से धराली तक लगभग 300 मीटर लंबी एक अस्थायी झील का रूप ले लिया है. विशेषज्ञों और प्रशासन को इस झील के टूटने से निचले इलाकों में भारी तबाही की आशंका है. हालात को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड में है और राहत एवं बचाव कार्य तेज़ कर दिए गए हैं.
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में प्राकृतिक आपदा का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है. जिले में तीन अलग-अलग स्थानों पर बादल फटने की घटनाएं हुई हैं, जिनका मलबा बहकर सीधे भागीरथी नदी में जा मिला. अचानक आए सैकड़ों घन मीटर मलबे ने नदी के प्रवाह को रोकते हुए हर्षिल से धराली तक लगभग 300 मीटर लंबी एक अस्थायी झील का रूप ले लिया है. विशेषज्ञों और प्रशासन को इस झील के टूटने से निचले इलाकों में भारी तबाही की आशंका है. हालात को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड में है और राहत एवं बचाव कार्य तेज़ कर दिए गए हैं.
सैलाब सब बहा ले गया, 20 मीटर मलबे में दबे मकान, लोग
शनिवार सुबह आई इस प्राकृतिक आपदा ने धराली बाजार को भारी नुकसान पहुंचाया है. तेज बहाव के चलते दुकानें, वाहन और स्थानीय ढांचे पानी में बह गए हैं. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बाढ़ का मंजर इतना भयानक था कि लोग कुछ समझ पाते उससे पहले ही तबाही मच गई. पानी का बहाव इतना तेज था कि बड़े-बड़े पत्थर और मलबा भी बाजार क्षेत्र में घुस आया. कितने लोग इसमें बह गए, अभी कोई आंकड़ा सामने नहीं आया है. सैलाब अपने साथ इतना मलबा लेकर आया कि दर्जनों घर, बाजार, वाहन और जो भी रास्ते में आया, सब बह गए.. उसमें दब गए. अभी वहां केवल तबाही का मंजर है. अभी कितने लोग इस सैलाब में बह गए, मलबे में दबे हैं, इसका कोई भी आंकड़ा सामने नहीं आया है. बताया जा रहा है कि करीब 20 मीटर ऊंचा मलबा वहां आकर जमा हो गया है. गृह मंत्री अमित शाह ने सीएम से इस पूरी घटना की जानकारी ली है और हरसंभव मदद देने का आश्वासन भी दिया है.
शनिवार सुबह आई इस प्राकृतिक आपदा ने धराली बाजार को भारी नुकसान पहुंचाया है. तेज बहाव के चलते दुकानें, वाहन और स्थानीय ढांचे पानी में बह गए हैं. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बाढ़ का मंजर इतना भयानक था कि लोग कुछ समझ पाते उससे पहले ही तबाही मच गई. पानी का बहाव इतना तेज था कि बड़े-बड़े पत्थर और मलबा भी बाजार क्षेत्र में घुस आया. कितने लोग इसमें बह गए, अभी कोई आंकड़ा सामने नहीं आया है. सैलाब अपने साथ इतना मलबा लेकर आया कि दर्जनों घर, बाजार, वाहन और जो भी रास्ते में आया, सब बह गए.. उसमें दब गए. अभी वहां केवल तबाही का मंजर है. अभी कितने लोग इस सैलाब में बह गए, मलबे में दबे हैं, इसका कोई भी आंकड़ा सामने नहीं आया है. बताया जा रहा है कि करीब 20 मीटर ऊंचा मलबा वहां आकर जमा हो गया है. गृह मंत्री अमित शाह ने सीएम से इस पूरी घटना की जानकारी ली है और हरसंभव मदद देने का आश्वासन भी दिया है.
पीएम मोदी ने कहा- हरसंभव मदद करेंगे
पीएम नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख प्रकट किया है. प्रधानमंत्री ने इस प्राकृतिक आपदा में हुए जनधन की हानि पर शोक संवेदना व्यक्त करते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बातचीत की तथा घटना की जानकारी ली. प्रधानमंत्री मोदी ने राज्य सरकार को हर संभव केंद्रीय सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया. उन्होंने कहा कि प्रभावित नागरिकों को शीघ्र राहत पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता है.
पीएम नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख प्रकट किया है. प्रधानमंत्री ने इस प्राकृतिक आपदा में हुए जनधन की हानि पर शोक संवेदना व्यक्त करते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बातचीत की तथा घटना की जानकारी ली. प्रधानमंत्री मोदी ने राज्य सरकार को हर संभव केंद्रीय सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया. उन्होंने कहा कि प्रभावित नागरिकों को शीघ्र राहत पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता है.
दो MI और एक चिनुक हेलीकाफ्टर की मांग
ताजा जानकारी के अनुसार, उत्तरकाशी में अब तक 24 एमएम बारिश रिकार्ड की गई है. आधिकारिक तौर पर 12 मजदूरों के मलबे में दबे होने की सूचना है. राज्य सरकार ने एयरफोर्स से मदद मांगी है. मदद में दो MI और एक चिनुक हेलीकाफ्टर की मांग की गई है.
ताजा जानकारी के अनुसार, उत्तरकाशी में अब तक 24 एमएम बारिश रिकार्ड की गई है. आधिकारिक तौर पर 12 मजदूरों के मलबे में दबे होने की सूचना है. राज्य सरकार ने एयरफोर्स से मदद मांगी है. मदद में दो MI और एक चिनुक हेलीकाफ्टर की मांग की गई है.
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि धराली क्षेत्र में बादल फटने से हुए भारी नुकसान की खबर अत्यंत दुःखद एवं पीड़ादायक है. राहत एवं बचाव कार्यों के लिए SDRF, NDRF, जिला प्रशासन तथा अन्य संबंधित टीमें युद्ध स्तर पर जुटी हुई हैं. लगातार वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क में हूं और स्थिति की गहन निगरानी की जा रही है. ईश्वर से सभी के सकुशल होने की प्रार्थना करता हूं.
लोगों के दबे होने की आशंका
प्रशासनिक सूत्रों से जानकारी मिली है कि कुछ लोगों के मलबे में दबे होने की सूचना है, हालांकि इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. घटना की जानकारी मिलते ही एसडीआरएफ की टीम तत्काल मौके के लिए रवाना कर दी गई है. स्थानीय प्रशासन, पुलिस और ग्रामीण भी राहत और बचाव कार्यों में जुट गए हैं.
प्रशासनिक सूत्रों से जानकारी मिली है कि कुछ लोगों के मलबे में दबे होने की सूचना है, हालांकि इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. घटना की जानकारी मिलते ही एसडीआरएफ की टीम तत्काल मौके के लिए रवाना कर दी गई है. स्थानीय प्रशासन, पुलिस और ग्रामीण भी राहत और बचाव कार्यों में जुट गए हैं.
अधिकारियों ने क्या बताया?
प्रशासन की ओर से जारी बयान के अनुसार, जनपद उत्तरकाशी के हर्षिल क्षेत्र के अंतर्गत खीर गाड़ का जलस्तर अत्यधिक वर्षा के कारण अचानक बढ़ गया, जिससे धराली कस्बे में नुकसान की सूचना प्राप्त हुई. सूचना पर एसडीआरएफ उत्तराखंड, स्थानीय पुलिस, राजस्व विभाग एवं आर्मी सहित आपदा प्रबंधन की समस्त टीमें घटनास्थल हेतु तत्काल रवाना हुईं.
प्रशासन की ओर से जारी बयान के अनुसार, जनपद उत्तरकाशी के हर्षिल क्षेत्र के अंतर्गत खीर गाड़ का जलस्तर अत्यधिक वर्षा के कारण अचानक बढ़ गया, जिससे धराली कस्बे में नुकसान की सूचना प्राप्त हुई. सूचना पर एसडीआरएफ उत्तराखंड, स्थानीय पुलिस, राजस्व विभाग एवं आर्मी सहित आपदा प्रबंधन की समस्त टीमें घटनास्थल हेतु तत्काल रवाना हुईं.
देखें वीडियो
बाढ़ का भयावह दृश्य
ऊपरी इलाकों में मौजूद लोगों द्वारा ली गई शुरुआती तस्वीरों और वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह खीर गंगा में अचानक ऊपर से बाढ़ आई और विकराल रूप में आया पानी का सैलाब सब कुछ अपने साथ बहा ले गया. पानी पूरे बाजार को बहा ले गया. वीडियो में जिस तरह से मंजर देखा जा रहा है, वह इतना भयानक था कि देखने वालों की रूह तक कांप गई. पूरे धराली बाजार का बड़ा हिस्सा मलबे में तब्दील नजर आ रहा है. कई दुकानों और घरों की छतें ढह गई हैं. स्थानीय लोग इस भयावह स्थिति से सदमे में हैं.
ऊपरी इलाकों में मौजूद लोगों द्वारा ली गई शुरुआती तस्वीरों और वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह खीर गंगा में अचानक ऊपर से बाढ़ आई और विकराल रूप में आया पानी का सैलाब सब कुछ अपने साथ बहा ले गया. पानी पूरे बाजार को बहा ले गया. वीडियो में जिस तरह से मंजर देखा जा रहा है, वह इतना भयानक था कि देखने वालों की रूह तक कांप गई. पूरे धराली बाजार का बड़ा हिस्सा मलबे में तब्दील नजर आ रहा है. कई दुकानों और घरों की छतें ढह गई हैं. स्थानीय लोग इस भयावह स्थिति से सदमे में हैं.
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग पहले ही उत्तराखंड के कई इलाकों में भारी बारिश और बर्फबारी की चेतावनी जारी कर चुका था. खीर गंगा में जलस्तर सामान्य से कहीं अधिक बढ़ गया, जिससे यह बाढ़ की स्थिति बनी.
मौसम विभाग पहले ही उत्तराखंड के कई इलाकों में भारी बारिश और बर्फबारी की चेतावनी जारी कर चुका था. खीर गंगा में जलस्तर सामान्य से कहीं अधिक बढ़ गया, जिससे यह बाढ़ की स्थिति बनी.
24 घंटे में तेज बारिश का अलर्ट
वहीं, मौसम विभाग ने एडवाइजरी जारी की है कि रेस्क्यू ऑपरेशन में बारिश बाधा बन सकती है. उत्तरकाशी के लिए तेज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. अगले 24 घंटे में वहां तेज बारिश का अलर्ट है. यात्रा करने वालों को एहतियात बरतने की सलाह दी गई है.
वहीं, मौसम विभाग ने एडवाइजरी जारी की है कि रेस्क्यू ऑपरेशन में बारिश बाधा बन सकती है. उत्तरकाशी के लिए तेज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. अगले 24 घंटे में वहां तेज बारिश का अलर्ट है. यात्रा करने वालों को एहतियात बरतने की सलाह दी गई है.
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Sandeep KumarSenior Assistant Editor
Senior Assistant Editor in News18 Hindi with the responsibility of Regional Head (Uttar Pradesh, Uttarakhand, Bihar, Jharkhand, Rajasthan, Madhya Pradesh, Chhattisgarh, Himachal Pradesh, Haryana). Active in jou...और पढ़ें
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