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घर पर रहकर की UPSC की तैयारी, पढ़ाई के खिलाफ था परिवार, बिटिया बन गई अफसर

IAS Success Story: घर पर रहकर की UPSC की तैयारी, पढ़ाई के खिलाफ था परिवार, IAS बनकर ही मानी बेटी

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Vandana Singh Chauhan IAS Success Story: बीते कई सालों से लड़कियां हर क्षेत्र में अपनी सफलता का परचम लहरा रही हैं. बात बोर्ड परीक्षा की हो, यूपीएससी की या अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की, टॉपर्स लिस्ट में लड़कियों का दबदबा देखा जा रहा है. लेकिन इस बीच कुछ ऐसे परिवार भी हैं, जो लड़कियों की पढ़ाई-लिखाई को लेकर सीरियस नहीं हैं. ऐसे ही एक परिवार से निकली हैं आईएएस वंदना सिंह चौहान. इनकी सक्सेस स्टोरी हर किसी को मोटिवेट कर सकती है.

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Vandana Singh Chauhan IAS Success Story: यह कहानी है उस लड़की की, जिसने अपने परिवार के खिलाफ जाकर पढ़ाई की. आज भी ऐसे कई परिवार हैं, जहां लड़कियों की पढ़ाई-लिखाई पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया जाता है. वंदना सिंह चौहान को पढ़ाई करने के लिए अपने परिवार से बगावत करनी पड़ी. उन्होंने आईएएस अफसर बनकर साबित कर दिया कि मन में कुछ करने की इच्छा हो तो रास्ते भी निकल आते हैं (How to Become IAS Officer).
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Vandana Singh Chauhan IAS Biography: वंदना सिंह चौहान का जन्म 04 अप्रैल 1989 को हरियाणा के नसरुल्लागढ़ गांव में हुआ था. उनके पिता महिपाल सिंह चौहान ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनके गांव में कोई अच्छा स्कूल नहीं था. इसलिए उन्होंने अपने बेटे को पढ़ाई के लिए बाहर भेज दिया था. तब वंदना उनसे लगातार एक ही सवाल पूछती थीं कि उन्हें कब पढ़ाई करने के लिए भेजा जाएगा. शुरू में वह वंदना की बातों पर ज्यादा ध्यान नहीं देते थे.
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Vandana Singh Chauhan IAS Education: फिर एक दिन वंदना ने अपने पिता से कहा कि वह बेटी हैं और इसीलिए उनके पिता उन्हें बाहर नहीं भेज रहे हैं. इसके बाद उन्होंने वंदना का एडमिशन मुरादाबाद के एक गुरुकुल में करवा दिया. तब वंदना के दादा, ताऊ, चाचा व परिवार के अन्य सदस्य महिपाल सिंह के खिलाफ हो गए थे. 12वीं के बाद वंदना लॉ की पढ़ाई के साथ ही घर पर रहकर यूपीएससी परीक्षा की तैयारी भी करने लगीं. आईएएस अफसर बनने के लक्ष्य को लेकर वह काफी गंभीर थीं.
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UPSC Success Story: वंदना सिंह रोजाना 12-14 घंटे पढ़ाई करती थीं. वंदना सिंह चौहान ने आगरा के डॉ. बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय में LLB में दाखिला लिया था लेकिन परिवार का सहयोग न मिलने पर उन्हें ऑनलाइन पढ़ाई करनी पड़ी. इस दौरान उनके भाई ने उनका काफी साथ दिया. वंदना सिंह चौहान ने हिंदी मीडियम से यूपीएससी परीक्षा (UPSC Exam) देकर 2012 में 8वीं रैंक हासिल की थी (Vandana Singh Chauhan IAS Rank).
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