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Sports Quota benefits: स्पोर्ट्स कोटा क्या है? इससे कहां किसे मिलता है लाभ

Sports Quota benefits: स्पोर्ट्स कोटा क्या होता है, इससे कहां और किसे मिलता है लाभ

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Sports Quota benefits: दिल्ली विश्वविद्यालय में स्पोर्ट्स कोटा से दाखिले के दो तरीके हैं. यहां सीधे प्रवेश उन छात्रों को दिया जाता है जिन्होंने कुछ प्रतियोगिताओं में देश का प्रतिनिधित्व किया है. इसके अलावा खेल परीक्षणों (sports trials) द्वारा भी दाखिला दिया जाता है. सेंट स्टीफंस, जो डीयू का हिस्सा है, योग्य छात्रों को खेलकूद श्रेणी में छात्रवृत्ति और अन्य वित्तीय सहायता प्रदान करता है. खिलाड़ीयों को सीधी भर्ती के माध्यम से ग्रुप 'सी' या ग्रुप 'डी' के तहत सरकारी नौकरियां भी दी जाती है.

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Sports Quota benefits: बहुत से लोगों ने खेल के क्षेत्र में प्रतिभा हासिल की और राज्य/राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं में पहचान बनाई. खिलाड़ियों और खेलों में इस उत्साह को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार ने शिक्षा और सरकारी नौकरियों में खेल कोटा लागू किया है. खेल कोटा को समझाने के लिए इस खबर में डिटेल दी जा रही है. समझिए खेल कोटा से किसे और कहां लाभ मिलता है.
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भारतीय रेलवे, भारतीय सेना, पुलिस, सरकारी बैंक/विश्वविद्यालय, पीएसयू सहित अधिकांश सरकारी संस्थान समय-समय पर मेधावी खिलाड़ियों की भर्ती करते हैं. भारत सरकार के ये विभाग खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए हमेशा आगे रहते हैं. खेल कोटा खिलाड़ियों को बेहतर शिक्षा व नौकरी देता है और खिलाड़ी देश के लिए खेलों के माध्यम से गौरव हासिल करते हैं.  (प्रतीकात्मक तस्वीर- खिलाड़ी)
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खिलाड़ियों को अच्छे कॉलेजों में भी खेल कोटा से दाखिला मिलता है. इसे साधारण भाषा में ऐसे समझ सकते हैं कि यदि z कॉलेज ने कोर्स f में दाखिले के लिए कट ऑफ 90 फीसदी तय की है तो खेल कोटा से उन कैंडिडेट्स को भी दाखिला मिल जाएगा, जिनके 90 फीसदी में कम नंबर हैं. लेकिन इसके लिए उनके पास उस लेवल के खेल सर्टिफिकेट होने चाहिए, जो कॉलेज ने तय किए हैं.  (प्रतीकात्मक तस्वीर- खिलाड़ी)
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खेल कोटा से कॉलेज में एडमिशन लेने वाले बच्चों को अटेंडेंस व इंटरनल टेस्ट्स इत्यादि में भी छूट मिलती है. उदाहरण के तौर पर यदि किसी टर्म के इंटरनल असेस्मेंट के टेस्ट 9 तारीख को हैं और खेल कोटा से दाखिला लेने वाला खेल की वजह से उस दिन मौजूद नहीं है तो उसे बाद में भी टेस्ट देने का मौका दिया जाता है. इसके साथ ही यदि कॉलेज के फाइनल एग्जाम में बैठने के लिए 70 फीसदी अटेंडेंस जरूरी है तो खेल कोटा वाला बच्चा इससे कम फीसदी अटेंडेंस के साथ पेपर देने के लिए एलिजिबल होता है. लेकिन इसके लिए बच्चे को उन दिनों का खेल में उपस्थित रहने का रिकॉर्ड दिखाना होगा, जब वह कॉलेज में एबसेंट रहा.  (प्रतीकात्मक तस्वीर- खिलाड़ी)
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भारत सरकार उन मेधावी खिलाड़ियों की नियुक्ति करती है, जो दक्षिण एशिया फेडरेशन खेलों, एशियाई खेलों, फेडरेशन कप, विश्व कप, जिला, राज्य, ओलंपिक और राष्ट्रमंडल खेलों, यूएसआईसी चैम्पियनशिप और कई अन्य खेल गतिविधियों में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का प्रतिनिधित्व करते हैं. इनकी नियुक्ति किसी भी पद पर सीधी भर्ती के माध्यम से ग्रुप 'सी' या ग्रुप 'डी' के तहत की जाती है. (प्रतीकात्मक तस्वीर- खिलाड़ी)