भारत का अकेला राज्य जहां नहीं है एक भी सांप, जबकि इस स्टेट को कहा जाता है स्नेक का घर
Author:
Last Updated:
'Snake Free' State: भारत में सांपों की लगभग 350 प्रजातियां पायी जाती हैं. इन प्रजातियों में साल-दर-साल इजाफा भी हो रहा है. देश के लगभग हर हिस्से में सांप मिलते हैं. वहीं भारत का ही एक राज्य ऐसा भी है जहां एक भी सांप नहीं पाया जाता. वहीं, केरल ऐसा राज्य है जिसे सांपों का घर कहा जाता है. केरल में सबसे ज्यादा प्रजाति के सांप मिलते हैं.
Pugdundee safaris की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में पाए जाने वाले सांपों में सिर्फ 17 फीसदी ऐसे हैं, जो जहरीले या विषैले होते हैं. बाकी सांप जहरीले नहीं होते हैं. पर क्या आपको पता है कि देश का एक राज्य ऐसा भी है, जहां सांप होते ही नहीं हैं. लक्षद्वीप देश का इकलौता राज्य है, जहां सांप नहीं पाया जाता.
लक्षद्वीप एक केंद्र शासित प्रदेश है और 36 छोटे-छोटे आइलैंड से मिलकर बना है. लक्षद्वीप की कुल आबादी लगभग 64000 है. कुल 32 वर्ग किलोमीटर में फैले लक्षद्वीप की 96 फीसदी आबादी मुसलमान है. बाकी यहां हिंदू, बौद्ध और दूसरे धर्मों के लोग रहते हैं.
Advertisement
लक्षद्वीप में भले ही 36 आइलैंड हैं, लेकिन इनमें से सिर्फ 10 पर ही आबादी है, यानी यहां लोग रहते हैं. इसके कावारात्ती, अगाट्टी, अमिनी, कदमत, किलातन, चेतलाट, बिट्रा, आनदोह, कल्पनी और मिनिकॉय आईलैंड पर आबादी रहती है. कई आईलैंड पर तो रहने वालों की संख्या 100 से भी कम हैं.
Add News18 as
Preferred Source on Google
Preferred Source on Google
लक्षद्वीप की विशेषता यही है कि यह देश का इकलौता राज्य है, जहां सांप नहीं पाया जाता. flora and fauna of lakshadweep के मुताबिक, लक्षद्वीप एक स्नेक फ्री स्टेट है. दिलचस्प बात यह है कि यहां कुत्ता भी नहीं पाया जाता. लक्षद्वीप प्रशासन, राज्य को सांप और कुत्ता फ्री बनाए रखने के लिए लगातार कोशिश करती रही है. इसीलिए यह रेबीज फ्री स्टेट भी है.
लक्षद्वीप आने वाले टूरिस्ट को भी अपने साथ यहां कुत्ता ले आने की इजाजत नहीं है. यहां कौवे जैसे पक्षी बहुतायत में पाए जाते हैं, वो भी अधिकांश पिट्टी द्वीप पर, जहां एक अभ्यारण्य भी है. लक्षद्वीप को एक और बात सबसे अलग बनाती है. इस आईलैंड पर साइरेनिया या 'समुद्री गाय' (Sea Cow) पायी जाती है. यह जीव विलुप्त होने के कगार पर है.
Advertisement
न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।