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ये हैं चित्रकूट में राम से जुड़े 5 प्रसिद्ध स्थान, सावन में जरूर बनाएं प्लान

ये हैं चित्रकूट में राम से जुड़े पांच प्रसिद्ध स्थान, सावन में जरूर बनाएं प्लान

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Agency:Local18
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Sawan 2024: सावन का महीना चल रहा है. ऐसे में धर्मनगरी चित्रकूट में भी लोग दूर-दूर से घूमने के लिए आते हैं. रामघाट में विराजमान चित्रकूट के राजा मतगजेंद्र नाथ महाराज के दर्शन करते हैं. ऐसे में अगर आप चित्रकूट आए हैं, तो रामघाट, कामतानाथ, हनुमान धारा, गुप्त गोदावरी, रामघाट में स्थित शिव मंदिर मतगजेंद्र नाथ जाना न भूले.

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कामतानाथ मंदिर- प्रभु श्रीराम की तपोस्थली चित्रकूट के कामतानाथ मंदिर में भगवान राम का ही स्वरूप विराजमान है. मान्यता है कि यहां भक्तों की सभी इच्छाएं पूरी होती हैं. यहां बने कामदगिरि मंदिर में भगवान राम के ही स्वरूप विराजमान है. इसके दर्शन के लिए भक्त दूर-दूर से आते हैं.
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गुप्त गोदावरी गुफा-धर्म नगरी चित्रकूट के रेलवे स्टेशन से लगभग 15 किलोमीटर दूर स्थित गुप्त गोदावरी अपने आप में एक सुंदर जगह है. यहां गुफा में हमेशा पानी भरा रहता है. आने वाले श्रद्धालु पानी से होकर अंदर भगवान श्री राम, माता सीता और भाई लक्ष्मण के दर्शन करते हैं. इस गुफा में गोदावरी नदी गुप्त रूप से बहती है और गुफा के बाहर आकर विलीन हो जाती है.
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रामघाट- चित्रकूट का रामघाट रेलवे स्टेशन कर्वी से लगभग 10 किमी दूर है. यहां मंदाकिनी नदी बहती है. मान्यता है कि माता सती अनुसूया ने अपने तप से इस नदी का उद्गम किया था. और रामघाट वही स्थान है, जहां तुलसीदास ने प्रभु श्री राम को चंदन का तिलक भी किया था.
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हनुमान धारा- हनुमान धारा के बारे में कहा जाता है कि जब हनुमान जी ने लंका में आग लगाई, उसके बाद उनकी पूंछ में लगी आग को बुझाने के लिए वह इस जगह आए थे. इसलिए इसे भक्त हनुमान धारा कहते हैं. यह ऊंची चित्रकूट की ऊंची पहाड़ियों में स्थित है. यह राम घाट से लगभग 4 किलोमीटर दुर है. यह एक चमत्कारिक पवित्र ठंडी जल धारा पर्वत से निकल कर हनुमान जी की मूरत की पूंछ को स्नान कराकर नीचे कुंड में चली जाती है.
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मतगजेंद्र नाथ मंदिर- चित्रकूट का मतगजेंद्र नाथ मंदिर रामघाट में बना हुआ है. यहां भगवान शिव के शिवलिंग स्थापित है. मान्यता है कि इस मंदिर को चित्रकूट के राजा का नाम दिया गया है. वनवास काल के दौरान प्रभु श्री राम इन्हीं से पूंछ कर चित्रकूट में वनवास काटे थे.