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PAK में जन्मीं शायरा लेकिन बिहार की बेटी, जिनकी शायरी थी या मोहब्बत का दर्द
मैं सच कहूंगी मगर फिर भी हार जाऊंगी, वो झूठ बोलेगा...परवीन शाकिर की शायरी थी या फिर मोहब्बत का दर्द
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Parveen Shakir Death Anniversary: नौ साल तक कॉलेज में पढ़ाने के बाद पाकिस्तान सिविल सर्विस का इम्तिहान पास करने के बाद जितनी अपने मुल्क में मशहूर हुईं, उससे कहीं ज्यादा प्रसिद्धि हिंदुस्तान और दुनिया में उन्हें उनकी शायरी ने दिलाई. हम याद कर रहे हैं शेरो-शायरी और नज्म की दुनिया की अनूठी शायरा परवीन शाकिर की, जो बिहार की बेटी भी कही जाती हैं.
बहुत ही कम लोगों को पता होगा कि मशहूर शायरा परवीन शाकिर की जड़ें बिहार से है. 24 नवंबर 1952 को पाकिस्तान के कराची में जन्मीं परवीन के पिता बिहार के रहने वाले थे. उनके वालिद शाकिर हुसैन शाकिर बिहार के दरभंगा के लहेरियासराय के निवासी थे.
<br />परवीन के पिता शाकिर हुसैन खुद भी शायर थे. बंटवारे के बाद वो बिहार से पाकिस्तान के शहर कराची में बस गए थे. यहीं परवीन का जन्म हुआ. परवीन अपने पिता की सरपरस्ती में कम उम्र में ही शायरी लिखने लगी थी.
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<br />सिर्फ 20 साल की उम्र में परवीन ने अंग्रेजी में कराची यूनीवर्सिटी से एम.ए की डिग्री हासिल की. पढ़ने-लिखने की शौकिन परवीन ने फिर भाषा विज्ञान में भी एम.ए पास किया. पढ़ाई पूरी करने के बाद वह अबदुल्लाह गर्ल्स कॉलेज कराची में बतौर टीचर ज्वाइन किया.
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<br />परवीन की जिंदगी कभी आसां नहीं रहीं. ये उनकी शायरी में भी झलकता है. 24 साल की उम्र में उनका निकाह मिलिट्री डॉक्टर नासिर अली से हुई लेकिन कामयाब नहीं रही. बात खत्म तलाक पर हुई.
<br />हालांकि, उनके वैवाहिक जीवन का असर उनकी लेखनी पर नहीं पड़ा. शादी के एक साल बाद ही मात्र 25 साल की उम्र में पहला काव्य संग्रह “ख़ुशबू” मंज़र-ए-आम आया तो वो हर दिल अजीज बन गईं.
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<br />कराची में 9 साल तक पढ़ाने के बाद परवीन ने पाकिस्तान सिविल सर्विस का एग्जाम पास करक लिया. 30 साल की उम्र में ही वह सेकंड सेक्रेटरी सेंट्रल बोर्ड ऑफ रेवेन्यू बन गईं. परवीन पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद की डिप्टी कलेक्टर भी रहीं.
<br />परवीन की शायरी में मोहब्बत और रिश्तों का दर्द है. वो ना सिर्फ प्यार करने की आरजू करती हैं बल्कि अपने पसंदीदा से इसका इजहार भी चाहती हैं.
<br />परवीन की शायरी सर्द मौसम में सुबह की घास पर जमीं ओस की बूंदें की तरह. जिसे दिल छूकर देखना चाहता है.
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