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रूस-यूक्रेन समझौते के करीब हैं... अमेरिका पहुंचे पुतिन के दूत का ऐलान

रूस-यूक्रेन समझौते के करीब हैं... अमेरिका पहुंचे पुतिन के दूत का ऐलान, ट्रंप से मीटिंग पर क्या कहा?

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रूस के राष्ट्रपति पुतिन के दूत किरिल दिमित्रिएव ने कहा कि रूस, अमेरिका और यूक्रेन 'कूटनीतिक समाधान के करीब' हैं. उन्होंने कहा कि पुतिन-ट्रंप बैठक स्थगित है, रद्द नहीं. अमेरिका पहुंचने के बाद उन्होंने चेताया कि रूस पर प्रतिबंध लगाने से अमेरिका में तेल की कीमतें और बढ़ेंगी.

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रूस-यूक्रेन और अमेरिका में सहमति बन सकती है.
यूक्रेन युद्ध को लेकर महीनों से जमी बर्फ अब पिघलती दिख रही है. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के विशेष दूत किरिल दिमित्रिएव (Kirill Dmitriev) ने कहा है कि रूस, अमेरिका और यूक्रेन एक कूटनीतिक समझौते तक पहुंचने के काफी करीब हैं. दिमित्रिएव, जो रूस के शीर्ष आर्थिक वार्ताकार भी हैं, शुक्रवार को अमेरिका पहुंचे. उनके अमेरिका पहुंचने से ठीक दो दिन पहले रूस की दो बड़ी तेल कंपनियों रोजनेफ्ट (Rosneft) और लुकोइल (Lukoil) पर ट्रंप प्रशासन ने नए प्रतिबंध लगाए थे.

उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘मैं यूएस-रूस संवाद जारी रखने के लिए अमेरिका पहुंचा हूं. यह यात्रा पहले से तय थी और अमेरिकी पक्ष के निमंत्रण पर हो रही है.’ CNN से बातचीत में दिमित्रिएव ने कहा, ‘मेरा मानना है कि रूस, अमेरिका और यूक्रेन अब एक वास्तविक कूटनीतिक समाधान के करीब हैं. राष्ट्रपति जेलेंस्की का यह स्वीकार करना कि अब मामला ‘बैटल लाइनों’ तक सिमट गया है, एक बड़ा कदम है. पहले वे रूस की पूर्ण वापसी की मांग कर रहे थे, लेकिन अब स्थिति बदल रही है.’ उन्होंने कहा कि अगर सब पक्ष प्रैक्टिकल रवैया अपनाएं, तो युद्ध को बातचीत की मेज पर खत्म किया जा सकता है.

‘पुतिन-ट्रंप मीटिंग रद्द नहीं’

दिमित्रिएव ने यह भी साफ किया कि पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रस्तावित मुलाकात रद्द नहीं हुई है, बल्कि आगे की तारीख पर होगी. हाल ही में ट्रंप ने कहा था कि वह बुडापेस्ट में तय मुलाकात को स्थगित कर रहे हैं, क्योंकि वह ‘बिना परिणाम वाली बैठक’ नहीं चाहते. दिमित्रिएव ने रूसी एजेंसी TASS से कहा, ‘दुर्भाग्य से यूक्रेन इस संवाद में बाधा डाल रहा है.ब्रिटेन और यूरोपीय देशों के कहने पर. वे चाहते हैं कि यह संघर्ष चलता रहे.’

अमेरिका को भी दी चेतावनी

उन्होंने कहा, ‘इन कदमों से अमेरिकी नागरिकों के लिए पेट्रोल की कीमतें और बढ़ेंगी. रूस के साथ आर्थिक सहयोग की संभावना अभी भी मौजूद है, लेकिन तभी जब रूस के हितों का सम्मान किया जाए’. अमेरिका की ओर से लगाए गए ताजा प्रतिबंधों में रोजनेफ्ट और लुकोइल को निशाना बनाया गया है. ये दोनों कंपनियां रूस के कुल तेल उत्पादन का आधे से ज्यादा हिस्सा निकालती हैं.

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Yogendra Mishra
योगेंद्र मिश्र ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन किया है. 2017 से वह मीडिया में जुड़े हुए हैं. न्यूज नेशन, टीवी 9 भारतवर्ष और नवभारत टाइम्स में अपनी सेवाएं देने के बाद अब News18 हिंदी के इंटरने...और पढ़ें
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