आपके फेवरेट मेट्रोपोलिटन मॉल पर लगा ताला! आधे से ज्यादा हिस्से की कुर्की, दिल्ली-गुरुग्राम में ED का सख्त एक्शन
सरकारी जांच एजेंसी ईडी ने दिल्ली -एनसीआर में गुरुग्राम स्थित बेहद चर्चित- मेट्रोपोलिटन मॉल के काफी बड़े हिस्से को अटैच कर लिया है. यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में की गई है.
नई दिल्ली. केन्द्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (Directorate of Enforcement) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए एमजीएफ डेवलपमेंट लिमिटेड कंपनी ( MGF Developments Ltd ) की करीब साढ़े 83 करोड़ रुपये की संपत्ति को अटैच कर लिया है. जांच एजेंसी ने दिल्ली -एनसीआर में गुरुग्राम स्थित बेहद चर्चित- मेट्रोपोलिटन मॉल के काफी बड़े हिस्से को भी अटैच कर लिया है. दरअसल मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में ईडी ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया है.
मेट्रोपोलिटन मॉल के 33,601 वर्ग फुट कमर्शियल लैंड जिसकी अनुमानित सरकारी कीमत करीब 31.46 करोड़ रुपये हैं इसे अटैच किया गया है. इसके साथ ही गुरुग्राम स्थित करीब 50 .83 करोड़ के 42,364 वर्ग फुट की प्रॉपर्टी को अटैच किया गया है . हालांकि आज की तारीख में इन दोनों कमर्शियल प्रॉपर्टी का बाजार मूल्य इस सरकारी मूल्य से कई गुना अधिक माना जा सकता है.
क्या है पूरा मामला
MGF डेवलपमेंट लिमिटेड और एम्मार PJSC कंपनी से जुड़ा ये तफ्तीश का दायरा भारत देश के दिल्ली, हरियाणा से लेकर दुबई तक फैला हुआ है, इसलिए जांच एजेंसी बेहद सतर्कता से इस मामले की तफ्तीश में जुटी हुई है. ईडी के दिल्ली जोनल ऑफिस द्वारा इस मामले की तफ्तीश के दौरान ये जानकारी सामने आई कि MGF डेवलपमेंट लिमिटेड के निदेशक और अध्यक्ष श्रवण गुप्ता ने एम्मार – MGF लैंड लिमिटेड, एम्मार PJSC, दुबई और MGF डेवलपमेंट लिमिटेड की एक ज्वाइंट वेंचर कंपनी (JV) से करीब 180 करोड़ की रकम को धोखाधड़ी से हड़प लिया.
इसके साथ ही MGF डेवलपमेंट लिमिटेड के निदेशक और अध्यक्ष श्रवण गुप्ता ने जेवी कंपनी को विभिन्न तरीके के सेवा प्रदान करने के नाम पर फर्जी और पुरानी तारीख वाले समझौते के माध्यम से जेवी कंपनी से धनराशि हड़पने के लिए दो कंपनियों का सहारा लिया ,जिसका नाम है – मेसर्स नैनी इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स सौम इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड,इन दोनों कंपनियों के मार्फत इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया. इस मामले में कई बार श्रवण गुप्ता को जांच एजेंसी के द्वारा पूछताछ के लिए समन भेजा गया लेकिन वो पूछताछ की प्रक्रिया में शामिल नहीं हुए.
क्या है प्रवर्तन निदेशालय
ED यानी प्रवर्तन निदेशालय, भारत सरकार की आर्थिक अपराधों से जुड़े मामलों की जांच करने वाली एजेंसी है. ईडी, वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग के अधीन काम करती है. प्रवर्तन निदेशालय मुख्य रूप से मनी लॉन्ड्रिंग, फेमा और भगोड़े आर्थिक अपराधियों की संपत्तियों की जांच व उन्हें कुर्क करने का काम करती है.
पिछले कुछ सालों में प्रवर्तन निदेशालय ने विजय माल्या, मेहुल चौकसी और नीरव मोदी समेत अन्य आर्थिक अपराध कर देश छोड़कर भागे, अपराधियों के खिलाफ जांच की है, साथ ही उनकी प्रॉपर्टी भी जब्त की है.
