रेलवे का आदेश- भीड़ नजर आने पर ट्रेन की स्पीड कम कर दें ड्राइवर
उत्तर रेलवे के वरिष्ठ संभागीय संचालन प्रबंधक ने 23 अक्टूबर को इस जोन के सभी संभागों को लिखा, ‘रेलवे ने 19 अक्टूबर को 59 लोगों के ट्रेन से कुचलकर मर जाने की घटना को बड़ी गंभीरता से लिया है और यह सुनिश्चित करने के लिए कि भविष्य में यह दोबारा न हो, रेलवे प्रशासन ने आदेश जारी किया है जिसे लागू किया जाना है.
अमृतसर जैसी दुर्घटना रोकने के लिए उत्तर रेलवे ने ट्रेन ड्राइवरों और गार्डों को रेलवे ट्रैक पर भीड़ नजर आने या किसी उत्सव से संबंधित समारोह का पता चलने पर ट्रेन की स्पीड कम करने को कहा है. इसके अलावा उत्तर रेलवे ने उपयुक्त सुरक्षा उपाय अपनाने का निर्देश भी दिया है.
उन्नीस अक्टूबर को महज 400 मीटर दूर गार्ड ने न तो, रेलपटरी पर खड़े होकर दशहरा कार्यक्रम देख रहे लोगों और न ही निकटतम स्टेशन को अलर्ट किया था। ऐसे में लोगों को पता नहीं चला और 59 लोग ट्रेन की चपेट में आकर मर गए.
रेलवे ने कहा कि उसकी कोई गलती नहीं है क्योंकि उसके पास इस कार्यक्रम की कोई सूचना नहीं थी.
उत्तर रेलवे के वरिष्ठ संभागीय संचालन प्रबंधक ने 23 अक्टूबर को इस जोन के सभी संभागों को लिखा, ‘रेलवे ने 19 अक्टूबर को 59 लोगों के ट्रेन से कुचलकर मर जाने की घटना को बड़ी गंभीरता से लिया है और यह सुनिश्चित करने के लिए कि भविष्य में यह दोबारा न हो, रेलवे प्रशासन ने आदेश जारी किया है जिसे लागू किया जाना है.’
इस पत्र में ड्राइवरों, गार्डों, गेटमैन, कीमैन, स्टेशन मास्टर और रेलवे सुरक्षा बल के लिए निर्देश हैं.
पत्र में ड्राइवरों, गार्डों, गेटमैन और कीमैन को निर्देश दिया गया है, ‘काम के दौरान यदि आप को रेलमार्गों के आसपास भीड़, किसी उत्सव का कार्यक्रम या कोई मेला या कोई सरकारी कार्यक्रम नजर आता है तो आप रफ्तार नियंत्रित करें, निकटतम स्टेशन को और अगले ठहराव स्थल के स्टेशन मास्टर को भी इसकी सूचना दें.'
