How to Become RAW Agent: रॉ एजेंट कैसे बनें? देश की नंबर 1 खुफिया एजेंसी में कितनी सैलरी मिलेगी?
How to Become RAW Agent: रॉ का फुल फॉर्म रिसर्च एंड एनालिसिस विंग है. रॉ एजेंट बनना आसान नहीं है. इसके लिए कई कठिन परीक्षाएं पास करना जरूरी है. RAW भारत की बाहरी खुफिया एजेंसी है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेशी खुफिया जानकारी के संग्रह, विश्लेषण और प्रबंधन के लिए जिम्मेदार है.
नई दिल्ली (How to Become RAW Agent). भारत पाकिस्तान तनाव के बीच कई चौंकाने वाली खबरें सामने आ रही हैं. हाल ही में ज्योति मल्होत्रा, गजाला, यात्री डॉक्टर समेत कई भारतीय नागरिकों पर पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप लगे हैं. इन सभी को गैर-कानूनी हरकतों में लिप्त माना जा रहा है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ में एजेंट बनकर आप अपने देश के लिए भी जासूसी कर सकते हैं?
RAW एजेंट्स विशेष रूप से प्रशिक्षित एक्सपर्ट होते हैं. भारत की बाहरी खुफिया एक्टिविटीज में इनका खास रोल होता है. ये एजेंट्स राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गोपनीय मिशन को अंजाम देते हैं. रॉ एजेंट की मुख्य भूमिका देश की सुरक्षा को सुनिश्चित करना, आतंकवाद का मुकाबला करना और भारत के रणनीतिक हितों की रक्षा करना है. रॉ एजेंट बनना आसान नहीं है. इसके लिए यूपीएससी, एसएससी जैसी कठिन परीक्षाएं पास करना अनिवार्य है. जानिए रॉ एजेंट कैसे बनें और इनकी सैलरी कितनी होती है.
Raw Join Kaise Kare: रॉ में नौकरी कैसे मिलेगी?
रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) में अधिकारी बनने के लिए कोई सीधा भर्ती प्रक्रिया नहीं है. यह भारत की बाहरी खुफिया एजेंसी है और इसमें शामिल होने के लिए विशिष्ट योग्यता, कौशल और प्रक्रिया की जरूरत होती है.
रॉ एजेंट बनने के लिए योग्यता
नागरिकता: रॉ एजेंट बनने के लिए उम्मीदवार का भारतीय नागरिक होना अनिवार्य है.
शैक्षिक योग्यता: न्यूनतम स्नातक डिग्री (किसी भी स्ट्रीम में). विदेशी भाषाओं, कंप्यूटर ज्ञान और एनालिटिकल स्किल्स को प्राथमिकता दी जाती है.
आयु सीमा: आमतौर पर उम्मीदवार की आयु 56 वर्ष से कम होनी चाहिए.
बैकग्राउंड: रॉ में एजेंट की भर्ती से पहले उसका बैकग्राउंड चेक किया जाता है. इसमें किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाती है.
स्किल्स: तेज दिमाग, गोपनीयता बनाए रखने की क्षमता और उत्कृष्ट निर्णय लेने की क्षमता. विदेशी भाषाओं का ज्ञान (विशेष रूप से क्षेत्रीय या अंतरराष्ट्रीय भाषाएं) होना अतिरिक्त लाभ है. साथ ही एनालिटिकल और स्ट्रैटेजिक थिंकिंग का होना भी जरूरी है.
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रॉ में एजेंट की भर्ती प्रक्रिया
RAW में भर्ती आमतौर पर निम्नलिखित तरीकों से होती है:
A. UPSC सिविल सेवा परीक्षा
प्रक्रिया: यूपीएससी IAS, IPS, IFS, और IRS जैसे ग्रुप-A पदों पर भर्ती के लिए सिविल सेवा परीक्षा (CSE) आयोजित करता है, उसे पास करें.
लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) में फाउंडेशन कोर्स के दौरान RAW के अधिकारी संभावित उम्मीदवारों की पहचान करते हैं.
चयनित उम्मीदवारों को मनोवैज्ञानिक परीक्षण (Psychological Tests) और साक्षात्कार जैसी प्रक्रियाओं के लिए बुलाया जाता है.
क्यों जरूरी?: RAW में ज्यादातर Class I कार्यकारी स्तर (Executive Level) के अधिकारी सिविल सेवाओं (विशेष रूप से IPS और IFS) से डेपुटेशन पर लिए जाते हैं.
B. अन्य सरकारी विभागों से डेपुटेशन
RAW में भर्ती के लिए उम्मीदवारों को अन्य सरकारी विभागों जैसे इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB), भारतीय सेना, नौसेना, वायुसेना या मिलिट्री इंटेलिजेंस से भी चुना जाता है. मिलिट्री इंटेलिजेंस के अधिकारियों को विशेष प्राथमिकता दी जाती है.
C. SSC CGL या ACIO परीक्षा
कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (SSC) की कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल (CGL) परीक्षा या असिस्टेंट सेंट्रल इंटेलिजेंस ऑफिसर (ACIO) परीक्षा के माध्यम से भी RAW में एंट्री संभव है. यह रास्ता निचले स्तर की भूमिकाओं के लिए अपनाया जाता है. बाद में प्रदर्शन के आधार पर उच्च पदों पर विचार किया जा सकता है.
D. CDS परीक्षा (सैन्य पृष्ठभूमि)
कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज (CDS) परीक्षा के जरिए सेना, नौसेना या वायुसेना में शामिल होने वाले अधिकारी भी RAW में डेपुटेशन के लिए पात्र हो सकते हैं. सैन्य पृष्ठभूमि वाले अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण के बाद RAW में शामिल किया जा सकता है.
रॉ एजेंट का चयन कैसे होता है?
RAW में भर्ती की प्रक्रिया बहुत गोपनीय होती है और इसके बारे में सार्वजनिक रूप से ज्यादा जानकारी उपलब्ध नहीं होती है. इसके लिए कोई भी प्रत्यक्ष भर्ती विज्ञापन या आवेदन प्रक्रिया नहीं होती है. RAW खुद ही संभावित उम्मीदवारों की पहचान करता है. रॉ में उम्मीदवारों का चयन उनकी शैक्षिक पृष्ठभूमि, अनुभव और विशेष स्किल्स (जैसे साइबर सुरक्षा, तकनीकी विशेषज्ञता या क्षेत्रीय विशेषज्ञता) के आधार पर किया जाता है. इसके बाद मनोवैज्ञानिक परीक्षण, साक्षात्कार और गहन बैकग्राउंड जांच भी की जाती है.
रॉ एजेंट की ट्रेनिंग
रॉ में चयन के बाद उम्मीदवारों को कठिन प्रशिक्षण से गुजरना पड़ता है, जिसमें खुफिया संचालन, विश्लेषण और फील्डवर्क शामिल होता है. 1 साल की ट्रेनिंग और फील्ड मूल्यांकन के बाद उम्मीदवारों को रिसर्च एंड एनालिसिस सर्विस (RAS) में स्थायी रूप से शामिल किया जा सकता है.
काम की बात
गोपनीयता: RAW में काम करने के लिए गोपनीयता का पालन करना सबसे जरूरी है.
करियर पाथ: RAW में शामिल होने के लिए पहले IB, सेना या सिविल सेवाओं में अनुभव प्राप्त करना बेहतर होता है.
भाषा और तकनीकी कौशल: विदेशी भाषाओं (जैसे अरबी, चीनी या रूसी) और तकनीकी ज्ञान (जैसे साइबर सिक्योरिटी) सीखें.
फिटनेस: शारीरिक और मानसिक फिटनेस जरूरी है क्योंकि RAW के वर्क प्रोफाइल में चैलेंजिंग सिचुएशन हो सकती है.
RAW एजेंट कितनी तरह के होते हैं?
रॉ एजेंट कई तरह के होते हैं. रॉ में अलग-अलग कामों के लिए कई टीम्स बनाई जाती हैं और एजेंट्स को उनकी योग्यता या स्किल के आधार पर किसी टीम का हिस्सा बनाया जाता है.
फील्ड एजेंट्स: विदेशों में गुप्त मिशन को अंजाम देने वाले.
डेस्क ऑफिसर्स: खुफिया जानकारी को एनालाइज करना और स्ट्रैटेजी बनाना.
तकनीकी विशेषज्ञ: साइबर एक्सपर्ट, सिग्नल इंटेलिजेंस (SIGINT) और तकनीकी निगरानी.
भाषा विशेषज्ञ: क्षेत्रीय या अंतरराष्ट्रीय भाषाओं में विशेषज्ञता.
रणनीतिक सलाहकार: नीति निर्माण और सरकार को सलाह देना.
RAW Agent Salary: रॉ एजेंट को कितनी सैलरी मिलती है?
रॉ में नौकरी काफी गोपनीय रखी जाती है. इसलिए रॉ एजेंट की सैलरी से जुड़ा कोई डेटा सार्वजनिक नहीं है. हालांकि आईएएस, आईपीएस व अन्य टॉप अधिकारियों का सैलरी स्ट्रक्चर देखकर उसी से रॉ एजेंट की सैलरी का अंदाजा लगा सकते हैं.
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