कौन है 'ड्रग किंगपिन' का बेटा ऋषभ बैसोया? इंटरपोल ने ₹13,000 करोड़ के कोकीन मामले में किया रेड नोटिस जारी!
Interpol Red Corner Notice To Rishabh Baisoya: ऋषभ बैसोया, वीरेंद्र सिंह बैसोया उर्फ वीरू का बेटा है, जो एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी गिरोह का सरगना है और दिल्ली के पिलनजी गांव का रहने वाला है. बैसोया का नेटवर्क दिल्ली, पंजाब, मुंबई, हैदराबाद और गोवा तक फैला हुआ है और माना जाता है कि उसने विदेशी खातों और हवाला के जरिए हजारों करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग की है.
Who is Rishabh Baisoya: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के 13,000 करोड़ रुपये के कोकीन की खेप मामले में वांछित भगोड़े ऋषभ बैसोया के खिलाफ इंटरपोल ने रेड नोटिस जारी कर दिया है. ऐसे में चलिए आपको बताते हैं ऋषभ बैसोया आखिर है कौन और 13,000 करोड़ रुपये के कोकीन वाला मामला आखिर है क्या.
कौन है ऋषभ बैसोया
ऋषभ बैसोया, वीरेंद्र सिंह बैसोया उर्फ वीरू का बेटा है, जो एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी गिरोह का सरगना है और दिल्ली के पिलनजी गांव का रहने वाला है. बैसोया का नेटवर्क दिल्ली, पंजाब, मुंबई, हैदराबाद और गोवा तक फैला हुआ है और माना जाता है कि उसने विदेशी खातों और हवाला के जरिए हजारों करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग की है.
ऋषभ बैसोया पर क्या आरोप हैं?
1 अक्टूबर 2024 को में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 13000 करोड़ का ड्रग्स पकड़ा था. पुलिस का दावा था कि यह ड्रग्स विदेश में बैठे वीरेंद्र बसोया ने भेजा था. इसी सिंडिकेट से जुड़े जस्सी को पंजाब के अजनाला से गिरफ्तार किया गया था. जस्सी की SUV से कुछ ड्रग्स बरामद हुए थे और वह गाड़ी ऋषभ की थी, जो उसने जस्सी को दी थी. इसके बाद से ऋषभ विदेश भाग गया था.
कैसे चलता है कार्टेल का नेटवर्क
जांच में एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का पता चला जो दक्षिण अमेरिका से दुबई के रास्ते भारत में कोकीन की तस्करी करता था. यह गिरोह माल की खेप छिपाने और वित्तीय लेन-देन छिपाने के लिए फर्जी आयात कंपनियों, नकली दवा और कूरियर कंपनियों का इस्तेमाल करता था. कथित तौर पर सिंडिकेट का संचालन पाकिस्तान और दुबई से संचालित होता था और इसके सदस्य थाईलैंड, मलेशिया और यूनाइटेड किंगडम के रहने वाले थे.
ऋषभ बैसोया के नाम पर रेड नोटिस जारी
ऋषभ काफी दिनों से फरार है, जिसके बाद अब उसके खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है. यानी अब दुनियाभर में ऋषभ की तलाश शुरू हो गई है. रेड कॉर्नर नोटिस के अलावा भी ऋषभ को चारों तरफ से शिकंजे में लेने की तैयारी है. उसके खिलाफ स्पेशल सेल ने उसकी गैरमौजूदगी में ही मुकदमा चलाने की अपील भी की है. कोर्ट पहले ही ऋषभ को भगोड़ा घोषित कर चुकी है.
रेड कॉर्नर नोटिस क्या है
रेड कॉर्नर नोटिस इंटरपोल जारी करती है. जिसका मकसद दुनिया भर की जांच एजेंसियों को किसी व्यक्ति का पता लगाने और उसे हिरासत में लेने का अनुरोध करना होता है. यह नोटिस हत्या, चोरी और भ्रष्टाचार जैसे गंभीर अपराधों के लिए जारी किया जाता है. रेड कॉर्नर नोटिस से यात्रा पर प्रतिबंध लग सकता है. संपत्ति जब्त की जा सकती है.
