आखिरकार थम जाएगा 96 सालों से अधिक का सफर, बंद होगा चांदनी चौक का अन्नपूर्णा भंडार
दिल्ली के चांदनी चौक की 96 साल पुरानी अन्नपूर्णा भंडार मिठाई दुकान लंबे कानूनी विवाद के बाद 31 दिसंबर को बंद होगी. इस दुकान की खासियत यह है कि पीएम नेहरू, इंदिरा गांधी और इंडियन क्रिकेट टीम भी यहां की मिठाइयां खा चुके हैं.
96दिल्ली. दिल्ली के चांदनी चौक में गुरुद्वारा सीस गंज साहिब के पास स्थित 96 साल पुरानी मशहूर मिठाई दुकान अन्नपूर्णा भंडार अब 31 दिसंबर को हमेशा के लिए बंद हो जाएगी. करीब तीन साल तक चली कानूनी लड़ाई के बाद यह ऐतिहासिक दुकान अपनी दशकों पुरानी परंपरा को अलविदा कहने जा रही है. पीढ़ियों से जुड़े ग्राहकों के लिए अन्नपूर्णा भंडार सिर्फ एक मिठाई की दुकान नहीं, बल्कि त्योहारों, खुशियों और यादों का अहम हिस्सा रही है.
दुकान का इतिहास
1929 में स्थापित अन्नपूर्णा भंडार को 81 वर्षीय मिहिर मुखर्जी पिछले 60 वर्षों से चला रहे हैं. उनके दादा एम.एम. मुखर्जी ने ब्रिटिश रेलवे से रिटायर होने के बाद, राजधानी के कलकत्ता से दिल्ली आने पर यहां बंगाली मिठाइयों का कारोबार शुरू किया था. अब दुकान के मालिक और मुखर्जी परिवार के बीच किराए को लेकर विवाद है और नई पीढ़ी के कारोबार से दूरी बनाने और कानूनी उलझनों के चलते चांदनी चौक की यह ऐतिहासिक दुकान बंद होने जा रही है.
इन दिग्गजों ने लिया स्वाद
आपको बता दें 96 साल पुरानी अन्नपूर्णा भंडार की मिठाइयों का स्वाद पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू, राजीव गांधी, इंदिरा गांधी और पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री ज्योति बसु जैसे दिग्गज ले चुके हैं.इतना ही नहीं साल 1983 जब इंडिया ने क्रिकेट विश्व वर्ल्ड कप जीता था, उस समय भी इस दुकान से टीम इंडिया के लिए मिठाइयां भेजी गई थी.
क्या है पूरा मामला
दुकान के मालिक अंकुर गुप्ता का कहना है कि वर्ष 2022 में अन्नपूर्णा भंडार की लीज़ को पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत नोटिस देकर समाप्त कर दिया गया था. इसके बावजूद दुकानदारों ने परिसर खाली नहीं किया और कब्ज़ा बनाए रखा. मजबूरन मालिक पक्ष को अदालत का रुख करना पड़ा, जिसके बाद लगभग तीन साल तक चली कानूनी लड़ाई के जरिए अब दुकान को खाली कराया जा सका है. इतना ही नहीं दुकान के मालिक का कहना है कि वह यहां पर एक नई दुकान खोलेंगे और मौजूदा स्टाफ के साथ इस दुकान को दोबारा चलाएंगे.
क्या कहते हैं ग्राहक
स्थानीय ग्राहकों का कहना है कि अन्नपूर्णा भंडार का बंद होना चांदनी चौक की एक पहचान के खत्म होने जैसा है. कई लोगों के लिए यह दुकान सिर्फ मिठाई खरीदने की जगह नहीं, बल्कि बचपन, त्योहारों और पारिवारिक परंपराओं से जुड़ी यादों का हिस्सा रही है. कुछ ग्राहकों ने इसे समय का बदलाव बताया, तो कई ने कहा कि 96 साल पुरानी दुकान का इस तरह बंद होना बेहद दुखद है.