CBSE Board Exam 2024: सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में सिलेबस के बाहर से सवाल आने पर क्या करें? काम आएंगे ये टिप्स
CBSE Out Of Syllabus Questions: सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में हर विषय का पेपर बहुत सोच-विचार कर और कई लोगों से सलाह लेकर बनाया जाता है. लेकिन उसके बावजूद कई बार पेपर में छोटी-बड़ी गलतियां हो जाती हैं. अगर आप सीबीएसई बोर्ड कक्षा 10वीं या 12वीं के स्टूडेंट हैं और पेपर में कोई सवाल आउट ऑफ सिलेबस आ गया है तो जानिए आप क्या कर सकते हैं.
नई दिल्ली (CBSE Out of Syllabus Questions). केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड 10वीं और 12वीं की परीक्षा शुरू हो चुकी है. सीबीएसई बोर्ड परीक्षा देश के साथ ही विदेशों में भी आयोजित की जाती है. सीबीएसई बोर्ड परीक्षा 2024 के हर विषय का पेपर बहुत ध्यान से और NCERT सिलेबस के आधार पर तैयार किया जाता है. लेकिन उसके बावजूद कई बार पेपर बनाने वालों से भूल हो जाती है और उसमें सिलेबस के बाहर के कुछ सवाल भी आ जाते हैं.
बात सीबीएसई, यूपी, राजस्थान, एमपी, बिहार बोर्ड परीक्षा की हो या अन्य परीक्षाओं की, उनके पेपर में आउट ऑफ सिलेबस या गलत सवाल आ जाना आम बात है (CBSE Board Exam 2024). किसी भी परीक्षा में कोई गलत सवाल आ जाने पर स्टूडेंट्स परेशान हो जाते हैं. उसे पढ़ने, समझने और उसका जवाब सोचने में उनका काफी वक्त बर्बाद हो जाता है. अगर आप सीबीएसई बोर्ड परीक्षा दे रहे हैं और किसी पेपर में आउट ऑफ सिलेबस सवाल आ गया है तो जानिए इस स्थिति में आप क्या कर सकते हैं.
CBSE Board Exam 2024: गलत सवाल आने पर क्या करें?
सीबीएसई बोर्ड परीक्षा 2024 के किसी भी पेपर में गलत या सिलेबस से बाहर का प्रश्न पूछे जाने की स्थिति में परीक्षार्थी को उसकी जानकारी पर्यवेक्षक को देनी चाहिए. इसके बाद पर्यवेक्षक सीबीएसई को मेल करेंगे. इसके आधार पर बोर्ड नई मार्किंग स्कीम तैयार करेगा. बोर्ड परीक्षा के दौरान स्टूडेंट्स अकसर सिलेबस से बाहर के सवाल पूछे जाने का आरोप लगाते हैं. आमतौर पर ऐसा होने की स्थिति में स्टूडेंट्स या अभिभावक गलत सवाल की जानकारी बोर्ड को देते थे.
CBSE Board Exam 2024: टीचर्स को बनानी होगी रिव्यू रिपोर्ट
इस साल सीबीएसई बोर्ड ने इस तरह के आरोपों से बचने के लिए नई व्यवस्था तैयार की है. अब 10वीं, 12वीं के शिक्षकों द्वारा दी गई जानकारी के हिसाब से मार्किंग स्कीम बनाई जाएगी. जिस दिन जिस विषय का एग्जाम होगा, उसी दिन पेपर खत्म होते ही टीचर्स को प्रश्न पत्र की समीक्षा रिपोर्ट तैयार करके भेजनी होगी. इस रिपोर्ट में उन्हें बताना होगा कि पेपर कैसा था, पेपर में कोई गलती थी या नहीं, प्रिंट की गुणवत्ता कैसी थी, पाठ्यक्रम के बाहर के प्रश्न थे या नहीं आदि.
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