Trending:
गूगल पर
News18 चुनें
होमताजा खबरनॉलेज
चंद्रयान-2 प्रॉजेक्ट में हुई देरी, ISRO ने बताई ये वजह

चंद्रयान-2 प्रॉजेक्ट में हुई देरी, ISRO ने बताई ये वजह

Last Updated:

चंद्रयान-2 को अप्रैल में अंतरिक्ष में भेजने की योजना थी.किन नई जानकारी ये है कि चंद्रयान-2 को अक्टूबर में अंतरिक्ष में भेजा जाएगा.

ख़बरें फटाफट
विज्ञापन

चंद्रयान-2 को अप्रैल में अंतरिक्ष में भेजने की योजना थी. नई जानकारी ये है कि चंद्रयान-2 को अक्टूबर में अंतरिक्ष में भेजा जाएगा.


विज्ञापन

मिशन से जुड़े वैज्ञानिकों की टीम का मानना है कि चंद्रयान-2 को अंतरिक्ष में भेजे जाने से पहले कुछ और टेस्ट किये जाने ज़रूरी हैं. चंद्रयान-2 पूरी तरह से भारत में तैयार किया गया है, जिसे भारी भरकम GSLV के ज़रिये अंतरिक्ष में भेजे जाने की योजना है.


विज्ञापन

इसरो के लिए चंद्रयान-2 इसलिए भी अहम है क्योंकि पहली बार इसरो चंद्रमा पर किसी रोवर को उतारने वाला है. चंद्रमा धरती से क़रीब 3 लाख 82 हज़ार किलोमीटर दूर है, और चंद्रयान-2 को धरती से चंद्रमा तक पहुँचने में क़रीब 2 महीने का वक़्त लगेगा. चंद्रयान-2 के तीन हिस्से होंगे, ऑर्बिटर, लैंडर और रोवर


चंद्रमा के 100 किलोमीटर के फासले तक पहुँचने के बाद ऑर्बिटर से लैंडर और रोवर अलग हो जाएंगे. जबकि ऑर्बिटर चंद्रमा के चक्कर लगाता रहेगा. फिर ठीक चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर, लैंडर और रोवर चंद्रमा की सतह के पास पहुँचेंगे, और लैंडर से अलग होकर रोवर चंद्रमा पर चलना शुरू कर देगा.

रोवर एक 6 पहिये की गाड़ी होगी, जिसमें हाई क्वालिटी कैमरे लगे होंगे. इन कैमरों से रोवर लगातार इसरो तक चंद्रमा की सतह की तस्वीरें पहुँचाता रहेगा. रोवर चंद्रमा की सतह पर क़रीब 200 किलोमीटर की दूरी तय करेगा।

Click here to add News18 as your preferred news source on Google.
न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
और पढ़ें

फोटो

रंगभरी एकादशी पर शिवजी की इस शुभ मुहूर्त पर करें पूजा, जानें महत्व,पारण का समय

धनु समेत 3 राशियों के जीवन में आएगा उत्साह और जोश! पढ़ें आज का टैरो ​राशिफल

शादी के बाद पहली होली लड़की ससुराल में क्यों नहीं मनाती है? जानिए परंपरा

क्या आप भी बिना शब्दों के चिंता कर सकते हैं? श्री श्री रवि शंकर से जानिए जीवन

और देखें

ताज़ा समाचार

अमेरिकी रेगिस्तान में 3500 किलोमीटर के दायरे में गाड़ियों की नो एंट्री क्यों?

नियोग से कितनी संतानें पैदा कर सकती थीं महिलाएं, कैसे तय होते थे पुरुष, नियम

किसके हाथ में NCERT वाली बात? कौन तय करता है बुक में क्या लिखा जाएगा?

5000 प्रकाश वर्ष दूर स्पेस में तैरती मिली 'इंसानी खोपड़ी' जैसी यह चीज क्या है?

क्यों राष्ट्रपति भवन में नहीं रहना चाहते थे राजाजी, मानते थे इसको सफेद हाथी

और पढ़ें
होमटी20 वर्ल्ड कपलाइव टीवीलोकल