दिल्ली ATC में आया एक टेक्निकल ग्लिच, चरमरा गया पूरा एविएशन सिस्टम, विदेशी एयरपोर्ट की क्यों लगी लंका?
Delhi IGI Airport AMSS Glitch: एटीसी के एएमएसएस सिस्टम में आई टेक्निकल ग्लिच का असर दिल्ली एयरपोर्ट के साथ साथ देश और विदेश के कई एयरपोर्ट में देखने को मिला. बिगड़े हुए हालात को देखते हुए मुंबई और जयपुर एयरपोर्ट ने पैसेंजर्स के लिए एडवाइजरी जारी की है.
Delhi IGI Airport AMSS Glitch: शुक्रवार सुबह इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (आईजीआई) एयरपोर्ट के एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) में आए टेक्निकल ग्लिच ने पूरे एविएशन नेटवर्क को हिलाकर रख दिया है. एटीसी के ऑटोमेटिक मैसेज स्विचिंग सिस्टम (एएमएसएस) में आए टेक्निकल ग्लिच की वजह से न केवल दिल्ली एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी मच गई, बल्कि देश-विदेश के कई एयरपोर्ट्स पर भी इसका असर दिखने लगा. देखते ही देखते, दिल्ली का आसमान फ्लाइट्स की कतारों से भरने लगा, वहीं दूसरे एयरपोर्ट पर दिल्ली से आने वाली फ्लाइट्स का इंतजार करते ही रह गए.
एयरपोर्ट ऑपरेशन से जुड़े सीनियर ऑफिसर के अनुसार, एएमएसएस को एटीसी का दिल कहा जा सकता है. इसी सिस्टम की मदद से पायलट और कंट्रोल टावर के बीच जरूरी जानकारियों का आदान-प्रदान होता है. साथ ही, फ्लाइट प्लान, मौसम की रिपोर्ट, रूट क्लियरेंस और सेफ्टी अलर्ट्स जैसी तमाम जानकारियां इसी सिस्टम के जरिए पायलट, एयरलाइंस और दूसरी संबंधित एजेंसियां एटीसी तक पहुंचाती है. शुक्रवार को एएमएसएस में अचानक आए टेक्निकल ग्लिच से कम्युनिकेशन फ्लो बिगड़ गया. एटीसी कंट्रोलर्स को फ्लाइट डेटा मैनुअली हैंडल करना पड़ा, यानी सेकेंडों में होने वाला प्रॉसेस को अब हाथ से करना पड़ रहा था.
दुनिया के एयरपोर्ट डिसरप्शन मैप में IGIA हुआ सबसे खराब
शुक्रवार सुबह एएमएसएस में आए टेक्निकल ग्लिच को दुरुस्त करने के लिए एटीसी और डायल की टेक्निकल टीमें जुट गईं. पहले माना जा रहा था कि कुछ घंटों में ग्लिच को दूर कर लिया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. शाम चार बजे तक स्थिति जस की तस बनी रही. साथ ही, आईजीआई एयरपोर्ट से फ्लाइट्स के डिले होने का सिलसिला बिगड़ता चला गया. फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट flightradar24 की मानें तो शुक्रवार को शाम चार बजे तक आईजीआई एयरपोर्ट से करीब 619 फ्लाइट्स डिले हुईं. डिले होने वाली फ्लाइट्स में करीब 428 डिपार्चर फ्लाइट्स थी, जो एयरपोर्ट के कुल ऑपरेशन का करीब 59 प्रतिशत हैं.
वहीं, flightradar24 के अनुसार, इन डिले की वजह से शुक्रवार को आईजीआई एयरपोर्ट दुनिया की एयरपोर्ट डिसरप्शन मैप में दूसरे पायदान पर पहुंच गया. पहले पायदान पर 75 फीसदी फ्लाइट डिसरप्शन की वजह से टोक्यो एयरपोर्ट रहा. वहीं एराइवल एयरपोर्ट की बात करें तो आईजीआई एयरपोर्ट से करीब 196 फ्लाइट्स अपने समय पर लैंड नहीं हो सकीं. यह प्रतिशत आईजीआई एयरपोर्ट के कुल ऑपरेशन का करीब 27 फीसदी है. आपको बता दें कि दिल्ली एयरपोर्ट पर हर दिन करीब 1,500 फ्लाइट्स ऑपरेट की जाती हैं. माना जा रहा है कि समय रहते एएमएसएस की तकनीकी खराबी को दूर नहीं किया गया तो प्रभावित होने वाली फ्लाइट्स का नंबर काफी बढ़ सकता है.
देश-विदेश के एयरपोर्ट्स में दिखने लगा दिल्ली का असर
दिल्ली एयरपोर्ट न सिर्फ भारत का बल्कि दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा एविएशन हब है. यहां से 68 एयरलाइंस रोज़ाना उड़ान भरती हैं. करीब 207 एयरपोर्ट्स (डोमेस्टिक और इंटरनेशनल) तक डायरेक्ट फ्लाइट्स जाती हैं. इनमें से 60 से ज्यादा देश ऐसे हैं, जहां दिल्ली से सीधे इंटरनेशनल कनेक्शन मौजूद है. यानी अगर दिल्ली में कोई तकनीकी खामी आती है, तो उसका असर देश के तमाम एयरपोर्ट्स के साथ साथ दुबई, सिंगापुर, बैंकॉक, लंदन या पेरिस तक भी पहुंच जाता हैं. शुक्रवार को यही भी हुआ. दिल्ली एयरपोर्ट पर आई इस खामी की वजह से मुंबई, जयपुर, हैदराबाद, बेंगलुरु सहित देश के तमाम एयरपोर्ट से फ्लाइट्स डिले होना शुरू हो गई.
इस डिले को देखते हुए मुंबई एयरपोर्ट ने शाम करीब चार बजे एक पैसेंजर एडवाइजरी जारी की, जिसमें कहा गया कि दिल्ली एयरपोर्ट में एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) की फ्लाइट प्लानिंग को सपोर्ट करने वाले ऑटोमैटिक मैसेज स्विचिंग सिस्टम (AMSS) में आई तकनीकी खराबी की वजह से मुंबई एयरपोर्ट पर फ्लाइट ऑपरेशंस प्रभावित हुए हैं. संबंधित एजेंसीज इस समस्या को जितनी जल्दी हो सके ठीक करने में जुटे हैं. इस वजह से एयरलाइन ऑपरेशंस में देरी हो सकती है. पैसेंजर्स से अनुरोध है कि वे अपनी एयरलाइन से संपर्क कर फ्लाइट स्टेटस और नया शेड्यूल जान लें. यहां आपको बता दें कि दिल्ली एयरपोर्ट देश के कुल फ्लाइट मूवमेंट का लगभग 15%–25% हिस्सा संभालता है. मतलब, देश की हर चौथी-पांचवीं उड़ान का सीधा रिश्ता दिल्ली से है.
