Trump Tariff News: मोदी-लूला की बात, डोभाल-पुतिन की मुलाकात और चीन का साथ... भारत की 3 ताल देख अब ता-ता थैया करेंगे ट्रंप!
Trump Tariff News: अमेरिका ने भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाया है. 25 फीसदी टैरिफ लागू है. बचे 25 फीसदी टैरिफ 21 दिन बाद लगेंगे. इस बीच भारत ने भी अपनी चाल चल दी है. रूस में पुतिन से अजीत डोभाल ने मुलाकात की है. यहां पीएम मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति के बीच बातचीत हुई है. दूसरी ओर पीएम मोदी चीन भी जाने वाले हैं.
Donald Trump Tariff News: अमेरिका खुद को दुनिया का चौधरी मानता है. वह सुपरपावर होने के नाते वर्ल्ड ऑर्डर तय करता है. वह अपने इशारों पर दुनिया को नचाना चाहता है. यही वजह है कि भारत समेत ब्रिक्स देशों को अमेरिका टैरिफ बम की धमकी से डरा रहा है. मगर अमेरिका एक बात भूल गया. भारत अब पहले वाला भारत नहीं रहा. आज का भारत नया भारत है, जो किसी के पीछे नहीं चलता, अपनी राह खुद बनाता है. आज भारत वर्ल्ड ऑर्डर तय करने की क्षमता रखता है. यही वजह है कि डोनाल्ड ट्रंप के 50 फीसदी टैरिफ के सामने भी भारत डटकर खड़ा है. पीएम मोदी ने अमेरिका को संदेश दे दिया है. भारत अपने किसानों के हितों से समझौता नहीं करेगा. भारत ने तीन ताल वाली ऐसी चाल चली है, जिसे देखकर तो अब डोनाल्ड ट्रंप ता-ता थैया करते नजर आएंगे.
भारत अभी जहां खड़ा है, वह बड़ा निर्णायक मोड़ है. अगर भारत टैरिफ पर अमेरिका के सामने नहीं झुकता है तो खुद डोनाल्ड ट्रंप को अपने कदम पीछे खींचने पड़ सकते हैं. कारण कि कई अमेरिकी एक्सपर्ट्स का मानना है कि भारत पर 50 फीसदी टैरिफ से अमेरिका को भी काफी नुकसान झेलना पड़ सकता है. दूसरी बड़ी वजह है कि अमेरिका टैरिफ लगाकर भारत को एक मौका दे रहा है. वह मौका, जिसके बाद भारत, रूस और चीन की तिकड़ी पूरी दुनिया का वर्ल्ड ऑर्डर बदल सकती है. वैसे भी RIC यानी रूस-भारत-चीन त्रिपक्षीय मंच को फिर से एक्टिव करने की बात काफी समय से चल रही है. इससे ट्रंप की टेंशन और बढ़ सकती है.
अब समझते हैं कि भारत की 3 ताल वाली चाल क्या है
अमेरिका के 50 फीसदी टैरिफ के बीच भारत एक साथ तीन देशों के साथ अपनी रणनीति पर काम कर रहा है. एक ओर पीएम मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति लूला की बातचीत हुई है. दूसरी ओर पीएम मोदी ने अपने खास दूत यानी एनएसए अजीत डोभाल को रूस भेजा है. जहां डोभाल और रूसी राष्ट्रपति पुतिन की मुलाकात हुई है. इसके अलावा, भारत और चीन एक-दूसरे के नजदीक आ रहे हैं. जैसे ही पीएम मोदी के चीन दौरे की खबर आई, यह समझ आ गया कि अब अमेरिका को जवाब देने के लिए भारत किस रणनीति पर काम कर रहा है. यही वजह है कि चीन ने भी दो कदम आगे बढ़कर ट्रंप टैरिफ के मुद्दे पर भारत का साथ दिया और अमेरिका को करारा जवाब.
तीन प्वाइंट में जानिए ट्रंप टैरिफ के बीच भारत की चाल
प्वाइंट नंबर 1. भारत के साथ ब्राजील पर भी अमेरिका ने 50 फीसदी टैरिफ लगाया है. इसलिए ब्राजील भी अमेरिका के खिलाफ मैदान-ए-टैरिफ जंग में उतर चुका है. ब्राजील के राष्ट्रपति लूला ने गुरुवार को पीएम मोदी से बातचीत की और भारत पर भरोसा जताया.
प्वाइंट नंबर 2. अमेरिका भारत पर रूस से तेल न खरीदने का प्रेशर बना रहा है. वह चाहता है कि भारत उसे एफ-35 खरीदे. इन सबके बीच पीएम मोदी का संदेश लेकर अजीत डोभाल रूस गए हैं. रूस में उन्होंने गुरुवार को पुतिन से मुलाकात की और पीएम मोदी का संदेश सुनाया. माना जा रहा है कि भारत ने एस400 और SU-57 पर बातचीत की है.
प्वाइंट नंबर 3. अमेरिका के टैरिफ वार ने चीन और भारत को करीब ला दिया है. चीन इस मसले पर खुलकर भारत के पक्ष में खड़ा है. चीनी राजदूत के प्रवक्ता ने तो अमेरिका को बदमाश कह दिया. उसने साफ कहा कि भारत की संप्रभुत्ता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता है. माना जा रहा है कि पीएम मोदी भी एससीओ समिट में चीन जा सकते हैं.
क्यों ट्रंप की बढ़ेगी टेंशन
ट्रंप टैरिफ वॉर के बीच ये घटनाक्रम बताते हैं कि भारत कौन सा गेम प्लान कर रहा है. यहां बताना जरूरी है कि भारत, रूस, चीन और ब्राजील सभी ब्रिक्स के सदस्य हैं. ट्रंप को सबसे अधिक नफरत ब्रिक्स से ही है. ब्रिक्स से ही वह खार खाए बैठे हैं. उन्हें डर है कि ब्रिक्स उनकी लुटिया डुबो देगा. ब्रिक्स अपना करेंसी बनाकर डॉलर की बादशाहत को खत्म कर देगा. ब्रिक्स की मजबूती अमेरिका की चौधराहट को खत्म कर देगा. यहा कारण है कि टैरिफ का डर दिखाकर ट्रंप ब्रिक्स को तोड़ने की कोशिश में हैं. वह चाहते हैं कि भारत को टैरिफ से डराकर उसे ब्रिक्स से अलग किया जाए. मगर अमेरिका का यह दांव उल्टा पड़ता दिख रहा है. टैरिफ वॉर में भारत, चीन और रूस एक नया समीकरण गढ़ रहे हैं. यह समीकरण निश्चित तौर पर ट्रंप की टेंशन को बढ़ा रहा होगा.