ऑपरेशन सिंदूर ने बढ़ाया भारतीय हथियारों का बाजार, डील के लिए लग रही है कतार, ब्राजील से आ सकती है अच्छी खबर
DEFENCE EXPORT: अमेरिका, फ्रांस और आर्मेनिया साल 2023-2024 में सबसे ज्यादा खरीद करने वाले देश थे. भारत कुल 80 देशों को आज सैन्य उपकरण और बाकी साजो सामान बेच रहा है. दुनिया के तमाम हथियार निर्माता देश भारत के साथ जुड़ने की कोशिशों में जुटे हैं. ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारतीय हथियारों से इतने प्रभावित हुए की उनकी खरीद के लिए अब कतार लगने लगी है.
DEFENCE EXPORT: भारत को रक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वदेशीकरण को बढ़ावा देने का फैसला लिया गया था. यह फैसला अब अपना नतीजा दिखा रहा है. ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय हथियारों ने अपनी क्षमता साबित की है. इसके बाद से दुनिया के कई देशों की रुचि भारतीय हथियारों में बढ़ गई है. पीएम मोदी BRICS सम्मेलन के लिए 6-8 जुलाई तक ब्राजील यात्रा पर हैं. खास बात यह है कि पीएम मोदी के इस दौरे के दौरान भारत और ब्राजील के बीच आकाश मिसाइल सिस्टम सहित रक्षा सहयोग पर अहम चर्चा हो सकती है. इस दौरे के बीच दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने स्वदेशी हथियारों पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमने जो शौर्य दिखाया है और घरेलू सैन्य उपकरणों की क्षमता का प्रदर्शन किया है, उसके बाद हमारे स्वदेशी हथियारों की ग्लोबल डिमांड और भी बढ़ गई है. यह बात रक्षामंत्री ने डिफेंस अकाउंट्स के एक अहम सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही.
ब्राजील को चाहिए भारतीय हथियार
हाल ही में आर्मेनिया ने भारत से आकाश मिसाइल सिस्टम की खरीद की थी. भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) ने आर्मेनिया को आकाश मिसाइल सिस्टम के साथ-साथ ग्राउंड सपोर्ट इक्यूपमेंट भी सप्लाई किए थे, जिनमें सर्विलांस रडार और मिसाइल गाइडेंस रडार शामिल थे. धीरे-धीरे बाकी देश भी भारतीय रक्षा उत्पादों की तरफ रुख कर रहे हैं. इनमें ब्राजील भी शामिल है. ब्राजील ने आकाश सिस्टम को लेने की इच्छा जताई है. इसके अलावा सिक्योर बैटल फील्ड कम्यूनिकेशन सिस्टम, कोस्टल सर्वेलांस सिस्टम, गरुड़ आर्टिलरी गन, ऑफशोर पेट्रोल वेसेल और स्कॉर्पीन क्लास सबमरीन के साझा निर्माण पर भी जोर दे रहे हैं. भारत और ब्राजील के साथ रक्षा क्षेत्र में सहयोग के लिए ज्वाइंट डिफेंस कमेटी मैकेनिजम भी स्थापित किया गया है. साल 2003 में दोनों देशों के बीच डिफेंस एग्रीमेंट पर भी दस्तखत किए गए थे.
डिफेंस एक्सपोर्ट ने तोड़े रिकॉर्ड
पिछले दस साल में डिफेंस एक्सपोर्ट ने पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. भारत का डिफेंस एक्सपोर्ट 23,622 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. रक्षामंत्रालय की तरफ से जारी किए गए आंकड़ों में बताया गया है कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में भारत का डिफेंस एक्सपोर्ट पिछले साल के मुकाबले 12.04 प्रतिशत बढ़ा है. साल 2023-2024 में डिफेंस एक्सपोर्ट 21,083 करोड़ रुपये था. इसमें 2,539 करोड़ का इजाफा हुआ है.
2029 तक 50,000 करोड़ का टार्गेट
भारत को दूसरे देशों से हथियारों की खरीद करने के लिए जाना जाता था. आज भारत दुनिया को हथियार एक्सपोर्ट कर रहा है. DPSU और प्राइवेट कंपनियों ने साल 2024-2025 में जबरदस्त प्रदर्शन किया। कुल एक्सपोर्ट का 8,389 करोड़ रुपये का एक्सपोर्ट DPSU ने किया जबकि प्राइवेट कंपनियों ने 15,233 करोड़ रुपये अपनी झोली में डाले. वित्तीय वर्ष 2023-2024 में यह आंकड़ा 5,874 और 15,209 करोड़ रुपये था. DPSU डिफेंस एक्सपोर्ट में पिछली बार के मुकाबले 42.85 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. साथ ही साल 2029 तक एक्सपोर्ट के आंकड़े को 50,000 करोड़ रुपये तक पहुंचाने का टार्गेट रखा गया है.