सलमान खान टारगेट नंबर वन, मूसेवाला की हत्या... गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का NIA के सामने सनसनीखेज कुबूलनामा
Lawrence Bishnoi News: गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई ने कुबूल किया कि सिद्धू मुसेवाला की हत्या की साजिश तैयार करते वक़्त उसने हवाला के जरिये 50 लाख रुपये कनाडा में गोलडी बराड़ को भिजवाए थे. उसने यह भी कहा कि आर्म्स सप्लायर कुर्बान चौधरी उर्फ शहजाद से करीब 2 करोड़ रुपये में 25 हथियार खरीदे थे.
नई दिल्ली. गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई ने नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) के सामने कई बड़े खुलासे किए हैं. एनआईए के सूत्रों के मुताबिक बिश्नोई ने अपने कुबूलनामे में कहा है कि उसके टॉप-10 टारगेट लिस्ट में बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान नंबर-1 पर हैं और वह हर हाल में सलमान खान को मारना चाहता है.
न्यूज18 इंडिया के पास लॉरेंस बिश्नोई के कुबूलनामे की कॉपी है. बिश्नोई ने एनआईए के सामने खुलासा किया है कि साल 2021 में उसने अमेरीका से गोल्डी बराड़ के जरिए गोगी गैंग को 2 जिगाना पिस्टल दी थी. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या अमेरिका से मंगवाई गई इसी पिस्टल से अतीक और अशरफ की हत्या की गई थी?
एक अन्य खुलासे में बिश्नोई ने कहा कि उत्तर प्रदेश के अयोध्या का एक बाहुबली नेता विकास सिंह उसके गैंग के गुर्गों को पनाह देता है. उसने बताया कि विकास सिंह के ठिकाने पर बिश्नोई गैंग के कई गुर्गे वारदात को अंजाम देने के बाद शरण लेते हैं.
लॉरेंस बिश्नोई ने यह भी कुबूल किया कि उसने पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला के कत्ल के लिए हवाला के जरिए 50 लाख रुपए गोल्डी बराड़ को पहुंचाए.
लॉरेंस बिश्नोई क्राइम कंपनी का ऑपरेशन 10 क्या है जानिये
लॉरेंस के कबूलनामे के मुताबिक उसका गैंग कारोबारियों से जबरन उगाही के पैसों से अपनी क्राइम कंपनी को ऑपरेट करता है. बता दें कि पिछले साल दिसंबर के आखिर में एनआईए के सामने देश के नए डॉन गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई ने अपना कबूलनामा दिया था. NIA के सामने उसने कबूल किया कि कैसे वो कॉलेज पॉलिटिक्स से जुर्म की दुनिया मे आया.
लॉरेंस के टारगेट पर आखिर कौन है, चलिए जानते हैं:
बॉलीवुड सुपर स्टार एक्टर सलमान खान: लॉरेंस बिश्नोई के मुताबिक, 1998 में सलमान खान ने एक फ़िल्म की शूटिंग के दौरान जोधपुर में काले हिरण का शिकार किया था. काले हिरण को बिश्नोई समाज पूजता है और यही वजह है कि लॉरेंस बिश्नोई सलमान खान को मौत के घाट उतारना चाहता है. इसके लिए लॉरेंस ने अपने सबसे करीबी संपत नेहरा को सलमान की रेकी के लिए भी मुम्बई भेजा था, लेकिन संपत को हरियाणा एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया था.
सिद्धू मुसेवाला के मैनेजर शगुनप्रीत: शगुनप्रीत सिद्धू मुसेवाला का मैनेजर है, जोकि उसका अकाउंट संभालता था. लॉरेंस के मुताबिक, लॉरेंस के बेहद करीबी विक्की मुदुखेड़ा के शूटर्स यानी कातिलों को शगुनप्रीत ने छिपने में मदद की थी.
मनदीप धालीवाल: धालीवाल विदेश में मौजूद बमबीहा गैंग का लीडर लक्की पटियाल का बेहद करीबी गैंगस्टर है. लॉरेंस बिश्नोई ने NIA को बताया कि वो मनदीप को इसलिए मारना चाहता है क्योंकि इसने भी विक्की मुदुखेड़ा के कातिलों को शेल्टर देने में मदद की थी. इसने अपने गैंग का नाम thug life भी रखा हुआ है.
कौशल चौधरी: गैंगस्टर लॉरेंस के कबूलनामे के मुताबिक कौशल चौधरी ने भी सिर्फ विक्की मुदुखेड़ा के कातिलों भोलू शूटर, अनिल लठ और सन्नी लेफ्टी को हथियार मुहैया करवाये थे.
अमित डागर: गैंगस्टर लॉरेंस ने बताया कि विक्की मुदुखेड़ा के कत्ल की पूरी साजिश अमित डागर और कौशल चौधरी ने तैयार की थी.
सुखप्रीत सिंह बुद्धा: लॉरेन्स के कबूलनामे के मुताबिक देवेंद्र बमबिहा की मौत के बाद उसका गैंग सुखप्रीत सिंह ऑपरेट कर रहा है. मेरे करीबी अमित शरण की हत्या के पीछे सुखप्रीत सिंह का हाथ है.
लकी पटियाला बमबीहा का हेड: लॉरेंस के कबूलनामे के मुताबिक लक्की पटियाल मेरा दुश्मन गैंग है, लक्की के कहने पर ही मेरे करीबी और गोल्डी के भाई गुरलाल बरार का कत्ल किया गया था. इसने ही विक्की मुदुखेड़ा के शूटर्स और रेकी करने वालो को छिपने में मदद की थी.
गौंडर गैंग का गुर्गा रम्मी मसाना: लॉरेंस के कबूलनामे के मुताबिक, रम्मी मसाना से मुझे अपने मेरे कजिन अमनदीप की हत्या का बदला लेना है. वो मेरे दुश्मन गौंडर गैंग का शार्प शूटर है.
गौंडर गैंग का सरगना गुरप्रीत शेखों: लॉरेंस के मुताबिक गुरप्रीत उसके दुश्मन गौंडर गैंग का सरगना है और इसी ने उसके कजिन को मारने के लिए रम्मी मसाना को हथियार मुहैया कराए थे.
विक्की मुदुखेड़ा के कातिल भोलू शूटर, सनी लेफ्टी और अनिल लठ: लॉरेन्स बिश्नोई के बताया कि भोलू शूटर, अनिल लठ और सन्नी लेफ्टी ये तीनों मेरे दुश्मन गैंग कौशल चौधरी के शूटर हैं. कौशल के कहने पर ही इन तीनों ने विक्की मुदुखेड़ा को मौत के घाट उतारा था. इतना ही नहीं, विक्की मुदुखेड़ा के कत्ल का बदला लेने के लिये लॉरेन्स ने सिंतबर/अक्टूबर 2021 में तीन शूटर्स शाहरुख, डैनी और अमन को सिद्धू मुसेवाला के कत्ल के लिए उनके गांव भेजा था. गांव में रुकने के लिए उनकी मदद मोना सरपंच और जग्गू भगवानपुरिया ने की थी. लेकिन, बाद में इन शूटर्स ने बताया कि सिद्धू मुसेवाला को मारने के लिए कुछ और शूटर्स को शामिल करना पड़ेगा. इस बीच लॉरेन्स कनाडा में गोलडी बराड़ के सम्पर्क में भी था.
*सिद्धू मुसेवाला की हत्या की साजिश तैयार करते वक़्त मैंने हवाला के जरिये 50 लाख रुपये कनाडा में गोलडी बराड़ को भिजवाए थे.
*साल 2018 से लेकर 2022 के बीच लॉरेंस ने यूपी के खुर्जा से अपने करीबी गैंगस्टर रोहित चौधरी की मदद से आर्म्स सप्लायर कुर्बान चौधरी उर्फ शहजाद से करीब 2 करोड़ रुपये में 25 हथियार खरीदे थे जिसमें 9 MM की पिस्टल और AK 47 शामिल हैं. इन्ही हथियारों का इस्तेमाल सिद्धू मुसेवाला के कत्ल में हुआ था.
लॉरेन्स बिश्नोई ने NIA के सामने ये भी कबूल किया कि भरतपुर, फरीदकोट व अन्य जेलों में रहते हुए उसने कभी राजस्थान के कारोबारियो, कभी चंडीगढ़ के 10 क्लब मालिकों, अम्बाला के सभी मॉल के मालिक, शराब कारोबारियों.. तो कभी दिल्ली और पंजाब के सटोरियों से करोड़ों रुपये की उगाही की. जेल में इन सभी के फोन नम्बर लॉरेंस को गोलडी बराड़, काला राणा ने, जबकि चंडीगढ़ के क्लब मालिकों के नंबर गुरलाल बराड़ और काला जेठेडी ने मुहैया करवाये थे. इतना ही नहीं, लॉरेस ने ये भी कबूल किया कि राजस्थान के कई क्रेशर मालिकों और स्टोन कारोबारियो से लॉरेन्स के कहने पर गैगस्टर आंनदपाल के भाई विक्की सिंह और मंजीत सिंह ने पैसे इक्ट्ठा किये थे.
एनआईए ने देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने, साजिश रचने और अन्य दंडनीय अपराधों से संबंध में कठोर गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था. लॉरेंस बिश्नोई पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के मामले में भी आरोपी है.
