केस से बचाने के एवज में दरोगा ने मांगी 25 लाख की घड़ी
अदनान ने पुलिस के आला अधिकारियों से शिकायत की. जिसके बाद तत्कालीन एसपी सिटी मामले की जांच की तो दरोगा कृपा नंदन शर्मा और दो इंस्पेक्टर दोषी पाए गए.
आगरा में दरोगा ने कारोबारी को केस से बचाने के एवज में विदेशी घड़ी जबरदस्ती ले ली. हालांकि एसएसपी के दखल के बाद दरोगा ने घड़ी वापस कर दी है. यह मामला शहर के थाना सदर का है.
दरअसल कारोबारी अदनान के खिलाफ एक केस दर्ज हुआ था. जिसकी जांच थाने के दारोगा कृपानंदन शर्मा कर रहे थे. दरोगा कृपा नंदन शर्मा ने अदनान को केस से बचाने के एवज में 25 लाख रुपये की मांग की और जबरदस्ती 70 हज़ार रुपये कीमत की विदेशी घड़ी ले ली.
इस मामले में पीड़ित अदनान ने पुलिस के आला अधिकारियों से शिकायत की. जिसके बाद तत्कालीन एसपी सिटी मामले की जांच की तो दरोगा कृपा नंदन शर्मा और दो इंस्पेक्टर दोषी पाए गए. बाद में दरोगा कृपा नन्दन शर्मा अपने एक साथी के साथ पीड़ित के पिता के पास पहुंचे और घड़ी वापस कर दी.
हालांकि पुलिस महकमे के इस घड़ी काण्ड में दोषियों पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है. जबकि खुद आगरा एसएसपी की जांच में दरोगा दोषी पाया गया था.
इस केस का अहम सुराग सीसीटीवी में कैद हो गया है. जिसमें साफ देखा जा सकता है कि बुजुर्ग के सामने बैठा शख्स दरोगा कृपाशंकर शर्मा है और अपने साथी से घड़ी वापस दिलवा रहा है.
इसके अलावा एसपी सिटी की जांच में एक दरोगा और दो इंस्पेक्टर दोषी पाए गए हैं. जांच रिपोर्ट पर एसएसपी आगरा ने खुद लिखा है कि घड़ी मिल जानी चाहिए. साथ ही दरोगा का सी सी टीवी फुटेज भी है. जिसमें वह घड़ी वापस करने के लिए पहुंचा है. (रिपोर्ट-आरिफ खान)
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