होमताजा खबरबिहार
मुजफ्फरपुर शेल्टर होम केस: 'पटना वाले बड़े सर का नाम और काॅल रिकाॅर्ड सार्वजनिक करें नीतीश कुमार'
मुजफ्फरपुर शेल्टर होम केस: 'पटना वाले बड़े सर का नाम और काॅल रिकाॅर्ड सार्वजनिक करें नीतीश कुमार'
Agency:News18 Bihar
Last Updated:
दिल्ली में पीसी करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि नीतीश कुमार आरोपियों को संरक्षण दे रहे हैं. गृह विभाग भी उनके जिम्मे है और गृह मंत्री रहते हुए सारी जानकारी थी. उन्होंने सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर इतने बड़े यौन उत्पीड़न कांड में सिर्फ मारपीट की धाराएं क्यों लगाई गई थीं.

बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एक बार मुजफ्फरपुर शेल्टर होम केस में सीएम नीतीश कुमार को एक बार फिर घेरने की कोशिश की है. उन्होंने सीधा आरोप लगाया है कि इस मामले में नीतीश कुमार और उनके करीबियों की सीधी संलिप्तता है. तेजस्वी ने आरोप लगाया कि कोर्ट की बातों को छिपाने का प्रयास किया जा रहा है, क्योंकि नीतीश कुमार को अपनी छवि से प्यार है, लेकिन उनका कुर्ता दागदार हो गया है.
आरजेडी सांसद मनोज झा और मीसा भारती के साथ दिल्ली में पीसी करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि नीतीश कुमार आरोपियों को संरक्षण दे रहे हैं. गृह विभाग भी उनके जिम्मे है और गृह मंत्री रहते हुए सारी जानकारी थी. उन्होंने सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर इतने बड़े यौन उत्पीड़न कांड में सिर्फ मारपीट की धाराएं क्यों लगाई गई थीं. तेजस्वी ने कहा कि साफ है बिहार पुलिस केस को गुमराह करना चाह रही थी.
आरजेडी सांसद मनोज झा और मीसा भारती के साथ दिल्ली में पीसी करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि नीतीश कुमार आरोपियों को संरक्षण दे रहे हैं. गृह विभाग भी उनके जिम्मे है और गृह मंत्री रहते हुए सारी जानकारी थी. उन्होंने सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर इतने बड़े यौन उत्पीड़न कांड में सिर्फ मारपीट की धाराएं क्यों लगाई गई थीं. तेजस्वी ने कहा कि साफ है बिहार पुलिस केस को गुमराह करना चाह रही थी.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मुज़फ़्फ़रपुर बलात्कार कांड में स्पष्ट और सीधे रूप से संलिप्त है क्योंकि इन्होंने TISS की रिपोर्ट आने के दो महीनों तक ब्रजेश ठाकुर पर FIR नहीं होने दी।जेल नहीं भेजा। दबाव में भेजा तो जेल में मोबाइल समेत तमाम सुविधाएँ प्रदान की।बच्चियों को ग़ायब किया गया।
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) February 19, 2019
ये भी पढ़ें- पटना हाईकोर्ट के फैसले से बदल जाएगा लालू परिवार का पता, क्या होगा राबड़ी देवी का नया एड्रेस?
तेजस्वी यादव ने किसी का नाम तो नहीं लिया, लेकिन कहा कि इस मामले में बीजेपी के मंत्री के साथ एक और शख्स संलिप्त है, जो नीतीश कुमार के साथ दिल्ली में घूमने जाते हैं. ब्रजेश ठाकुर की डायरी में पटना वाले बड़े सर का नाम है. नीतीश कुमार काॅल रिकाॅर्ड सार्वजनिक करें.
मुख्य अभियुक्त ब्रजेश ठाकुर से जेल में चर्चित डायरी बरामद हुई थी जिसमें "पटना वाले बड़े सर” का ज़िक्र था? क्या CBI ने खोज लिया था वह “पटना वाला बड़ा सर” कौन है? क्या CBI जाँच की आँच उस “बड़े सर” के पास पहुँच गयी थी जिसके चलते आनन-फ़ानन में CBI अधिकारी का तबादला किया गया था?
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) February 19, 2019
उन्होंने सवाल पूछा कि आखिर क्यों नहीं सीबीआई ने डाॅक्टर अश्विनी के बयान को रिकाॅर्ड किया, इसमें क्या छिपाया गया है. जांच कर रहे सीबीआई के अधिकारी का तबादला करा दिया गया. कोर्ट के आदेश पर पाॅक्सो लगाया गया. हमारा मामला होता तो सीबीआई कूद कर आ जाती.
मामला उजागर होने पर नीतीश जी ने एकदम सिरे से हमारी CBI जाँच की माँग को ख़ारिज किया? उन्हें CBI जाँच का डर क्यों था?
जब हमने मुजफ्फरपुर बालिका गृह का दौरा कर वहाँ बच्चियों के साथ किए गए डरावने और अमानवीय कृत्यों को पब्लिक डोमेन में रखा तब जाकर दबाव मे केस CBI को सुपुर्द करना पड़ा
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) February 19, 2019
ये भी पढ़ें- बिहार से पहले इन राज्यों के पूर्व मुख्यमंत्रियों को भी खाली करना पड़ा है सरकारी बंगला
उन्होंने कहा कि पूर्व मंत्री मंजू वर्मा के काॅल रिकाॅर्ड के साथ एक मंत्री का भी काॅल रिकाॅर्ड जारी कर सकते थे. तेजस्वी ने सवाल उठाते हुए पूछा कि शेल्टर होम केस के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर को करोड़ों रुपये का विज्ञापन सूचना एवं जनसंपर्क विभाग से दिया जाता था, जो मुख्यमंत्री के पास है.
ये भी पढ़ें - मांझी- राबड़ी समेत बिहार के पूर्व मुख्यमंत्रियों को खाली करना होगा सरकारी बंगला
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सफेद कुर्ता चमकाने और गांधी जी का नाम लेते रहते हैं और ब्रजेश ठाकुर जैसे दागदार को सहयोग करते रहे. ये शर्मनाक है. तेजस्वी ने साफ कहा कि वे नीतीश कुमार के बेहद करीबी हैं और उनके पीए की बीवी होम शेल्टर चलाती है, जहां से बच्ची गायब हुई, उसका पता नहीं चला.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मुज़फ़्फ़रपुर बलात्कार कांड में स्पष्ट और सीधे रूप से संलिप्त है क्योंकि इन्होंने TISS की रिपोर्ट आने के दो महीनों तक ब्रजेश ठाकुर पर FIR नहीं होने दी।जेल नहीं भेजा। दबाव में भेजा तो जेल में मोबाइल समेत तमाम सुविधाएँ प्रदान की।बच्चियों को ग़ायब किया गया।
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) February 19, 2019
उन्होंने चुनौती दी कि नीतीश कुमार अगर ईमानदार हैं तो खुद सीबीआई से जांच कराएं और सीबीआई ईमानदार है तो नीतीश कुमार की जांच करे. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के पास जवाब है तो मेरी पीसी के बाद वो पीसी करके बताएं.
इनपुट- दिवाकर
ये भी पढ़ें- पटना हाईकोर्ट के फैसले पर बोले मांझी- हमारा राजनीतिक जीवन खत्म करने का प्रयास
Click here to add News18 as your preferred news source on Google.
न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। बिहार की ताजा खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें |
और पढ़ें