बाजार की उठापटक से नहीं घबराएगी सरकार, सीतारमण ने LIC IPO पर दिया बड़ा बयान
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Agency:News18Hindi
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बाजार में उठापटक के बीच कयास लगाए जा रहे थे कि सरकार एलआईसी का आईपीओ टाल देगी. लेकिन, वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट कर दिया है कि हम बाजार पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर चिंतित हैं, लेकिन निवेशकों की बेसब्री को देखते हुए आईपीओ का समय टाला नहीं जाएगा.

नई दिल्ली. शेयर बाजार में जारी उठापटक और रूस-यूक्रेन के तनाव के बीच सरकार Life Insurance Corp. of India (LIC) का IPO लाने के लिए प्रतिबद्ध है. वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) ने कहा है कि सरकार अपनी योजना में कोई बदलाव नहीं करेगी और तय समय पर ही IPO उतारा जाएगा.
सीतारमण ने कहा, बाजार में LIC के IPO को लेकर उत्साह है और हम इसके साथ आगे बढ़ रहे हैं. ग्लोबल सिचुएशन की वजह से बाजार पर पड़ने वाले असर को लेकर हम भी उतने ही चिंतित हैं. हालांकि, इस सवाल पर कि क्या मौजूदा उतार-चढ़ाव को देखते हुए आईपीओ की डेट टाली जा सकती है? वित्तमंत्री ने कहा, निवेशक इसका बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं और हम इसका फायदा उठाने की पूरी तैयारी में हैं.
NSE Scam पर बोलने से इनकार
वित्तमंत्री से एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में NSE की पूर्व एमडी एवं सीईओ (MD & CEO) चित्रा रामकृष्ण से जुड़े विवादों पर सवाल किया तो उन्होंने कहा कि इसकी जांच बाजार नियामक सेबी (SEBI) के पास है और जब उनके पास पूरी डिटेल नहीं आ जाती, वे कुछ नहीं कह सकतीं हैं.
वित्तमंत्री से एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में NSE की पूर्व एमडी एवं सीईओ (MD & CEO) चित्रा रामकृष्ण से जुड़े विवादों पर सवाल किया तो उन्होंने कहा कि इसकी जांच बाजार नियामक सेबी (SEBI) के पास है और जब उनके पास पूरी डिटेल नहीं आ जाती, वे कुछ नहीं कह सकतीं हैं.
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राज्यों की GST भरपाई का भी मुद्दा उठाया
राज्यों की ओर से GST वसूली में आ रही कमी की भरपाई के लिए ज्यादा पैसों की मांग पर सीतारमण ने कहा कि दोनों के बीच कोई विभेद नहीं है. GST परिषद (GST Council) ही ऐसे मुद्दों पर अंतिम फैसला करती है और 2020 में आई गिरावट की भरपाई के लिए ही राज्यों को अलग से कर्ज लेकर दिया गया. साथ ही सेस के रूप में की जा रही वसूली की अवधि को भी बढ़ा दिया गया है.
राज्यों की ओर से GST वसूली में आ रही कमी की भरपाई के लिए ज्यादा पैसों की मांग पर सीतारमण ने कहा कि दोनों के बीच कोई विभेद नहीं है. GST परिषद (GST Council) ही ऐसे मुद्दों पर अंतिम फैसला करती है और 2020 में आई गिरावट की भरपाई के लिए ही राज्यों को अलग से कर्ज लेकर दिया गया. साथ ही सेस के रूप में की जा रही वसूली की अवधि को भी बढ़ा दिया गया है.
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Pramod Tiwari
प्रमोद तिवारी साल 2008 से पत्रकारिता की दुनिया से रूबरू हैं और करीब डेढ़ दशक के सफर में कई नामी व प्रतिष्ठित संस्थानों में काम कर चुके हैं. सबसे पहले दैनिक जागरण पानीपत में रिपोर्टिंग के साथ कैरियर की शुरुआत क...और पढ़ें
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