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Fixed Deposit: बैंक में FD कराने की सोच रहे हैं तो इन 4 बातों का जरूर रखें ध्यान, मिलेगा ज्यादा फायदा

Fixed Deposit: बैंक में FD कराने की सोच रहे हैं तो इन 4 बातों का जरूर रखें ध्यान, मिलेगा ज्यादा फायदा

Fixed Deposit:  सुरक्षित और एक तय रिटर्न मिलने के कारण फिक्स्ड डिपॉजिट यानी FD को निवेश का एक अच्छा साधन माना जाता है, लेकिन FD में बिना सोचे-समझे निवेश करना भी ठीक नहीं.

Fixed Deposit: सुरक्षित और एक तय रिटर्न मिलने के कारण फिक्स्ड डिपॉजिट यानी FD को निवेश का एक अच्छा साधन माना जाता है, लेकिन FD में बिना सोचे-समझे निवेश करना भी ठीक नहीं.

Fixed Deposit: सुरक्षित और एक तय रिटर्न मिलने के कारण फिक्स्ड डिपॉजिट यानी FD को निवेश का एक अच्छा साधन माना जाता है, लेकिन FD में बिना सोचे-समझे निवेश करना भी ठीक नहीं.

    नई दिल्ली. फिक्स्ड डिपाॅजिट (Fixed Deposit) को लंबे समय से पसंदीदा निवेश विकल्प माना जाता है. आम तौर पर लोग अपने वित्तीय लक्ष्यों जैसे घर का निर्माण, कार खरीदना, शादी और हाई एजुकेशन को पूरा करने के लिए FD में निवेश करते हैं. इसके अलावा, FD में निवेश करने से आपकी सेवानिवृत्ति की बेहतर तरीके से योजना बनाने में मदद मिलती है. हालांकि, FD अकाउंट (Bank FD account) खोलने से पहले निवेशकों को कुछ बातों का ध्यान रखने की जरूरत है.

    सुरक्षित और एक तय रिटर्न मिलने के कारण फिक्स्ड डिपॉजिट यानी FD को निवेश का एक अच्छा साधन माना जाता है, लेकिन FD में बिना सोचे-समझे निवेश करना भी ठीक नहीं. तो आइए जानते हैं एफडी कराने से पहले किन बातों पर ध्यान दें…

    1. कितने समय के लिए लेनी है FD
    FD कराने से पहले आपको टेन्योर फिक्स करना जरूरी होता है क्योंकि अगर आप मेच्योरिटी से पहले अपने FD को तुड़वाते हैं तो आपको उसके लिए कई बार जुर्माने के रुप में कुछ भुगतान करना होता है. इसके साथ ही आपको डिपॉजिट पर मिलने वाला फायदा भी कम हो जाता है. तो इसलिए पहले ये तय कर लें कि आप अपने उस पैसे को कितने समय के लिए छोड़ सकते हैं.

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    2. एफडी की अवधि (FD Term Period)
    FD आप अपनी जरूरत के अनुसार करा सकते हैं. अगर आपके पास अभी जरूरत से ज्यादा पैसे हैं और आपको लगता है कि 5 या 10 साल बाद आपको इन पैसों की जरूरत पड़ेगी तो आप इतने ही समय के लिए एफडी करा सकते हैं. जाहिर है कि एक साल के मुकाबले 10 साल की एफडी पर रिटर्न काफी ज्यादा होगा. तो आप अपनी जरूरत के मुताबिक यथासंभव अधिक अवधि के लिए एफडी करा सकते हैं.

    3. FD पर मिलने वाले ब्याज
    ये एक सबसे बड़ा फैक्टर है, जिस पर सभी की नजर रहती है. RBI समय-समय पर ब्याज दरों में बदलाव करता रहता है. तो उसका असर FD के रेट्स पर भी पड़ता है. इसके अलावा सभी बैंकों की ब्याज दरें भी अलग-अलग होती हैं तो पैसा लगाने से पहले इसको भी चेक कर लें.

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    4. लोन की सुविधा है या नहीं
    पैसों की जरूरत पड़ने पर आमतौर पर लोग लोन के लिए आवेदन करते हैं. हालांकि अगर आप एफडी खोलते हैं तो आप स्वतः इसके अगेन्स्ट लोन हासिल करने के योग्य हो जाते हैं. इसके तहत निवेश पूंजी के 75 फीसदी हिस्से तक का लोन ले सकते हैं और इस पर एफडी की ब्याज दर से 2 फीसदी अधिक दर पर ब्याज चुकाना होता है. एफडी के अगेन्स्ट लोन लेने पर लोन की अवधि एफडी की अवधि के बराबर होती है. ऐसे में अगर आप 10 साल की एफडी खाता खोला है और दूसरे साल आप लोन के लिए आवेदन करते हैं तो आपके पास आठ साल लोन के भुगतान के लिए होंगे.

    Tags: Bank account, Bank FD, Business news in hindi, FD Rates

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