Union Budget 2020: कुसुम योजना को लेकर बड़ा ऐलान, सोलर पंप के लिए 60% पैसा देगी मोदी सरकार!
Agency:News18Hindi
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मोदी सरकार ने बजट में इस योजना को इसलिए आगे बढ़ाने का ऐलान किया है ताकि किसानों की सिंचाई और बिजली की जरूरत वह खुद पूरी कर सकें.

नई दिल्ली. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कुसुम योजना (KUSUM scheme) को जारी रखने का ऐलान किया है. जिसके तहत किसानों को खेतों में सिंचाई के लिए सोलर पंप मुहैया कराए जाएंगे. इससे देश भर के किसानों को सिंचाई की मुश्किल से निजात मिलेगी. कुसुम योजना का ऐलान केंद्र सरकार के आम बजट 2018-19 में किया गया था. मोदी सरकार ने किसान उर्जा सुरक्षा और उत्थान महाअभियान यानी कुसुम (KUSUM) योजना बिजली संकट से जूझ रहे इलाकों को ध्यान में रख शुरू की थी. सरकार किसानों को सब्सिडी के रूप में सोलर पंप की कुल लागत का 60% रकम देगी.
क्या है कुसुम योजना
देश में किसानों को सिंचाई में बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है. या तो बहुत अधिक या कम बारिश की वजह से किसानों की फसलें खराब हो जाती हैं. केंद्र सरकार की कुसुम योजना के जरिये किसान अपनी जमीन में सौर ऊर्जा उपकरण और पंप लगाकर अपने खेतों की सिंचाई कर सकते हैं. कुसुम योजना की मदद से किसान अपनी भूमि पर सोलर पैनल लगाकर इससे बनने वाली बिजली का उपयोग खेती के लिए कर सकते हैं. किसान की जमीन पर बनने वाली बिजली से देश के गांवों में बिजली की निर्बाध आपूर्ति शुरू की जा सकती है.
देश में किसानों को सिंचाई में बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है. या तो बहुत अधिक या कम बारिश की वजह से किसानों की फसलें खराब हो जाती हैं. केंद्र सरकार की कुसुम योजना के जरिये किसान अपनी जमीन में सौर ऊर्जा उपकरण और पंप लगाकर अपने खेतों की सिंचाई कर सकते हैं. कुसुम योजना की मदद से किसान अपनी भूमि पर सोलर पैनल लगाकर इससे बनने वाली बिजली का उपयोग खेती के लिए कर सकते हैं. किसान की जमीन पर बनने वाली बिजली से देश के गांवों में बिजली की निर्बाध आपूर्ति शुरू की जा सकती है.
लोकसभा में बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
कुसुम के पहले चरण में डीजल पंप बदले जाएंगे
कुसुम योजना के पहले चरण में किसानों के सिर्फ उन सिंचाई पंप को शामिल किया जाएगा जो अभी डीजल से चल रहे हैं. सरकार के एक अनुमान के मुताबिक इस तरह के 17.5 लाख सिंचाई पंप को सौर ऊर्जा से चलाने की व्यवस्था की जाएगी. इससे डीजल की खपत और कच्चे तेल के आयात पर रोक लगाने में मदद मिलेगी.
कुसुम योजना के पहले चरण में किसानों के सिर्फ उन सिंचाई पंप को शामिल किया जाएगा जो अभी डीजल से चल रहे हैं. सरकार के एक अनुमान के मुताबिक इस तरह के 17.5 लाख सिंचाई पंप को सौर ऊर्जा से चलाने की व्यवस्था की जाएगी. इससे डीजल की खपत और कच्चे तेल के आयात पर रोक लगाने में मदद मिलेगी.
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कुसुम योजना से दो फायदे
केंद्र सरकार की कुसुम योजना किसानों को दो तरह से फायदा पहुंचाएगी. एक तो उन्हें सिंचाई के लिए फ्री बिजली मिलेगी और दूसरा अगर वह अतिरिक्त बिजली बनाकर ग्रिड को भेजते हैं तो उसके बदले उन्हें कमाई भी होगी. अगर किसी किसान के पास बंजर भूमि है तो वह उसका इस्तेमाल सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए कर सकता है. इससे उन्हें बंजर जमीन से भी आमदनी होने लगेगी.
केंद्र सरकार की कुसुम योजना किसानों को दो तरह से फायदा पहुंचाएगी. एक तो उन्हें सिंचाई के लिए फ्री बिजली मिलेगी और दूसरा अगर वह अतिरिक्त बिजली बनाकर ग्रिड को भेजते हैं तो उसके बदले उन्हें कमाई भी होगी. अगर किसी किसान के पास बंजर भूमि है तो वह उसका इस्तेमाल सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए कर सकता है. इससे उन्हें बंजर जमीन से भी आमदनी होने लगेगी.
आम बजट में किसानों पर किया गया है फोकस
बिजली की होगी बचत
सरकार का मानना है कि अगर देश के सभी सिंचाई पंपों में सौर ऊर्जा का इस्तेमाल होने लगे तो न सिर्फ बिजली की बचत होगी बल्कि 28 हजार मेगावाट अतिरिक्त बिजली का उत्पादन भी संभव होगा. कुसुम योजना के अगले चरण में सरकार किसानों को उनके खेतों के ऊपर या खेतों की मेड़ पर सोलर पैनल लगा कर सौर ऊर्जा बनाने की छूट देगी. इस योजना के तहत 10,000 मेगावाट के सोलर एनर्जी प्लांट किसानों की बंजर भूमि पर लगाये जाएंगे.
सरकार का मानना है कि अगर देश के सभी सिंचाई पंपों में सौर ऊर्जा का इस्तेमाल होने लगे तो न सिर्फ बिजली की बचत होगी बल्कि 28 हजार मेगावाट अतिरिक्त बिजली का उत्पादन भी संभव होगा. कुसुम योजना के अगले चरण में सरकार किसानों को उनके खेतों के ऊपर या खेतों की मेड़ पर सोलर पैनल लगा कर सौर ऊर्जा बनाने की छूट देगी. इस योजना के तहत 10,000 मेगावाट के सोलर एनर्जी प्लांट किसानों की बंजर भूमि पर लगाये जाएंगे.
कुसुम योजना की मुख्य बातें
सौर ऊर्जा उपकरण स्थापित करने के लिए किसानों को केवल 10% राशि का भुगतान करना होगा.
केंद्र सरकार किसानों को बैंक खाते में सब्सिडी की रकम देगी.
सौर ऊर्जा के लिए प्लांट बंजर भूमि पर लगाए जाएंगे.
कुसुम योजना में बैंक किसानों को लोन के रूप में 30% रकम देंगे.
सरकार किसानों को सब्सिडी के रूप में सोलर पंप की कुल लागत का 60% रकम देगी.
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