शराब की होम डिलीवरी की तैयारी में Zomato, जानिए क्या है कंपनी का प्लान
Agency:News18Hindi
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देशभर में एल्कोहल की मांग को देखते हुए अब फूड डिलीवरी से ग्रोसरी डिलीवरी करने वाला Zomato शराब की होम डिलीवरी की तैयारी में है. हालांकि, कंपनी ने इस बारे में अपनी तरफ से कोई जानकारी साझा नहीं की है.

नई दिल्ली. फूड डिलीवरी ऐप जोमैटो (Zomato) अब भारत में एल्कोहल डिलीवरी (Alcohol Home Delivery) करने की तैयारी में है. रॉयटर्स ने अपनी एक रिपोर्ट में इस बारे में जानकारी दी है. मौजूदा समय में देशभर में शराब की सबसे अधिक डिमांड देखने को मिल रही है. अब कंपनी की तैयारी है कि इसका लाभ उठाया जाए. बता दें कि लॉकडाउन (Lockdown Part 3) के बाद कंपनी ग्रोसरी डिलीवरी की भी शुरुआत कर दी है. दरअसल, रेस्टोरेंट बंद होने के बाद कंपनी के कारोबार पर इसका असर देखने को मिल रहा था, जिसके बाद जोमैटो ने ग्रोसरी डिलीवरी करना भी शुरू कर दिया.
शराब की दुकानें खुलने के बाद लग रही लंबी लाइनें
देशभर में लॉकडाउन की वजह से शराब की दुकानें 25 मार्च से ही बंद थी. इसी सप्ताह इन दुकानों को खोलने की मंजूरी दी गई, जिसके बाद शराब खरीदने के लिए लोग सैकड़ों की भीड़ में लाइनें लगा रहे हैं. इस दौरान कुछ जगहों पर पुलिस प्रशासन को भी सोशल डिस्टेंसिंग नियमों के पालन के लिए सख्त होना पड़ रहा है.
देशभर में लॉकडाउन की वजह से शराब की दुकानें 25 मार्च से ही बंद थी. इसी सप्ताह इन दुकानों को खोलने की मंजूरी दी गई, जिसके बाद शराब खरीदने के लिए लोग सैकड़ों की भीड़ में लाइनें लगा रहे हैं. इस दौरान कुछ जगहों पर पुलिस प्रशासन को भी सोशल डिस्टेंसिंग नियमों के पालन के लिए सख्त होना पड़ रहा है.
2.04 लाख करोड़ रुपये के शराब का करोबार
हाल ही में भारी भीड़ को नियंत्रित करने केलिए दिल्ली सरकार ने 70 फीसदी 'स्पेशल कोरोना फीस' लगाने का फैसला लिया था. वहीं, मुंबई में शराब की दुकानें खोलने के दो दिन बाद ही इन्हें बंद करना पड़ा. एक रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2018 में भारत में कुल 27.2 अरब डॉलर यानी करीब 2.04 लाख करोड़ रुपये का रहा था.
हाल ही में भारी भीड़ को नियंत्रित करने केलिए दिल्ली सरकार ने 70 फीसदी 'स्पेशल कोरोना फीस' लगाने का फैसला लिया था. वहीं, मुंबई में शराब की दुकानें खोलने के दो दिन बाद ही इन्हें बंद करना पड़ा. एक रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2018 में भारत में कुल 27.2 अरब डॉलर यानी करीब 2.04 लाख करोड़ रुपये का रहा था.
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क्या कहता है कानून?
वर्तमान में, शराब की होम डिलीवरी के लिए कोई कानूनी प्रावधान नहीं है. हलांकि, एल्कोहल इंडस्ट्री बॉडी इंटरनेशनल स्पिरिट्स एंड वाइन्स एसोसिएशन आफ इंडिया (ISWAI) लगातार इस बात की मांग कर रहा है कि शराब की होम डिलीवरी को सरकार मंजूरी दे. अगर सरकारी इसकी मंजूरी दे देती है तो जोमैटो के लिए शराब की होम डिलीवरी का रास्ता साफ हो जाएगा.
वर्तमान में, शराब की होम डिलीवरी के लिए कोई कानूनी प्रावधान नहीं है. हलांकि, एल्कोहल इंडस्ट्री बॉडी इंटरनेशनल स्पिरिट्स एंड वाइन्स एसोसिएशन आफ इंडिया (ISWAI) लगातार इस बात की मांग कर रहा है कि शराब की होम डिलीवरी को सरकार मंजूरी दे. अगर सरकारी इसकी मंजूरी दे देती है तो जोमैटो के लिए शराब की होम डिलीवरी का रास्ता साफ हो जाएगा.
क्या है जोमैटो का कहना?
रॉयटर्स ने जोमैटो के CEO मोहित गुप्ता के हवाले से लिखा है, 'अगर टेक्नोलॉजी की मदद से शराब की होम डिलीवरी की जाती है तो शराब के जिम्मेदारी भरे खपत को बढ़ावा दिया जा सकता है.' देश क अलग-अलग राज्यों में शराब के सेवन की कानूनी उम्र 18 से 25 साल की है. जोमैटो ने कहा कि वो उन्हीं एरिया को टार्गेट करेगी जहां कोरोना वायरस का संक्रमण बेहद कम है.
रॉयटर्स ने जोमैटो के CEO मोहित गुप्ता के हवाले से लिखा है, 'अगर टेक्नोलॉजी की मदद से शराब की होम डिलीवरी की जाती है तो शराब के जिम्मेदारी भरे खपत को बढ़ावा दिया जा सकता है.' देश क अलग-अलग राज्यों में शराब के सेवन की कानूनी उम्र 18 से 25 साल की है. जोमैटो ने कहा कि वो उन्हीं एरिया को टार्गेट करेगी जहां कोरोना वायरस का संक्रमण बेहद कम है.
राज्यों के पास राजस्व बढ़ाने का मौका
ISWAI के एग्जीक्युटिव चेयरमैन अमृत किरण सिंह का कहना है कि लॉकडाउन की वजह से राज्यों को रेवेन्यू के मोर्चे पर बड़ा झटका लगा है. ऐसे में उन्हें एल्कोहल की होम डिलीवरी से रेवेन्यू बढ़ाने में मदद मिल सकती है. उन्होंने की सबसे बड़ी चुनौती है कि राज्यों को शराब की बिक्री से रेवेन्यू मिलता रहे. ऐसे में जरूरी है कि रिटेल स्टोर्स से भीड़ कम की जाए.
ISWAI के एग्जीक्युटिव चेयरमैन अमृत किरण सिंह का कहना है कि लॉकडाउन की वजह से राज्यों को रेवेन्यू के मोर्चे पर बड़ा झटका लगा है. ऐसे में उन्हें एल्कोहल की होम डिलीवरी से रेवेन्यू बढ़ाने में मदद मिल सकती है. उन्होंने की सबसे बड़ी चुनौती है कि राज्यों को शराब की बिक्री से रेवेन्यू मिलता रहे. ऐसे में जरूरी है कि रिटेल स्टोर्स से भीड़ कम की जाए.
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