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1 करोड़ का इनामी, AK 47 का शौकीन... जानें कौन था नक्सलियों का कमांडर हिडमा?

1 करोड़ का इनामी, AK 47 का शौकीन, और जंगलों का खूंखार शिकारी... जानें कौन था नक्सलियों का सबसे बड़ा कमांडर हिडमा?

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Agency:Local18
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Naxal Commander Hidma Profile: खूंखार नक्सली कमांडर हिड़मा के मारे जाने की खबर ने उसके खून से भरे अपराधों की लिस्ट फिर सुर्खियों में ला दी है. 1 करोड़ के इनामी हिड़मा ने झीरम और बीजापुर जैसे बड़े हमलों को अंजाम दिया था. जानिए उसका पूरा इतिहास.

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1 करोड़ के इनामी नक्सली हिडमा का एंकाउंटर
खूंखार नक्सली कमांडर हिडमा के मारे जाने की खबर ने उसके खून से सने इतिहास को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है. एक करोड़ के इनामी हिडमा का नाम ही इतना डर पैदा करता था कि सुरक्षाबल भी जंगलों में ज्यादा सतर्क होकर उतरते थे. वह छत्तीसगढ़, ओडिशा, तेलंगाना और महाराष्ट्र के घने जंगलों को अपने सुरक्षित अड्डे की तरह इस्तेमाल करता था और घात लगाकर जवानों पर हमले करता रहा. झीरम घाटी (2013) और बीजापुर (2021) जैसे देश के सबसे बड़े नक्सली हमलों का मास्टरमाइंड भी उसी को माना जाता है.

कौन है माडवी हिडमा?
  1. हिडमा दक्षिण सुकमा के पुवार्ती गांव का रहने वाला था और साल 1996 में नक्सल संगठन से जुड़ा. धीरे-धीरे वह नक्सलियों में सबसे खतरनाक चेहरों में शामिल हो गया.
  2. हिडमा पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (PGLA) की बटालियन-1 का चीफ था और माओवादी स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZ) का भी अहम सदस्य माना जाता था. इतना ही नहीं, वह सीपीआई (माओवादी) की 21 सदस्यीय सेंट्रल कमेटी में भी शामिल था.
  3. हिड़मा 2004 से अब तक 27 से ज्यादा बड़े नक्सली हमलों में सीधे तौर पर शामिल रहा, जिसमें 2013 का झीरम हमला और 2021 का बीजापुर हमला भी शामिल है. अप्रैल 2017 के बुर्कापाल हमले की साजिश भी उसी ने रची थी, जिसमें सीआरपीएफ के 24 जवान शहीद हुए थे. दंतेवाड़ा के उस हमले का नेतृत्व भी हिड़मा ने ही किया था, जिसमें 76 जवानों ने अपनी जान गंवाई.
  4. साल 2019 में रमन्ना की मौत के बाद उसे नक्सलियों का शीर्ष कमांडर बना दिया गया था.
16 की उम्र में नक्सली संगठन से जुड़ गया था हिडमा
कहा जाता है कि हिडमा को नक्सल संगठन ने सिर्फ 16 साल की उम्र में उसके गांव पूर्वती से चुन लिया था. दुबला-पतला होने के बावजूद वह बेहद फुर्तीला और तेज दिमाग वाला था. वह चीजें झट से सीख लेता था. नक्सलियों का अपना एक एजुकेशन सिस्टम और कल्चरल कमेटी भी होती है यहीं हिड़मा ने पढ़ना-लिखना, और गाना-बजाना तक सीखा. ट्रेनिंग पूरी होते ही उसकी पहली पोस्टिंग महाराष्ट्र के गढ़चिरौली इलाके में कर दी गई. 2010 में ताड़मेटला में 76 जवानों की हत्या के बाद संगठन में उसकी हैसियत और बढ़ गई. इसके बाद झीरम घाटी हमले की प्लानिंग भी उसी ने तैयार की थी. 2017 में सुकमा के बुर्कापाल में CRPF पर हुए हमले के पीछे भी हिड़मा का ही दिमाग बताया जाता है.
सुरक्षाबलों ने एनकाउंटर में हिडमा को मार गिराया.

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सबसे ख़तरनाक महिला नक्सली ने दी थी ट्रेनिंग
बताया जाता है कि हिडमा को हथियार चलाने और हमले की ट्रेनिंग देने वाली भी सुजाता ही थी. 2024 में सुरक्षा बलों ने तेलंगाना से उसे गिरफ्तार किया था. सुजाता पर 1 करोड़ का ईनाम था. सुजाता बस्तर डिवीजन कमेटी की प्रभारी थी और सुकमा समेत कई इलाकों में बड़े नक्सली हमलों की साजिश में उसका नाम सामने आता रहा है. शुरुआती उम्र में ही उसने हिंसा का रास्ता पकड़ लिया था और देखते ही देखते वह बस्तर के जंगलों में उसी तरह खौफ का प्रतीक बन गई, जैसे कभी वीरप्पन था. लोग इस ‘लेडी वीरप्पन’ भी कहते थे. सुजाता पर कई राज्यों में केस दर्ज थे और सुरक्षा एजेंसियां सालों से उसे तलाश रही थीं. यही नहीं, बीजापुर, सुकमा और दंतेवाड़ा के कई बड़े घटनाक्रमों में उसकी भूमिका रही है.

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shweta singh
Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,...और पढ़ें
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