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झारखंड विधानसभा चुनाव 2019: भवनाथपुर में एक बार कमल खिलने का इंतजार

News18 Jharkhand
Updated: November 19, 2019, 6:16 PM IST
झारखंड विधानसभा चुनाव 2019: भवनाथपुर में एक बार कमल खिलने का इंतजार
भवनाथपुर सीट पर बीजेपी के भानुप्रताप के खिलाफ बागी अनंत प्रताप देव निर्दलीय मैदान में हैं.

सीटिंग विधायक भानुप्रताप शाही (Bhanu Pratap Shahi) यहां से दो बार 2005 और 2014 में चुनाव जीते, हालांकि 2009 में वो चुनाव हार गये थे.

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गढ़वा. भवनाथपुर विधानसभा सीट (Bhawnathpur Assembly Constituency) पर भाजपा के भानुप्रताप शाही (Bhanu Pratap Shahi) को टक्कर देने के लिए नगरउंटारी राज के वंशज अनंत प्रताप देव (Anant Pratap Deo) निर्दलीय चुनावी मैदान में उतरे हैं. वहीं कांग्रेस प्रत्याशी के.पी.यादव मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने में जुटे हैं. भवनाथपुर विधानसभा सीट पर बीजेपी को कभी जीत नहीं मिली. यहां के विधायकों ने मंत्रीपद तक सुशोभित किया, लेकिन इस विधानसभा क्षेत्र में आज भी कोई सरकारी कॉलेज नहीं है.

हाल में बीजेपी में शामिल हुए भानुप्रताप

भवनाथपुर विधानसभा क्षेत्र में इस समय चारों ओर चुनावी रंग दिख रहे हैं. भाजपा प्रत्याशी के तौर पर पूर्व मंत्री भानुप्रताप शाही चुनाव मैदान में है. 40 साल के भानुप्रताप यहां के वर्तमान विधायक भी हैं. पिछला चुनाव उन्होंने नौजवान संघर्ष मोर्चा के टिकट पर जीता था. लेकिन हाल में बीजेपी में शामिल होकर इस बार वो बीजेपी के टिकट पर मैदान में हैं.

भानुप्रताप शाही का कहना है कि डबल इंजन की सरकार के कामकाज से प्रभावित होकर उन्होंने बीजेपी का दामन थामा है. भाजपा से बागी होकर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में भाग्य आजमा रहे अनंत प्रताप देव भी अपनी जीत का दावा कर रहे हैं. वहीं कांग्रेस प्रत्याशी के.पी.यादव की माने तो शहर से लेकर गांव तक के लोग भाजपा के प्रति आक्रोशित है, जिसका लाभ उनको मिलेगा.

यादव, ब्राह्मण और मुस्लिम वोटर्स हैं निर्णायक

भवनाथपुर विधानसभा क्षेत्र में यादव मतदाताओं की तादाद अच्छी है. हालांकि यहां से ज्यादातर सामान्य वर्ग के नेता ही जीतते रहे हैं. जबकि यहां सामान्य वर्ग का वोट सबसे कम है. यहां सबसे ज्यादा ओबीसी का वोट है, जिसका लाभ अधिकांश समय तक राजपरिवार को ही मिलता रहा. यादव, ब्राह्मण और मुस्लिम वोटर्स यहां निर्णायक साबित होते हैं.

चुनावी इतिहास 
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बिहार के वक्त यहां से जनता पार्टी के गिरिवर पांडे तीन बार विधायक हुए और मंत्री बने. उनके बाद जदयू के रामचंद्र केशरी विधायक और मंत्री बने. 2005 में नौजवान संघर्ष मोर्चा से भानुप्रताप शाही विधायक बनकर मंत्री बने. हालांकि 2009 में शाही हार गये और अनंत प्रताप देव कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीतकर विधायक बने. लेकिन 2014 में शाही ने फिर से यहां पर कब्जा जमाया.

वोटर्स

पुरुष- 2,01,004

महिला- 1,72,801

कुल मतदाता- 3,73,805

(रिपोर्ट- शैलेश कुमार)

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First published: November 19, 2019, 6:15 PM IST
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