Covid-19: पूरब में खतरे की घंटी; बंगाल, बिहार और झारखंड में बेकाबू हो रहा कोरोना
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Covid-19: पूरब में खतरे की घंटी; बंगाल, बिहार और झारखंड में बेकाबू हो रहा कोरोना
बंगाल, बिहार, झारखंड में कोरोना वायरस फैलने की रफ्तार राष्ट्रीय औसत से अधिक है.

कोरोना वायरस (Coronavirus) के मामले बंगाल (Bengal) में सबसे तेजी से दोगुने हुए हैं. बिहार (Bihar), झारखंड (Jharkhand) में भी हालात सही नहीं हैं. इन तीनों राज्यों में कोरोना वायरस का रीप्रोडक्शन राष्ट्रीय औसत से अधिक है. 

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 30, 2020, 7:27 PM IST
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नई दिल्ली. कोरोना वायरस (Coronavirus) वैसे तो पूरे देश में कहर बरपा रहा है, लेकिन इसका सबसे अधिक असर पश्चिमी राज्यों महाराष्ट्र (Maharashtra) और गुजरात (West Bengal) में देखने को मिल रहा है. इन दोनों राज्यों में सबसे अधिक लोग मारे गए हैं. कोरोना का यही कहर अब पूर्वी राज्यों में खतरनाक होता दिख रहा है. बंगाल (Bengal), बिहार (Bihar) और झारखंड (Jharkhand) कोरोना के नए डेंजर जोन के रूप में उभर रहे हैं. देश में अब तक 1080 लोगों की मौत कोरोना के कारण हुई है. महाराष्ट्र में 432, गुजरात में 197 और मध्य प्रदेश में 129 लोग कोरोना के कारण जान गंवा चुके हैं.

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक चेन्नई स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ मैथमैटिकल साइंस ने पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड के आंकड़ों का एनालिसिस किया है. इन तीन राज्यों में 29 अप्रैल तक कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या करीब 1200 थी. इन राज्यों में पिछले कुछ दिनों में सबसे तेजी से मामले बढ़े हैं.
बुधवार को बंगाल में 696, बिहार में 383 और झारखंड में 107 कोरोना पॉजिटिव केस थे. देश में 33 हजार से अधिक लोग कोरोना पॉजिटिव हैं. देश के 40% कोरोना पॉजिटिव लोग सिर्फ महाराष्ट्र (9915) और गुजरात (4082) में हैं. जबकि, बंगाल, बिहार, झारखंड में देश के 4% कोरोना पॉजिटिव लोग हैं.

आईएमएस में कोरोना के नंबर ट्रैक कर रहे टीम के सदस्य सीताभ्र सिन्हा ने कहा, ‘बंगाल, बिहार, झारखंड में ज्यादा संक्रमण नहीं है. इसलिए वो इसे बड़े खतरे के रूप में नहीं देख रहे हैं. लेकिन ऐसा करने की जरूरत है. खासकर बंगाल को. बंगाल में मार्च के आखिरी दिन कोरोना पॉजिटिव तीन लोग थे. बंगाल में कोरोना का ग्रोथ रेट चिंता पैदा करता है. ऐसा लग रहा है कि बंगाल, महाराष्ट्र की तर्ज पर आगे बढ़ रहा है.’
देश में औसतन कोरोना पेशेंट का रीप्रोडक्शन 1.29 है. यानी 100 मरीज 129 मरीज को संक्रमित कर रहे हैं. बंगाल में यह औसत 1.52 है. बिहार में 2.03 और झारखंड में 1.87 है. यानी, देश के अन्य राज्यों के मुकाबले बंगाल, बिहार और झारखंड में संक्रमित व्यक्ति दूसरों तक ज्यादा तेजी से वायरस फैला रहे हैं. इन तीन राज्यों के अलावा महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश, दिल्ली में भी कोरोना वायरस का रीप्रोडक्शन रेट राष्ट्रीय औसत से ज्यादा है. मध्य प्रदेश और आंध्र प्रदेश की स्थिति भी अच्छी नहीं है.


ऐसे में कहा जा सकता है कि देश का पूर्वी इलाका जो मार्च तक कोरोना से काफी बचा हुआ था, वह भी अप्रैल में डेंजर जोन की ओर बढ़ गया है. ऐसे में अगले कुछ हफ्ते यहां बेहद सतर्कता की जरूरत है. अगर सरकार या जनता के स्तर पर कहीं भी कोताही रह जाती है तो बंगाल, बिहार, और झारखंड भी महाराष्ट्र और गुजरात की दिशा में बढ़ सकते हैं.

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