अलवर: सर्जिकल वार्ड के मरीजों के साथ टीबी रोगियों के भर्ती होने से संक्रमण का खतरा बढ़ा

आरोप है कि अस्पताल में बने सर्जिकल वार्ड में ऑपरेशन के बाद भर्ती किए गए मरीजों के साथ ही टीबी के मरीजों को भी भर्ती किया जा रहा है. डॉक्टरों के इस लापरवाही के चलते वार्ड में संक्रमण का खतरा बना हुआ है.

Rajendra Prasad Sharma | News18 Rajasthan
Updated: December 20, 2018, 11:33 AM IST
अलवर: सर्जिकल वार्ड के मरीजों के साथ टीबी रोगियों के भर्ती होने से संक्रमण का खतरा बढ़ा
सर्जिकल वार्ड में ऑरेशन के बाद भर्ती मरीजों के साथ ही टीबी के मरीजों का इलाज किया जा रहा है.
Rajendra Prasad Sharma | News18 Rajasthan
Updated: December 20, 2018, 11:33 AM IST
राजस्थान में अलवर के सबसे बड़े राजकीय सामान्य चिकित्सालय में मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ किए जाने का मामला सामने आया है. आरोप है कि अस्पताल में बने सर्जिकल वार्ड में ऑपरेशन के बाद भर्ती किए गए मरीजों के साथ ही टीबी के मरीजों को भी भर्ती किया जा रहा है. डॉक्टरों के इस लापरवाही के चलते वार्ड में संक्रमण का खतरा बना हुआ है.

चिकित्सा प्रशासन की लापरवाही के चलते वार्डों में मौजूद चिकित्सा कर्मी मुक दर्शक बने हुए हैं. मरीज और उनके परिजनों का कहना है कि ऑपरेशन के बाद उनके मरीज को जिस वार्ड में भर्ती किया गया है उसी में टीबी से पीड़ित मरीजों को भी भर्ती किया जा रहा है. प्रशासन से शिकायत के बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है. जबकि टीबी के मरीजों के लिए बनाया गया फ्लोटिंग वार्ड पूरी तरह खाली है और उस पर ताला लगा हुआ.

वहीं इस संबंध में प्रमुख चिकित्सा अधिकारी भगवान सहाय का कहना है कि सामान्य चिकित्सालय में टीबी के मरीजों के लिए अलग वार्ड नहीं है. ऐसे में इन वार्डों में भी टीबी के मरीजों को रखना उनकी मजबूरी है. हालांकि उन्होंने कहा कि अस्पताल के जीर्णोद्धार के लिए 3,00,000 रुपए का बजट आया है, जिससे चार अलग बेड बनवाया जा सकता है ताकि टीबी के मरीजों को उसमें रखा जा सके.

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First published: December 20, 2018, 11:33 AM IST
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