Rajasthan: अब इतिहास को देखिये नजदीक से, विश्वस्तरीय अनूठा अभिलेख म्यूजिम, CM गहलोत आज करेंगे उद्घाटन
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Rajasthan: अब इतिहास को देखिये नजदीक से, विश्वस्तरीय अनूठा अभिलेख म्यूजिम, CM गहलोत आज करेंगे उद्घाटन
इतिहास में रुचि रखने वाले लोगों के लिये यह म्यूजियम किसी अद्वितीय खजाने से कम नहीं है.

सीएम अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) आज प्रदेश की जनता को एक अनूठी सौगात (Unique gift) सौंपेंगे. गहलोत बीकाणा में बनाये गये विश्वस्तरीय अभिलेख म्यूजियम (Record museum) का आज वीसी के जरिये ऑनलाइन उद्घाटन करेंगे.

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बीकानेर. प्रदेश के राज्य अभिलेखागार (State archives) में विश्वस्तरीय अनूठे म्यूजियम का सपना साकार हो गया है. करीब 4 करोड़ की लागत से बने इस अभिलेख म्यूजियम (Record museum) का सीएम अशोक गहलोत आज वीसी के जरिये ऑनलाइन उद्घाटन करेंगे. इस म्यूजियम के जरिए लोग इतिहास (History) को बेहद नजदीक से जान सकेंगे. राजा महाराजाओं के ऐतिहासिक दस्तावेजों को देख सकेंगे. म्यूजियम के अंदर 450 हिस्ट्रोरिकल अभिलेख रखे गए हैं.

कई दुर्लभ दस्तावेज सुरक्षित एवं संरक्षित किये गये हैं
इस म्यूजियम में प्रदेश की कला, संस्कृति, इतिहास और पुरातत्व से जुड़े कई दुर्लभ दस्तावेज सुरक्षित एवं संरक्षित किये गये हैं. म्यूजियम में राजा रजवाड़ों के समय के वे कई फरमान भी संजोये गये हैं, जिन्हें वे अपना आधिपत्य दर्शाने के लिये समय-समय पर जारी करते थे. इसके साथ ही शिवाजी के जीवन को भी साक्षात रूप से प्रदर्शित किया गया है कि किस तरह उन्होंने अपने शासनकाल में अपना जीवन बिताया.

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पुरंदर की संधि का पूरा वर्णन मिलेगा यहां


म्यूजियम में शिवाजी और औरंगजेब के बीच हुई पुरंदर की संधि का पूरा वर्णन रखा गया है. इस संधि का 22 फीट का दस्तावेज भी यहां रखा गया है. इस दस्तावेज में पुरंदर की संधि में क्या क्या शर्तें थी उसका पूरा विवरण है. वहीं महाराणा प्रताप के हल्दीघाटी के युद्ध को भी दर्शाया गया है. उस समय के किसानों और ब्राह्मणों के दिए जाने वाले ताम-पत्र भी म्यूजियम में रखे गए हैं.

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किसी खजाने से कम नहीं है
बीकाणा में बने इस अनूठे अभिलेख म्यूजियम के जरिए लोग आजादी से पूर्व के विविध राजपूत रजवाड़ों के मूल दस्तावेजों और मुगलकालीन इतिहास स्त्रोतों के विविध स्वरुपों की मूल्यवान श्रृंखलाओं के अद्वितीय खजाने को देख सकेंगे. वहीं इसमें मुगलकालीन फरमान, निशान, मंसूर, ताम्र-पत्र, रजत-पत्र, सियाह हुजुर, अखबार, वकील रिपोर्टस, बहियां, रुक्को परवानों और प्रदेश के स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष के दस्तावेज रखे गए हैं. इतिहास में रुचि रखने वाले लोगों के लिये यह किसी खजाने से कम नहीं है.
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