'पहले जूतों पर हाथ से लिखा था Addidas, आज वही ब्रांड मेरे नाम के जूता बनाता है- हिमा दास

'पहले जूतों पर हाथ से लिखा था Addidas, आज वही ब्रांड मेरे नाम के जूता बनाता है- हिमा दास
भारतीय स्प्रिंटर हिमा दास देश में इस खेल की पहचान बन चुकी है

हिमा दास (Hima Das) ने अंडर 20 वर्ल्ड चैंपियनशिप (World Championship) में गोल्ड मेडल जीत कर इतिहास रच दिया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 27, 2020, 7:41 AM IST
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नई दिल्ली. असम (Assam) के एक छोटे से गांव से निकलकर एथलीट हिमा दास ने अपना बड़ा नाम बनाया है. भारतीय एथलेटिक्स में उन्होंने एक नए युग की शुरुआत की. वह देश में इस खेल की नई पोस्टर गर्ल बनकर सामने आई है. हिमा ने अपनी जिंदगी में इस मुकाम तक पहुंचने के लिए बहुत मेहनत और संघर्ष किया है. फर्राटा धाविका हिमा दास (Hima Das) ने कहा कि उन्होंने ऐसा समय भी देखा है जब वह अपने साधारण जूते पर खुद से एडिडास लिखती थी लेकिन अब खेल सामग्री बनाने वाली यह बड़ी कंपनी उनकी जरूरत के हिसाब से जूते तैयार करती है जिस पर उनका नाम लिखा होता है.

पहली बार जूते मिलने पर उस पर लिखा था एडिडास
इंस्टाग्राम पर भारतीय क्रिकेटर सुरेश रैना (Suresh Raina) के साथ बातचीत के दौरान हिमा ने बताया कि जब वह पहली बार प्रतिस्पर्धी दौड़ में भाग लेने वाली थी तब उनके पिता ने साधारण स्पाइक वाले जूते खरीदे थे. कोविड-19 महामारी के कारण एनआईएस-पटियाला में फंसी 20 साल की इस धाविका ने कहा, ‘शुरुआत में मैं नंगे पांव दौड़ती थी. जब मैं पहली बार राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा ले रही थी तब मेरे पिता मेरे लिए स्पाइक्स वाले जूते ले आये थे. यह सामान्य जूते थे जिस पर मैंने खुद से एडिडास लिख दिया था. आप कभी नहीं जानते कि भविष्य में भाग्य क्या कर सकता है, एडिडास अब मेरे नाम के साथ जूते बना रहा है.’

फिनलैंड में हिमा ने रचा था इतिहास
हिमा (Hima) ने फिनलैंड में अंडर-20 विश्व चैम्पियनशिप 2018 (U20 World Championship) में 400 मीटर दौड में स्वर्ण जीतकर इतिहास रचा था. इसके बाद जर्मनी की इस शीर्ष कंपनी ने उन्हें अपना ब्रांड दूत बनाया था. कंपनी ने उनकी जरूरत के हिसाब से जूते बनाए, जिसमें एक तरफ उनका नाम और दूसरी तरफ ‘इतिहास रचें’ लिखा है. उन्होंने कहा कि लोगों ने 2018 एशियाई खेलों के बाद उनके खेल में ज्यादा दिलचस्पी लेना शुरू किया. इंडोनेशिया में हुए इन खेलों में हिमा ने व्यक्तिगत 400 मीटर में रजत के अलावा महिलाओं की 400 मीटर बाधा दौड और 400 मीटर की मिश्रित बाधा दौड़ में स्वर्ण पदक जीता था.



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