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डिफेंस एक्स्पो 2020ः 64 हजार पेड़ काटने के मामले में हाईकोर्ट सख्त, सरकार से मांगा जवाब

Rishabh Mani | News18 Uttar Pradesh
Updated: December 10, 2019, 8:34 AM IST
डिफेंस एक्स्पो 2020ः 64 हजार पेड़ काटने के मामले में हाईकोर्ट सख्त, सरकार से मांगा जवाब
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सरकार के वकीलों से कहा है कि इस संबंध में जानकारी जुटा कर अगली सुनवाई पर पेश करें. (फाइल फोटो)

याचिका में कहा गया है कि पहले से ही राज्य में प्रदूषण (Pollution) ज्यादा है और इतनी बड़ी तादाद में पेड़ाें को काटे जाने से ‌स्‍थितियां और खराब हो सकती हैं.

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लखनऊ. राजधानी में फरवरी 2020 में होने वाले डिफेंस एक्स्पो (Defemce Expo 2020) का मामला अब हाईकोर्ट (High Court) तक पहुंच गया है. हाईकोर्ट की लखनऊ (Lucknow Bench) बेंच ने डिफेंस एक्स्पो के लिए 64 हजार पेड़ काटे जाने के मामले में केंद्र और राज्य सरकार से जवाब मांगा है. कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार के वकीलों को सरकार से जानकारी लेने के बाद मंगलवार को कोर्ट को अवगत कराने का आदेश दिया है. मामले की अगली सुनवाई मंगलवार को भी जारी रहेगी.

ये आदेश जस्टिस पंकज कुमार जायसवाल और जस्टिस आलोक माथुर की बेंच ने अधिवक्ता मोतीलाल यादव की जनहित याचिका पर दिया. याचिका में डिफेंस एक्स्पो के लिए हनुमान सेतु से निशातगंज पुल के बीच, गोमती नदी के किनारे के 64 हजार पेड़ों को काटने की बात कही गई है. याची की दलील है कि राजधानी में पहले से ही प्रदूषण बढ़ा हुआ है इसलिए पेड़ों को काटने से रोकने की मांग की गई है. इसके साथ ही कोर्ट से डिफेंस एक्स्पो को किसी दूसरी जगह कराए जाने का भी आदेश देने की मांग की गई है.

डिफेंस एक्सपो का बदला प्लान
उधर डिफेंस एक्सपो के दौरान रिवर फ्रंट किनारे नेवी के कार्यक्रमों में आ रही दिक्कतों के मद्देनजर प्रशासन ने अब आयोजन स्थल को लेकर संशोधित प्लान तैयार किया है. अब बिना कोई पेड़ काटे एक्सपो का आयोजन किया जाएगा. यह संशोधित प्लान सेना को भेज दिया गया है. बता दें पांच फरवरी से होने जा रहे डिफेंस एक्सपो में नौसेना रिवर फ्रंट पर अपना दमखम दिखाएगी. इसके लिए प्रशासन ने हनुमान सेतु से खाटू श्याम मंदिर के बीच आयोजन के बीच आयोजन का प्लान किया था. वहां बड़े पैमाने पर एलडीए ने ग्रीन बेल्ट विकसित की है जिसको हटाने के लिए एनओसी को लेकर बीते कुछ दिनों से प्रशासनिक हलके में गतिविधियां चल रही थी. पर्यावरण संरक्षण को लेकर उठ रही सवालों के बाद प्रशासन ने यह फैसला किया ताकि हरियाली बचे रहे. मुख्य विकास अधिकारी के मुताबिक एक भी पेड़ हटाए बिना आयोजन कराने के प्रयास किए जा रहे हैं. प्रशासन की कोशिश है कि रिवर फ्रंट के आसपास हरियाली पर कोई संकट न आए.


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First published: December 10, 2019, 8:24 AM IST
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