प्रियंका के निजी सचिव संदीप सिंह की अर्जी पर HC ने मांगा जवाब, प्रवासी मजदूरों पर योगी सरकार की प्रशंसा
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प्रियंका के निजी सचिव संदीप सिंह की अर्जी पर HC ने मांगा जवाब, प्रवासी मजदूरों पर योगी सरकार की प्रशंसा
प्रियंका गांधी के निजी सचिव संदीप सिंह ने हाईकोर्ट में में अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की है. (File Photo)

प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) के निजी सचिव संदीप सिंह की अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि किसी राजनीतिक दल को ऐसे समय अपने निहित स्वार्थों के तहत काम नहीं करना चाहिए.

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लखनऊ. यूपी के प्रवासी मजदूरों (Migrant Laborers) के लिए राजस्थान से 1000 बस लाने के मामले में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) के निजी सचिव संदीप सिंह को हाईकोर्ट की तरफ से फिलहाल राहत नहीं मिली है. संदीप सिंह की अग्रिम जमानत याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने यूपी सरकार से 29 जून तक जवाब मांगा है.

शुक्रवार को याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने अहम टिप्पणी की. हाईकोर्ट ने कहा कि प्रवासी श्रमिकों को लाने की उत्साहजनक व्यवस्था यूपी सरकार ने की. किसी राजनीतिक दल को ऐसे समय अपने निहित स्वार्थों के तहत काम नहीं करना चाहिए. जस्टिस राजेश सिंह चौहान की बेंच ने यह टिप्‍पणी संदीप की अग्रिम जमानत अर्जी पर की. इसमें कहा गया कि यह कोई आपराधिक मामला नहीं है.

संदीप सिंह ने पिछले हफ्ते ही दाखिल की है याचिका
बता दें कि पिछले हफ्ते संदीप सिंह ने हाईकोर्ट में जमानत के लिए याचिका दाखिल की है. संदीप सिंह के खिलाफ लखनऊ के हजरतगंज कोतवाली में धोखाधड़ी की गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज है. याचिका में कहा गया है कि संदीप सिंह ने कोई आपराधिक कृत्य नहीं किया, राजनीतिक द्वेष के चलते दर्ज एफआईआर दर्ज की गई है.
प्रियंका गांधी के निजी सचिव संदीप सिंह ने HC में दाखिल की अग्रिम जमानत अर्जी



दरअसल, लॉकडाउन (Lockdown) में फंसे प्रवासी श्रमिकों को यूपी में उनके घर पहुंचाने के लिए बस को लेकर कांग्रेस और यूपी सरकार में तनातनी सामने आई थी. इस बीच, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के निजी सचिव संदीप सिंह और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू पर एफआईआर दर्ज की गई. अजय कुमार लल्लू हाल ही में जमानत पर जेल से रिहा हुए हैं.

बसों की लिस्ट में फर्जीवाड़ा का आरोप
यूपी सरकार का आरोप है कि बसों की लिस्ट में ऑटो, एंबुलेंस, बाइक के नंबर मिले थे. कुछ बसों के नंबर की पुष्टि ही नहीं हो पाई थी. जबकि कुछ बसों के नंबर चोरी के वाहन की होने की आशंका भी जाहिर की जा चुकी है. लखनऊ के हजरतगंज पुलिस ने धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज की थी.

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क्या है मामला
प्रियंका गांधी ने मई में ट्वीट कर कहा था कि हजारों श्रमिक, प्रवासी भाई-बहन बिना खाए भूखे-प्यासे पैदल दुनिया भर की मुसीबतों को उठाते हुए अपने घरों की ओर चल रहे हैं. यूपी के हर बॉर्डर पर बहुत मजदूर मौजूद हैं. ऐसे में प्रिंयका ने प्रवासी श्रमिकों के लिए 1000 बसें भेजने के लिए प्रदेश सरकार से अनुमति मांगी थी. पहले योगी सरकार ने इस मांग को ठुकरा दिया था, लेकिन बाद में स्वीकार कर लिया. इसके बाद उत्तर प्रदेश शासन ने प्रियंका के कार्यालय से 1000 बसों और चालकों के विवरण की मांग की थी. इसी के बाद यह मामला सामने आया.

इनपुट: ऋषभ मणि त्रिपाठी
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