Advertisement
होमताजा खबरउत्तर प्रदेशलखनऊ
यूपी में 30 जून तक हैंड सैनिटाइजर बेचने के लिए लाइसेंस की जरूरत नहीं

Covid-19: UP में 30 जून तक हैंड सैनिटाइजर बेचने के लिए लाइसेंस की जरूरत नहीं

Last Updated:

प्रमुख सचिव खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन अनीता सिंह ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है. ये आदेश 30 जून तक प्रभावी रहेंगे. इसमें कहा गया है कि स्थानीय औषधि निरीक्षक आवश्यकता पड़ने पर जांच कर सकेगा और निर्धारित मूल्य पर ही सैनेटाइजर (Sanitizer) बेचे जाएंगे.

यूपी में 30 जून तक हैंड सैनिटाइजर बेचने के लिए लाइसेंस की जरूरत नहींZoom
कोरोना वायरस से निपटने के लिए मिलने वाले सैनेटाइजर्स में अल्‍कोहल की मात्रा 70 फीसदी से अधिक रखी गई है. ऐसे में आग या अधिक गर्मी की वजह से विस्फोट हो सकता है
लखनऊ. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में हैंड सैनिटाइजर (Hand Sanitizer) बेचने के लिए लाइसेंस (License) की अनिवार्यता स्थगित कर दी गई है. कोरोना महामारी के चलते लॉकडाउन (Lockdown) को देखते हुए उत्तर प्रदेश शासन ने ये निर्णय लिया है. अब मेडिकल स्टोर के अलावा जनरल स्टोर और अन्य दुकानों पर भी सैनेटाइजर बेचे जा सकेंगे. प्रमुख सचिव खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन अनीता सिंह ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है. ये आदेश 30 जून तक प्रभावी रहेंगे.  इसके अलावा स्थानीय औषधि निरीक्षक आवश्यकता पड़ने पर जांच कर सकेगा और निर्धारित मूल्य पर ही सैनेटाइजर बेचे जाएंगे.
आदेशों में कहा गया है कि कोरोना वैश्विक महामारी को देखते हुए प्रदेश में 30 जून तक औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम-1940, औषधि एवं प्रसाधन सामग्री नियमावली, 1945 के शेड्यूल-के (12) और सुसंगत प्रावधानों के अंतर्गत हैंड सैनिटाइजर के खुदरा विक्रय के लिए औषधि विक्रय लाइसेंस की अनिवार्यता को तत्काल प्रभाव से शिथिल करते हुए मेडिकल स्टोर, जनरल स्टोर आदि के माध्यम से बिक्री की अनुमति दी जाती है.

सैनिटाइजर को लेकर आदेश जारी

प्रवासी मजदूरों को 15 दिन मुफ्त राशन, 1000 रुपए की मदद
उधर योगी सरकार ने ऐलान किया है कि प्रवासी मजदूरों को 15 दिन का मुफ्त राशन देने के साथ 1000-1000 रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी. आश्रय स्थलों में रहने वालों का वहीं पर पंजीकरण करने के बाद यह पैसा सीधे उनके खाते में दिया जाएगा. सीएम योगी ने अफसरों को निर्देश दिए कि इन श्रमिकों, कामगारों की स्क्रीनिंग व टेस्टिंग कराई जाए. इसके बाद बस द्वारा सभी को इनके जनपदों में भेजा जाएगा.
Advertisement
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को शेल्टर होम को सेनिटाइज कर सभी के लिए ताजे व भरपेट भोजन की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है. वहीं, 14 दिन की क्‍वारंटाइन अवधि पूरी करने के बाद सबको राशन किट और 1000-1000 रुपये भरण-पोषण भत्ते के तौर पर दी जाएगी.
45 दिनों में राज्य में आए श्रमिकों को मिलेगा लाभ
इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले 45 दिनों में राज्य में आए पांच लाख श्रमिकों को रोजगार देने के लिए एक समिति का गठन करने का भी निर्देश दिया था. उनके निर्देश पर समिति का गठन कर दिया गया है. रविवार को अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) अवनीश अवस्थी ने इसकी जानकारी दी. सीएम योगी ने देश के विभिन्न हिस्सों से पिछले 45 दिनों में राज्य में लौटे श्रमिकों के हित में यह फैसला लिया है.
इनपुट: अजीत सिंह
ये भी पढ़ें:
Click here to add News18 as your preferred news source on Google.
न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। उत्तर प्रदेश की ताजा खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें|
और पढ़ें