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दिल्ली में डबल डेकर बस रिटर्न्स: संसद से लेकर इंडिया गेट तक घुमाएगी, जानें सब

दिल्ली में डबल डेकर बस रिटर्न्स: संसद से लेकर इंडिया गेट तक घुमाएगी, ₹500 का टिकट, रूट-बुकिंग सब जानें

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दिल्लीवालों का लंबा इंतजार खत्म होने वाला है. दिल्ली की सड़कों पर एक बार फिर से आइकॉनिक डबल डेकर बसें फर्राटे भरने के लिए तैयार हैं. शुक्रवार यानी 27 फरवरी से हेरिटेज टूरिस्ट डबर डेकर बस सर्विस फिर से शुरू होने जा रही है. इसका उद्घाटन मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता करेंगी. ये पूरी तरह इलेक्ट्रिक, ओपन-टॉप बसें तिरंगे के रंग में रंगी होंगी. ये बसें दिल्ली के प्रमुख पर्यटन की यात्रा कराएंगी. चलिए जानते हैं, इन बसों की टिकट के बुकिंग के क्या नियम हैं, साथ ही ये भी पता करेंगे कि ये किन-किन रूट्स पर फर्राटे भरेंगी, लोगों को इन बस पर क्या सर्विस मिलने वाली है, सारी जानकारी विस्तार से दी जाएगी. (सभी तस्वीरें एआई से बनाई गईं हैं)

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अगर आप 80 के दशक की दिल्ली को याद करते हैं, तो लाल-हरी डबल डेकर बसों की याद आपको ज़रूर आती होगी. वो बसें, जिनके ऊपरी डेक पर बैठने के लिए मारामारी होती थी. खिड़की से आती हवा दिल को ठंडक पहुंचाती थीं. अब, लगभग चार दशकों के लंबे वनवास के बाद, दिल्ली सरकार उन सुनहरी यादों को एक नए, आधुनिक और चमचमाते अवतार में वापस ला रही है.
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शुक्रवार यानी 27 फरवरी 2026, दिल्ली के इतिहास में एक नया पन्ना जुड़ेगा. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता विजय चौक से इन आइकॉनिक डबल डेकर बसों की हेरिटेज टूरिस्ट सर्विस का भव्य फ्लैग-ऑफ (उद्घाटन) करेंगी. विजय चौक को इस ऐतिहासिक पल के लिए इसलिए चुना गया है क्योंकि यहां से पूरा कर्तव्य पथ और सेंट्रल विस्टा एक नज़र में दिखाई देता है.
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अगर आप सोच रहे हैं कि वही पुरानी धुंआ छोड़ती बसें वापस आ रही हैं, तो आप गलत हैं. यह दिल्ली सरकार के सस्टेनेबल मोबिलिटी प्लान का हिस्सा है. ये नई बसें पूरी तरह इलेक्ट्रिक हैं, यानी जीरो एमिशन, पूरी तरह शांत और पर्यावरण के अनुकूल. सबसे खास बात है इनका ओपन-टॉप' मॉडल. बस के ऊपरी हिस्से में बैठकर पर्यटक राजधानी के सेंट्रल विस्टा और नेशनल लैंडमार्क्स को एक नई ऊंचाई से बिना किसी रुकावट के देख सकेंगे.
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बस में लिखा है- 'एक नई दिल्ली एक नया अनुभव.' इस बस को सिर्फ चलाया नहीं जा रहा है, इसे दिल्ली की पहचान के रूप में पेश किया जा रहा है. बस को प्रमुखता से तिरंगे रंग में पेंट किया गया है, जो देशभक्ति और दिल्ली के गौरव को दर्शाता है. बस के बाहरी हिस्से पर दिल्ली के आइकॉनिक स्पॉट्स की ब्राइट इमेज (चमकदार तस्वीरें) लगी हैं, जिनमें इंडिया गेट, दिल्ली सचिवालय, यशोभूमि, संसद भवन, भारत मंडपम और लोटस टेम्पल शामिल हैं.
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बस पर बड़े अक्षरों में लिखा गया है- 'एक नई दिल्ली एक नया अनुभव', जो पर्यटकों को दिल्ली को एक नए नज़रिए से देखने का वादा करता है. यह सिर्फ एक सफर नहीं, बल्कि एक गाइडेड टूर होगा. बस में हर वक्त एक लाइव गाइड मौजूद रहेगा, जो हर स्टॉप पर दिल्ली के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व की कमेंट्री करेगा.
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यह एक 'क्लोज्ड सर्किट' टूर है, जो प्रधानमंत्री संग्रहालय से शुरू होकर सेंट्रल दिल्ली के गौरवशाली स्थलों से गुजरेगा. पर्यटक ऊपर बैठकर पूरा लोकतंत्र का हब देखेंगे. इनके रूट्स हैं- प्रधानमंत्री संग्रहालय → कर्तव्य पथ → नेशनल वॉर मेमोरियल → भारत मंडपम → नया संसद भवन परिसर → दिल्ली हाट और विजय चौक, इंडिया गेट एरिया जैसे सेंट्रल विस्टा लैंडमार्क्स.
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जेब पर कितना पड़ेगा असर? दिल्ली सरकार ने इसकी टिकट प्राइसिंग (फिक्स्ड) बहुत ही सुविचारित रखी है, जिसमें गाइडेड टूर की फीस भी शामिल है. वयस्क के लिए ₹500 रुपये किराये तय किए गए हैं. वहीं, आपके बच्चे की उम्र 6 से 12 साल के बीच है तो उनके लिए आपको ₹300 चुकाने होंगे.
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बुकिंग जल्द ही डीटीसी/दिल्ली टूरिज्म ऐप या काउंटरों पर शुरू होने की उम्मीद है. बस की टाइमिंग सुबह और शाम दोनों के टूर के लिए होगी. शाम का टूर लगभग 6 बजे शुरू होगा, जो म्यूजियम बंद होने के बाद चलेगा, जिससे पर्यटक जगमगाती दिल्ली का मजा ले सकेंगे. हालांकि 'होप-ऑन-हॉप-ऑफ' मॉडल की चर्चा है, लेकिन अभी यह फिक्स्ड सर्किट पर ही चलेगी.
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दिल्ली में डबल डेकर बसों की शुरुआत 1960-70 के दशक में DTC की सुविधा सर्विस के रूप में हुई थी. उनका लाल-हरा रंग और चांदनी चौक, कनॉट प्लेस, आईटीओ तक का सफर दिल्लीवालों की दिनचर्या का हिस्सा था. लेकिन 1986-1989 के आसपास इन्हें पूरी तरह बंद कर दिया गया. इसके कारण थे महंगा रखरखाव, सुरक्षा मुद्दे, कुछ हादसे और पुरानी दिल्ली की संकरी सड़कें, जहां ओवरहेड तारों और पेड़ों से दिक्कत होती थी.
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अब 37-40 साल बाद ये बसें वापस आई हैं. ये बसें नए अवतार लौटी हैं. यह टूरिस्ट और इलेक्ट्रिक अवतार है. ये रोजमर्रा की पब्लिक ट्रांसपोर्ट नहीं होंगी. इसका मकसद घरेलू और विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करना, सस्टेनेबल टूरिज्म बढ़ाना और दिल्ली को एक ग्लोबल डेस्टिनेशन बनाना है.
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