मैंने तो पहले ही कहा था...वर्ल्ड चैंपियन बनने पर शेफाली का पहला रिएक्शन, वाइल्ड कार्ड एंट्री और ले उड़ीं बड़ा अवॉर्ड
Shafali verma reactions: शेफाली वर्मा भारत को विश्व चैंपियन बनाने में अपनी योगदान देकर खुश हैं. विश्व विजेता बनने के बाद शेफाली ने कहा कि उन्होंने पहले ही कहा था कि भगवान ने उन्हें कुछ करने के लिए यहां भेजा है और उन्होंने वो काम कर दिया है. शेफाली की टूर्नामेंट के बीच में टीम में एंट्री हुई थी. तभी शेफाली ने कहा था कि उन्हें भगवान ने यहां भेजा है.
- शेफाली में 87 रन की पारी खेली
- भारतीय ओपनर ने 2 विकेट भी चटकाए
- शेफाली को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया
नई दिल्ली. आईसीसी महिला विश्व कप जीतकर भारत ने इतिहास रच दिया. इस ऐतिहासिक जीत में इक्कीस साल की क्रिकेटर शेफाली वर्मा ने अहम भूमिका निभाई. शेफाली ने पहले बल्लेबाजी और फिर गेंदबाजी में कमाल का प्रदर्शन कर भारत को पहली बार विश्व चैंपियन बना दिया. फॉर्म में चल रही सलामी बल्लेबाज प्रतिका रावल के चोटिल होने के कारण नॉकआउट में टीम में शामिल हुई शेफाली ने कहा कि इस पल को वह शब्दों में बयां नहीं कर सकती कि उन्हें इस समय कैसा महसूस हो रहा है. दाएं हाथ की इस ब्ललेबाज ने तेजतर्रार 87 रन की पारी खेलने के बाद गेंदबाजी में दो विकेट भी चटकाए. उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया.
शेफाली वर्मा (Shafali Verma) ने प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड जीतने के बाद कहा, ‘भगवान ने यहां कुछ करने के लिए भेजा था. इस अहसास को बयां नहीं कर सकती. सीधे नॉकआउट में आना मुश्किल था. लेकिन भरोसा था. परिवार का पूरा सहयोग था. फाइनल बहुत महत्वपूर्ण था. यह यादगार क्षण है.’ शेफाली पर कप्तान हरमनप्रीत कौर ने पूरा भरोसा जताया. हरमनप्रीत ने शेफाली को टीम में शामिल करते ही उन्हें सेमीफाइनल में खेलने का मौका दिया.इसके बाद शेफाली को फाइनल में उतरा जहां उन्होंने इतिहास रच दिया.
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‘हरमन दीदी ने कहा कि अपना नैचुरल गेम खेलो’
शेफाली वर्मा ने कहा कि आज योजना स्पष्ट थी, खुश हूं कि इसके मुताबिक खेल पाई क्योंकि सभी सीनियर ने कहा था कि अपना गेम खेलो.यह कठिन था लेकिन मुझे खुद पर भरोसा था कि अगर मैं शांत रह सकी, तो मैं सब कुछ हासिल कर सकती हूं. मेरे माता-पिता, मेरे दोस्त, मेरे भाई, सभी ने मेरा सपोर्ट किया और मुझे यह समझने में मदद की कि कैसे खेलना है. यह मेरी टीम और मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण था और मैं बस अपनी टीम को जीत दिलाना चाहती थी. मेरा मन साफ था और मैंने अपनी योजनाओं पर काम किया. बहुत खुशी हुई कि मैं इसे अंजाम दे सकी. हरमन दीदी ने मेरा काफी सपोर्ट किया.उन्होंने शुरू से ही मुझे अपना स्वाभाविक खेल खेलने को कहा.’
‘हमारी टीम जीत की हकदार थी’
दूसरी ओर, भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को हराकर आईसीसी वनडे विश्व कप ट्रॉफी जीतकर इतिहास रचने के बाद कहा कि इस जीत का श्रेय टीम की हर सदस्य को जाता है. हरमनप्रीत की अगुआई वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने दक्षिण अफ्रीका को 52 रन से हराकर पहली आईसीसी ट्रॉफी जीती. हरमनप्रीत ने मैच के बाद कहा, ‘पूरा श्रेय टीम को, टीम की हर सदस्य को जाता है. हमने लगातार तीन मैच गंवा दिए थे लेकिन इसके बाद जिस तरह से हम खेले. हम जानते थे कि हम चीजों को बदल सकते हैं. हमने खुद पर भरोसा रखा और सकारात्मक रहे. यह टीम जीत की हकदार थी. बीसीसीआई और दर्शकों को समर्थन करने का श्रेय जो उतार चढाव में हमेशा हमारे साथ रहे.’
