क्या है पटौदी ट्रॉफी? जिसके लिए सचिन को अपना तेंदुलकर नाम आगे बढ़ाना भी मंजूर नहीं, ताकि जिंदा रहे विरासत
India Vs England Pataudi Trophy: भारत और इंग्लैंड टेस्ट सीरीज 20 जून से शुरू हो रही है लेकिन अभी यह तय नहीं है कि विजेता को कौन सी ट्रॉफी दी जाएगी.
India Vs England Pataudi Trophy: भारत और इंग्लैंड टेस्ट सीरीज के विजेता को इस बार कौन सी ट्रॉफी दी जाएगी. इस बात पर कन्फ्यूजन हो गया है. भारत और इंग्लैंड के बीच 5 मैचों की टेस्ट सीरीज 20 जून से शुरू होगी. अब सीरीज शुरू होने में पांच दिन भी बाकी नहीं हैं, लेकिन कप्तान शुभमन गिल या बेन स्टोक्स यह नहीं जानते हैं कि सीरीज जीतने पर उनके हाथ में कौन सी ट्रॉफी आएगी. आइए जानते हैं कि यह कन्फ्यूजन की स्थिति क्यों पैदा हुई और आगे क्या संभावना है.
यह कन्फ्यूजन बीसीसीआई और ईसीबी के एक फैसले के बाद हुआ है. भारतीय क्रिकेट बोर्ड और इंग्लिश क्रिकेट बोर्ड पिछले दिनों इस बात पर सहमत हुए थे कि पहले दी जाने वाली ट्रॉफी को या तो बदल दिया जाए या इसका नाम बदला जाए. साल 2007 में पटौदी ट्रॉफी की शुरुआत हुई थी. इंग्लैंड में खेली गई सीरीज के विजेता टीम को पहली बार पटौदी ट्रॉफी दी गई थी. सीरीज कप्तान राहुल द्रविड़ की टीम जीती थी. इसके बाद 2022-23 तक इंग्लैंड जब भी भारत की मेजबानी करता तो टेस्ट सीरीज के विजेता को पटौदी ट्रॉफी दी जाती रही.
साल 2025 में बीसीसीआई और इंग्लिश क्रिकेट बोर्ड ने फैसला किया कि विजेता को अब पटौदी ट्रॉफी की जगह तेंदुलकर-एंडरसन ट्रॉफी दी जाएगी. यह एक तरह से पूर्व कप्तान इफ्तिखार अली खान पटौदी और मंसूर अली खान पटौदी का अपमान था. इफ्तिखार अली खान भारत और इंग्लैंड दोनों देशों के लिए खेलने वाले क्रिकेटर थे. उनके बेटे मंसूर अली खान भारत के महान कप्तानों में गिने जाते हैं. पता नहीं बीसीसीआई ने जब पटौदी विरासत को 2025 में एक तरह से खत्म करने का निर्णय लिया तो लोग क्यों खामोश रहे.
शायद फैंस की खामोशी की एक वजह यह भी थी कि पटौदी ट्रॉफी की जगह सचिन तेंदुलकर के नाम पर ट्रॉफी दी जानी थी, जो मास्टर ब्लास्टर का सम्मान था. अब बोर्ड समझे या ना समझे, सचिन तो खिलाड़ी हैं. वे जानते हैं कि सम्मान कैसे किया जाता है. शायद इसीलिए उन्होंने पटौदी विरासत बररकरार रखने की अपील की है.
अब देखना है कि सचिन की अपील कितना रंग लाती है. पर यह तय है कि सचिन किसी की लकीर छोटी कर अपनी लकीर बड़ी नहीं करना चाहते. सचिन की अपील के बाद तेंदुलकर-एंडरसन ट्रॉफी की लॉन्चिंग टल गई है.
