पीएम मोदी ने बिहार के युवाओं के लिए शुरू की एक से बढ़कर एक योजनाएं, 62,000 करोड़ रुपये का है प्रोजेक्ट
PM Narendra Modi: बिहार में इस साल विधानसभा चुनाव होने वाला है. बिहार केंद्र और राज्य की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकारों की कई विकास और कल्याणकारी पहलों के केंद्र में रहा है. प्रधानमंत्री ने जन नायक कर्पूरी ठाकुर कौशल विश्वविद्यालय का भी उद्घाटन किया जिसका उद्देश्य वैश्विक स्तर....
पटना: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बिहार पर विशेष जोर देते हुए 62,000 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न युवा-केंद्रित पहलों का शनिवार को अनावरण किया. मोदी ने 60,000 करोड़ रुपये के निवेश के साथ एक केंद्र प्रायोजित योजना पीएम-सेतु (प्रधानमंत्री कौशल विकास एवं रोजगार योग्यता परिवर्तन उन्नत आईटीआई के जरिये) की शुरुआत की. इस योजना में 1,000 सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) को ‘हब-एंड-स्पोक’ मॉडल में उन्नत करने की परिकल्पना की गई है जिसमें 200 ‘हब’ आईटीआई और 800 ‘स्पोक’ आईटीआई शामिल हैं.
‘हब एंड स्पोक’ मॉडल एक वितरण प्रणाली है जो साइकिल के पहिये की तरह काम करती है जिसमें एक ‘हब’ (केंद्र) होता है जो सभी ‘स्पोक’ (छोटे, सहायक स्थानों) को आपस में जोड़ता है. प्रत्येक ‘हब’ औसतन चार ‘स्पोक’ से जुड़ा होगा जिससे उन्नत बुनियादी ढांचे, आधुनिक उद्यमों, डिजिटल शिक्षण प्रणालियों और इनक्यूबेशन सुविधाओं से सुसज्जित संकुलों का निर्माण होगा. प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने कहा, ‘‘सामूहिक रूप से पीएम-सेतु भारत के आईटीआई पारिस्थितिकी तंत्र को फिर से परिभाषित करेगा, इसे सरकारी स्वामित्व वाला लेकिन उद्योग-प्रबंधित बनाएगा और इसमें विश्व बैंक एवं एशियाई विकास बैंक से वैश्विक सह-वित्तपोषण सहायता भी मिलेगी.’’
बयान के मुताबिक योजना के कार्यान्वयन के पहले चरण में बिहार के पटना और दरभंगा में आईटीआई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. इसमें कहा गया कि कार्यक्रम का विशेष बल बिहार में परिवर्तनकारी परियोजनाओं पर होगा जो राज्य की समृद्ध विरासत और युवा जनसांख्यिकी को प्रतिबिंबित करेगा. मोदी ने बिहार की संशोधित ‘मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना’ की भी शुरुआत की जिसके तहत हर साल लगभग पांच लाख स्नातकों को दो साल तक 1,000-1,000 रुपये का मासिक भत्ता मिलेगा और मुफ्त कौशल प्रशिक्षण भी दिलाया जाएगा.
उन्होंने नए सिरे से तैयार की गई ‘बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड’ योजना की भी शुरुआत की जिसके तहत चार लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त शिक्षा ऋण उपलब्ध कराया जाएगा. इस योजना के तहत 3.92 लाख से अधिक छात्र पहले ही 7,880 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण प्राप्त कर चुके हैं. बयान के मुताबिक मोदी ने राज्य में युवा सशक्तीकरण को और मजबूत करने के लिए बिहार युवा आयोग का औपचारिक उद्घाटन किया जो 18 से 45 वर्ष की आयु के लोगों के लिए एक वैधानिक आयोग है. इसका उद्देश्य राज्य की युवा आबादी की क्षमता का उपयोग करना है.
बिहार में इस साल विधानसभा चुनाव होने वाला है. बिहार केंद्र और राज्य की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकारों की कई विकास और कल्याणकारी पहलों के केंद्र में रहा है. प्रधानमंत्री ने जन नायक कर्पूरी ठाकुर कौशल विश्वविद्यालय का भी उद्घाटन किया जिसका उद्देश्य वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी कार्यबल तैयार करने के लिए उद्योग-उन्मुख पाठ्यक्रम और व्यावसायिक शिक्षा प्रदान करना है. पीएम मोदी ने बिहार में युवाओं के लिए विभिन्न योजनाओं की शुरुआत करते हुए कहा कि यह उनके उज्ज्वल भविष्य की गारंटी है. इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि हमारे आईटीआई ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लिए कार्यशालाएं हैं.
बिहार में इस साल होने हैं विधानसभा चुनाव
मोदी ने बिहार के लिए कई परियोजनाओं समेत युवा केंद्रित शिक्षा एवं कौशल विकास पहलों के उद्घाटन कार्यक्रम में कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी परोक्ष निशाना साधा जिन्हें कांग्रेस के सदस्य अक्सर ‘जननायक’ कहते हैं. जननायक शब्द का इस्तेमाल ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) नेता और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर के लिए किया जाता रहा है. मोदी ने गांधी का नाम लिए बिना कहा कि कुछ लोगों द्वारा ठाकुर से जुड़े सम्मान को ‘‘चुराने’’ के प्रयासों के प्रति बिहार के लोगों को सतर्क रहना चाहिए. उन्होंने कहा कि ठाकुर को ‘सोशल मीडिया ट्रोल’ ने जननायक की उपाधि नहीं दी बल्कि यह उनके प्रति लोगों के प्रेम का प्रतीक है.
मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने दिवंगत ओबीसी नेता को पिछले साल भारत रत्न से सम्मानित किया था. मोदी ने मुख्यमंत्री नीतीश की प्रशंसा करते हुए कहा कि बिहार सरकार ने राज्य के विकास के लिए नए संकल्प लिए हैं और पिछले 20 साल की तुलना में अगले पांच वर्ष में रोजगार पाने वाले लोगों की संख्या को दोगुना करने का निर्णय लिया है. राज्य में जारी विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान पलायन के मुद्दे के जोर पकड़ने के बीच प्रधानमंत्री ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बिहार के युवाओं को राज्य में ही रोजगार मिले.
उन्होंने राजद सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि युवाओं की वर्तमान पीढ़ी इस बात से शायद अवगत नहीं होगी कि 20-25 साल पहले शिक्षा व्यवस्था को कितना बर्बाद किया गया था. मोदी ने कहा कि स्कूल नहीं खुलते थे और बहुत कम भर्तियां होती थीं तथा छात्रों को राज्य छोड़कर दूसरे शहरों में जाने के लिए मजबूर होना पड़ता था. उन्होंने कहा कि पलायन की असली शुरुआत यहीं से हुई थी.
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) न केवल औद्योगिक शिक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र हैं बल्कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लिए कार्यशालाओं का भी काम करते हैं. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने पिछले दशक में 5,000 आईटीआई खोले हैं जबकि 2014 तक 10,000 आईटीआई खोले गए थे.
